खबरनवीसों के बीच यह भी चर्चा थी कि एयरपोर्ट से उतरते ही अभिजीत दीपके ने पहला फोन वामपंथियों को मिलाया। इससे आजादी मांगने वाला गैंग सक्रिय हो गया और वह जंतर-मंतर पर पहुंचा। वहीं पांच बजे तक प्रदर्शन की अनुमति मांगने वाले अभिजीत तीन बजे तक भी तपिश बर्दाश्त नहीं कर सके और एसी कार में बैठकर चलते बने।
कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अमेरिका से जैसे ही दिल्ली उतरे उन्होंने तुरंत अपने आप को वीवीआईपी समझना शुरू कर दिया। उन्होंने एयरपोर्ट पर उतरते ही सबसे पहले वामपंथी नेता को फोन मिलाया। उनसे सलाह भी मांगी, इसका असर भी देखने को मिला। लेफ्ट से जुड़ा छात्र संगठन अभिजीत के इस प्रोटेस्ट के अंदर आए और टुकड़े-टुकड़े गैंग जो आजादी -आजादी के नारे लगाता है वो जंतर- मंतर पर भी सुनाई दिए।
ब्राह्मणवाद को इच्छाधारी शैतान, और भगवान राम प्रभु श्री कृष्ण को मांसाहारी” बताने वाले CJP के प्रवक्ता विजेता दाहिया को जंतर मंतर में प्रदर्शन के दौरान कुछ लोगों ने रोक लिया। लोगों ने विजेता दाहिया से कड़े सवाल पूछे। कार में बैठकर भागते दिखे विजेता दाहिया।














