नई दिल्ली/ कोलकाता: पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस (TMC) के अंदर कलह बढ़ती जा रही है। पार्टी की यह अंदरूनी कलह अब खुलकर सामने आ गई है। मीडिया रिपोर्ट्स में कहा जा रहा है कि 50 से अधिक विधायक ममता बनर्जी का साथ छोड़ सकते हैं। ये विधायक ऋतब्रत बनर्जी के खेमे के हैं। पार्टी से नाराज इन विधायकों को मनाने की कोशिश की जा रही है।
क्या है मामला?
बंगाल विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष की नियुक्ति पर विवाद बढ़ता जा रहा है। मीडिया रिपोर्ट्स में सूत्रों के हवाले से कहा जा रहा है कि TMC के कई विधायक ऋतब्रत बनर्जी को विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष के रूप में समर्थन देने की तैयारी में हैं। इससे टीएमसी और ममता बनर्जी की मुश्किलें बढ़ गई हैं। ममता बनर्जी ने ऋतब्रत बनर्जी और संदीपन साहा को पार्टी विरोधी गतिविधियों के चलते पार्टी से निष्काषित कर दिया है। लेकिन उनके खेमे के विधायक ममता बनर्जी से खफा हो गये हैं। ऐसे में कहा जा रहा है कि ऋतब्रत बनर्जी के खेमे के 50 विधायक ममता बनर्जी का साथ छोड़ सकते हैं।
बता दें कि ऋतब्रत बंदोपाध्याय 46 साल के हैं। टीएमसी में शामिल होने से पहले वो सीपीआई (एम) में थे। ममता बनर्जी ने उन्हें टीएमसी से निकाल दिया है। वह किसी जमाने में पूर्व मुख्यमंत्री बुद्धदेव भट्टाचार्य के करीबी माने थे। 2014 में सीपीआई (एम) ने उन्हें राज्यसभा भेजा था। उनका कार्यकाल 2020 तक था। लेकिन 2017 में उन्हें सीपीआई (एम) से निष्कासित कर दिया। इसके बाद उन्होंने तृणमूल के टिकट पर डेढ़ साल के लिए राज्यसभा में एंट्री ली थी। बाद में उन्हें राज्य विधानसभा के लिए उम्मीदवार बनाया।
क्या TMC में हो जाएंगे दो फाड़?
मीडिया रिपोर्ट्स में सूत्रों के हवाले से कहा जा रहा है कि TMC के नाराज विधायकों को मनाने और उन्हें ममता बनर्जी के साथ जोड़कर रखने की कोशिशें की जा रही हैं। ये सारे विधायक पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी की कार्यशैली से भी असंतुष्ट हैं। ऐसे में पार्टी के भीतर दो खेमे बनने की चर्चाएं तेज हो गई हैं। अटकलें यहां तक लगाई जा रही हैं कि अगर इन असंतुष्ट विधायकों को नहीं मनाया गया तो TMC के दो फाड़ हो सकते हैं।
विधानसभा चुनाव हारने के बाद TMC में असंतोष
बता दें कि पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव हारने के बाद टीएमसी में नेताओं की बगावत खुलकर सामने आ रही है। 100 से ज्यादा टीएमसी पार्षद पहले ही इस्तीफा दे चुके हैं। इस असंतोष के बढ़ने से पार्टी के टूटने के कयास लगाए जा रहे हैं। मीडिया रिपोर्ट्स में यहां तक अटकलें हैं कि ममता बनर्जी से पार्टी का नाम और सिंबल भी छिन सकता है।
ममता ने घर पर बुलाई थी बैठक 80 में से 60 विधायक रहे नदारद
इससे पहले रविवार को अभिषेक बनर्जी पर हुए हमले के बाद ममता बनर्जी ने अपने घर पर एक बैठक बुलाई थी। इस बैठक में 80 में से 60 विधायक पहुंचे ही नहीं। इससे हड़कंप मच गया। ममता द्वारा बुलाई गई इस बैठक में सिर्फ 20 ही विधायक पहुंचे थे। इससे इन अटकलों को और अधिक बल मिल गया है।

















