पुणे। शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास की राष्ट्रीय प्रांत संयोजक बैठक का शुभारंभ पुणे स्थित प्रतिष्ठित श्रीमती नाथीबाई दामोदर ठाकरसी (SNDT) महिला विश्वविद्यालय में हुआ है। इस महत्वपूर्ण तीन दिवसीय राष्ट्रीय बैठक में देशभर के विभिन्न प्रांतों से 200 से अधिक कार्यकर्ता और प्रतिनिधि सहभागिता कर रहे हैं, जो भारतीय शिक्षा व्यवस्था को नई दिशा देने के लिए विचार-मंथन करेंगे।
उद्घाटन सत्र में जुटे देश के नामचीन शिक्षाविद
बैठक के उद्घाटन सत्र में देश भर के कई वरिष्ठ शिक्षाविद और पदाधिकारी उपस्थित रहे। मंच की शोभा बढ़ाने वाले प्रमुख अतिथियों में शामिल रहे:
- डॉ. अतुल कोठारी: सचिव, शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास
- सुरेश गुप्ता: राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष
- प्रो. राजीव प्रकाश: निदेशक, भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) भिलाई
- प्रो. दीपक श्रीवास्तव: पूर्व उपाध्यक्ष, विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC)
- प्रो. आलोक चक्रवाल: कुलपति, गुरु घासीदास केंद्रीय विश्वविद्यालय, बिलासपुर
- सविता सेंगर: राष्ट्रीय सह सचिव
विगत कार्यक्रमों की समीक्षा: शोध पत्रों से लेकर ज्ञान सभाओं तक
बैठक के प्रथम तीन सत्रों में विगत समयावधि में न्यास द्वारा देशभर में आयोजित प्रमुख कार्यक्रमों का विस्तृत वृत्त (रिपोर्ट) प्रस्तुत किया गया:
- प्रबंधन शिक्षा में भारतीय दृष्टि: गुजरात विश्वविद्यालय के मालवीय मिशन शिक्षक प्रशिक्षण केंद्र में 7 दिवसीय शिक्षक प्रशिक्षण कार्यक्रम की जानकारी साझा की गई, जिसमें 10 राज्यों के शिक्षकों और शिक्षाविदों ने भाग लिया।
- अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन: महाराष्ट्र में ‘शिक्षक शिक्षा’ विषय पर आयोजित अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन की रिपोर्ट पेश की गई, जिसमें 220 से अधिक महत्वपूर्ण शोध पत्र (Research Papers) प्रस्तुत किए गए थे।
- ज्ञान सभाएं: देश के छह राज्यों में आयोजित ‘ज्ञान सभाओं’ की गतिविधियों और जमीनी स्तर पर उनके व्यापक प्रभावों से भी प्रतिभागियों को अवगत कराया गया।
देशव्यापी अभियान: “विकसित भारत @ 2047 हेतु शिक्षा”
बैठक में बताया गया कि शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास वर्तमान में “विकसित भारत @ 2047 हेतु शिक्षा” विषय पर एक देशव्यापी अभियान चला रहा है। इस अभियान के तहत देशभर में संगोष्ठियों, संवाद कार्यक्रमों एवं विचार गोष्ठियों का सफल आयोजन किया जा रहा है।
इन कार्यक्रमों का मुख्य उद्देश्य उद्योगपतियों, प्रशासनिक अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों, शिक्षाविदों और सामाजिक संगठनों व संस्थाओं के प्रमुखों को एक ही मंच पर लाना है, ताकि ‘विकसित भारत’ के निर्माण में शिक्षा की अहम भूमिका पर एक ठोस और प्रभावी कार्ययोजना तैयार की जा सके।

आगामी सत्रों की रूपरेखा: किन विषयों पर होगी चर्चा?
तीन दिवसीय इस बैठक के आगामी सत्रों में भारतीय शिक्षा व्यवस्था के सबसे महत्वपूर्ण स्तंभों पर विस्तृत और गहन चर्चा की जाएगी। इनमें मुख्य रूप से शामिल हैं:
राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) का प्रभावी क्रियान्वयन | भारतीय ज्ञान परंपरा (IKS) | भारतीय भाषाएं | वैदिक गणित | शोध (Research) | शिक्षक शिक्षा
इस अवसर पर उपस्थित वक्ताओं ने एक स्वर में कहा कि भारत को विकसित राष्ट्र (Developed Nation) बनाने की दिशा में शिक्षा की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास इस दिशा में समाज के सभी घटकों को जोड़कर राष्ट्रीय स्तर पर एक सार्थक और सकारात्मक प्रयास कर रहा है।

















