सुप्रीम कोर्ट में पांच नए न्यायाधीशों की नियुक्ति हो गई है। अब कुल जजों की संख्या 37 हो गई है। प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत आज मंगलवार को इन नए जजों को शपथ दिलाएंगे। केंद्र सरकार ने सोमवार को अलग-अलग अधिसूचनाएं जारी करके इन नियुक्तियों की पुष्टि की। इससे पहले सुप्रीम कोर्ट कोलेजियम ने 27 मई को इन पांच नामों की सिफारिश की थी। सिर्फ चार दिन में मंजूरी मिल गई।
कौन हैं नए जज?
इन पांच नए जजों में चार मुख्य न्यायाधीश हाई कोर्ट से प्रोन्नत होकर आए हैं, जबकि एक वरिष्ठ वकील सीधे सुप्रीम कोर्ट में नियुक्त हुई हैं।
वेंकिटा सुब्रमणि मोहना (वरिष्ठ वकील): ये सीधे वकील से सुप्रीम कोर्ट की जज बनी हैं। वो सुप्रीम कोर्ट की 12वीं महिला जज हैं। जून 2031 में रिटायर होंगी। इनकी नियुक्ति के बाद सुप्रीम कोर्ट में महिला जजों की संख्या अब दो हो गई है।
शील नागू: पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश।
श्री चंद्रशेखर: बांबे हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश।
संजीव सचदेवा: मध्य प्रदेश हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश।
अरुण पल्ली: जम्मू-कश्मीर और लद्दाख हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश।
मौजूदा स्थिति
सुप्रीम कोर्ट में कुल मंजूर पद 38 हैं (प्रधान न्यायाधीश सहित)। अभी 37 जज हो गए हैं, यानी एक पद अभी भी खाली है। फिलहाल सुप्रीम कोर्ट में सिर्फ एक महिला जज बी.वी. नागरत्ना हैं। वो 31 अगस्त 2021 से जज हैं और 2027 में कुछ समय के लिए प्रधान न्यायाधीश भी बनेंगी। सुप्रीम कोर्ट में पहले भी दो जज सीधे वकीलों से नियुक्त हुए थे-पीएस नरसिम्हा और केवी विश्वनाथन। वेंकिटा सुब्रमणि मोहना तीसरी ऐसी महिला हैं। इससे पहले जस्टिस इंदू मल्होत्रा वकील से सीधे सुप्रीम कोर्ट की जज बनी थीं, जो 2021 में रिटायर हो चुकी हैं।
संख्या क्यों बढ़ाई गई?
कुछ दिन पहले केंद्र सरकार ने अध्यादेश जारी करके सुप्रीम कोर्ट में जजों की संख्या 34 से बढ़ाकर 38 कर दी थी। इसका मकसद था कि ज्यादा केसों का बोझ देखते हुए त्वरित न्याय मिल सके। अब इन पांच नियुक्तियों के साथ ये प्रक्रिया आगे बढ़ी है। ये नियुक्तियां सामान्य प्रक्रिया के तहत हुई हैं। कोलेजियम की सिफारिश के बाद सरकार ने जल्दी मंजूरी दे दी। आज शपथ ग्रहण समारोह के बाद नए जज काम संभाल लेंगे।
















