गदरपुर, (ऊधमसिंह नगर): ऑपरेशन प्रहार के तहत गदरपुर पुलिस को बड़ी कामयाबी मिली है। पुलिस ने 4 करोड़ 54 लाख रुपये के असली और नकली नोटों के साथ फर्जी करेंसी रैकेट का पर्दाफाश किया है। मौके से दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। इनके नाम मुंतियाज और मनोज बताए गए है, जो कि बाजपुर, गूलरभोज के रहने वाले हैं।
कैसे हुआ खुलासा?
ऑपरेशन प्रहार के तहत गदरपुर पुलिस को सूचना मिली थी कि क्षेत्र में नकली नोटों की बड़ी खेप खपाने की तैयारी है। टीम ने घेराबंदी कर एक कार को रोका। तलाशी में कार से नोटों की कई गड्डियां बरामद हुईं।
ऊपर असली, नीचे नकली का खेल
एसएसपी अजय गणपति ने बताया कि बरामद गड्डियों में ठगी का अनोखा तरीका अपनाया गया था। हर गड्डी में ऊपर और नीचे 500-500 के कुछ असली नोट लगाए गए थे। बीच में ‘चिल्ड्रन बैंक ऑफ इंडिया’ लिखे हुए नकली नोटों की गड्डियां भरी थीं। पहली नजर में कोई भी धोखा खा जाए। कुल 4 करोड़ 54 लाख की करेंसी में से बड़ा हिस्सा नकली निकला।
दो गिरफ्तार, मास्टरमाइंड की तलाश
पुलिस ने मौके से दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पूछताछ में पता चला कि ये नोट ग्रामीण इलाकों और छोटे व्यापारियों को टारगेट कर खपाए जाने थे। रैकेट का मास्टरमाइंड अभी फरार है। पुलिस उसकी तलाश में दबिश दे रही है।
कहां से आए नकली नोट?
शुरुआती जांच में सामने आया कि ‘चिल्ड्रन बैंक ऑफ इंडिया’ के ये नकली नोट दिखने में हुबहू असली जैसे हैं। पुलिस अब इनके सोर्स और प्रिंटिंग के ठिकाने का पता लगा रही है। आशंका है कि इस रैकेट के तार दूसरे राज्यों से भी जुड़े हो सकते हैं। एसएसपी ने कहा कि ऑपरेशन प्रहार के तहत नशा और फर्जी करेंसी जैसे अपराधों पर लगातार कार्रवाई जारी है। बरामद नोटों को जांच के लिए FSL भेजा गया है।

















