नई दिल्ली /महाराष्ट्र: नासिक में टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) से जुड़े यौन उत्पीड़न और कन्वर्जन मामले में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। 23 साल की हिंदू पीड़िता ने जांचकर्ताओं को बताया है कि हिंदू धर्म बदलने के लिए उस पर किस तरह का दबाव बनाया गया। उसका ब्रेनवॉश करने के लिए उसे पाकिस्तानी मौलवियों और विवादित इस्लामिक उपदेशकों के वीडियो बार-बार देखने के लिए कहा जाता था। इस मामले की जांच स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) कर रही है। SIT द्वारा दायर चार्जशीट में कन्वर्जन की इस साजिश के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई है।
भजन सुनना और मंदिर जाना छोड़ दो…अल्लाह हमारे साथ है
देवलाली कैंप पुलिस स्टेशन में दर्ज केस की चार्जशीट में कई खुलासे हुए हैं। इसमें बताया गया है कि कन्वर्जन के मुख्य आरोपी दानिश शेख ने शादी का झांसा देकर पीड़िता हिंदू लड़की का यौन शोषण किया। उसने पीड़िता को हिंदू मान्यताओं से दूर करने की कोशिश की थी। दानिश ने पीड़िता से कहा था कि डरो मत, मुझ पर भरोसा रखो, अल्लाह हमारे साथ है। भगवान के भजन सुनना और मंदिर जाना छोड़ दो, इससे तुम्हारा तनाव कम हो जाएगा।
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आरोपी ने हिंदू लड़की को दी इस्लामिक तरीके से इबादत की सलाह
आरोपी दानिश ने मानसिक तनाव कम करने के लिए पीड़िता हिंदू लड़की को तस्बीह पढ़ने और इस्लामिक तरीके से इबादत करने की भी सलाह दी थी। पीड़िता ने बताया कि आरोपी दानिश ने अपने साथियों- तौसीफ अत्तार और निदा खान को उसे इस्लाम की जानकारी देने का काम सौंपा था। तौसीफ अत्तार ने पीड़िता को यूट्यूब पर जाकिर नाइक, पाकिस्तानी मौलवी तारिक जमील और पाकिस्तानी इस्लामिक विद्वान डॉ. इसरार अहमद के वीडियो खोजने और उनके भाषण सुनने का निर्देश दिया था। इस मामले में हुई एफआईआर में बताया गया है कि कन्वर्जन की दूसरी आरोपी निदा खान एक व्हाट्सएप ग्रुप के जरिए कर्मचारियों को निशाना बनाती थी। वह महिला कर्मचारियों पर नमाज पढ़ने, नॉन-वेज खाने और इस्लामिक तौर-तरीकों के हिसाब से कपड़े पहनने व व्यवहार करने का दबाव डालती थी।












