ग्रामीण विकास और सुशासन के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाली देशभर की 42 पंचायतों को बुधवार (3 जून) को राष्ट्रीय पंचायत पुरस्कार 2025 से सम्मानित किया गया। नई दिल्ली में आयोजित समारोह में केंद्रीय पंचायती राज और मत्स्य पालन, पशुपालन एवं डेयरी मंत्री राजीव रंजन सिंह ने विजेता पंचायतों को पुरस्कार प्रदान किए। समारोह में दीन दयाल उपाध्याय पंचायत सतत विकास पुरस्कार श्रेणी के अंतर्गत 34 ग्राम पंचायतों और नानाजी देशमुख सर्वोत्तम पंचायत सतत विकास पुरस्कार श्रेणी के अंतर्गत 8 पंचायतों को सम्मानित किया गया। इन पंचायतों को ग्रामीण विकास, जनभागीदारी, सामाजिक समावेशन और सतत विकास के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्यों के लिए चुना गया। पुरस्कार प्राप्त पंचायतों को राष्ट्रीय ग्राम स्वराज अभियान के तहत संचालित पंचायत प्रोत्साहन योजना के माध्यम से 50 लाख रुपये से लेकर 5 करोड़ रुपये तक की प्रोत्साहन राशि प्रदान की गई। इस राशि का उपयोग पंचायतों में विकास कार्यों और स्थानीय शासन को और मजबूत बनाने के लिए किया जाएगा।
ग्रामीण भारत में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी
इस अवसर पर केंद्रीय मंत्री राजीव रंजन सिंह ने कहा कि पुरस्कार प्राप्त 42 पंचायतों में से 22 पंचायतों का नेतृत्व महिलाएं कर रही हैं, जो ग्रामीण भारत में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी और नेतृत्व क्षमता का सशक्त उदाहरण है। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि समावेशी और प्रभावी स्थानीय शासन की दिशा में महत्वपूर्ण बदलाव को दर्शाती है। उन्होंने आगे कहा कि ये पुरस्कार जमीनी स्तर पर लोकतंत्र की बढ़ती ताकत और विकसित भारत के लक्ष्य को साकार करने में पंचायतों की महत्वपूर्ण भूमिका को प्रतिबिंबित करते हैं।
विजेता पंचायतों के कार्यों, नवाचारों पर आधारित ई-पुस्तक जारी
समारोह के दौरान पुरस्कार विजेता पंचायतों के कार्यों, नवाचारों और श्रेष्ठ प्रशासनिक मॉडलों पर आधारित एक ई-पुस्तक भी जारी की गई। इसके साथ ही राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों द्वारा पंचायती राज संस्थाओं को सशक्त बनाने के लिए अपनाए गए श्रेष्ठ तरीकों का एक संकलन भी प्रकाशित किया गया। इन प्रकाशनों का उद्देश्य विभिन्न पंचायतों के बीच अनुभवों और सफल मॉडलों के आदान-प्रदान को बढ़ावा देना है, ताकि देशभर में बेहतर स्थानीय शासन की व्यवस्था विकसित हो सके।
52 प्रतिशत पंचायतों का नेतृत्व महिलाओं ने किया
गौरतलब है कि इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्रीय पंचायत पुरस्कार 2025 की तीन विशेष श्रेणियों के अंतर्गत पुरस्कार प्रदान किए थे। इस वर्ष सम्मानित 42 पंचायतों में 52 प्रतिशत पंचायतों का नेतृत्व महिलाओं द्वारा किया जा रहा है, जो ग्रामीण भारत में महिला सशक्तिकरण की नई तस्वीर प्रस्तुत करता है। राष्ट्रीय पंचायत पुरस्कार न केवल पंचायतों के उत्कृष्ट कार्यों को पहचान देते हैं, बल्कि अन्य पंचायतों को भी विकास और सुशासन के नए मानक स्थापित करने के लिए प्रेरित करते हैं।

















