कोलकाता। पश्चिम बंगाल में नई सरकार के गठन के बाद कोलकाता में इस बार बकरीद की नमाज को लेकर बड़ा बदलाव देखने को मिला। करीब 49 साल बाद ईद-उल-अजहा की सामूहिक नमाज रेड रोड ब्रिगेड परेड मैदान में हुई।
वामपंथी सरकार से लेकर तृणमूल कांग्रेस शासन तक 1977 से 2026 के बीच रेड रोड पर वर्ष में दो बार ईद-उल-फितर और बकरीद की नमाज होती रही थी। तृणमूल कांग्रेस सरकार के दौरान तत्कालीन मुख्यमंत्री ममता बनर्जी हर वर्ष रेड रोड पर आयोजित नमाज कार्यक्रम में शामिल होती थीं।
यातायात व्यवस्था होती थी ध्वस्त
पिछले कई वर्षों से खुले रास्तों पर नमाज आयोजन को लेकर यातायात अव्यवस्था और जाम की शिकायतें सामने आती रही थीं। इस बार कोलकाता में कहीं भी सड़कों पर बकरीद की नमाज आयोजित नहीं की गई। प्रशासन ने सभी बड़े आयोजनों को निर्धारित मैदानों और परिसरों तक सीमित रखा।
सेना ने वैकल्पिक स्थान तलाशने का किया था आग्रह
पिछले वर्ष भारतीय सेना के पूर्वी कमान मुख्यालय, जिसके अधीन रेड रोड का प्रशासनिक नियंत्रण आता है, ने खिलाफत समिति से सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए वैकल्पिक स्थान तलाशने को कहा था। उस समय तत्कालीन मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने सेना अधिकारियों से अनुमति दिलाने की कोशिश की बात कही थी। लेकिन सत्ता परिवर्तन के बाद इस बार बकरीद की नमाज ब्रिगेड परेड मैदान में आयोजित की गई।
















