उधम सिंह नगर | उत्तराखंड के उधम सिंह नगर में जिला पुलिस ने अवैध कन्वर्जन (मतांतरण) के खिलाफ एक बड़ी और सख्त कार्रवाई की है। पुलिस ने भोले-भाले ग्रामीणों और जनजाति समाज के लोगों का लालच और डर के जरिए मतांतरण कराने के आरोप में पास्टर सहित चार लोगों को गिरफ्तार कर लिया है। राज्य सरकार ने इस मामले को बेहद गंभीरता से लिया है।
गरीबों और थारू समाज को बनाया जा रहा था निशाना
जिले के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) अजय गणपति ने मामले का खुलासा करते हुए बताया कि ये आरोपी मुख्य रूप से खटीमा और नानकमत्ता क्षेत्र में सक्रिय थे। इनका मुख्य निशाना गरीब, आर्थिक रूप से कमजोर परिवार, थारू समाज और अनुसूचित जाति (SC) के लोग होते थे।
कन्वर्जन के लिए गिरफ्तार किए गए आरोपी:
- दान सिंह राणा (पास्टर)
- सुनील जॉर्ज (पास्टर)
- जय सिंह राणा
- द्रौपदी राणा
पैसों का लालच और विशेष प्रार्थना सभाओं का जाल
पुलिस जांच में यह बात सामने आई है कि जनजाति क्षेत्रों में मतांतरण के लिए एक पूरी सोची-समझी रणनीति के तहत काम किया जा रहा था। भोले-भाले लोगों को पैसों, आर्थिक सहायता और इलाज का प्रलोभन देकर ईसाई धर्म अपनाने के लिए विवश किया जा रहा था।
- आरोपी घर-घर जाकर लोगों को बहकाने का काम कर रहे थे।
- ईसाई धर्म अपनाने का दबाव बनाने के लिए गांवों में विशेष प्रार्थना सभाओं का आयोजन किया जा रहा था।
- इस दौरान लोगों का ब्रेनवॉश करने के लिए धार्मिक किताबों का भी बड़े पैमाने पर सहारा लिया जा रहा था।
एसएसपी की सख्त चेतावनी: “गरीबों का शोषण करने वाले जाएंगे जेल”
एसएसपी अजय गणपति ने सख्त लहजे में स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि जिले में अवैध कन्वर्जन और गरीबों के शोषण जैसे मामलों को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा, “ऐसे मामलों में संलिप्त आरोपी हर हाल में जेल जाएंगे। पुलिस इस पूरे नेटवर्क की गहराई से जांच कर रही है।”
पुलिस की इस त्वरित और कड़ी कार्रवाई से क्षेत्र में अवैध रूप से मतांतरण कराने वाले गिरोहों में हड़कंप मच गया है। पुलिस अब गिरफ्तार आरोपियों के फंडिग सोर्स और उनके नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भी तलाश कर रही है।
















