कानपुर। उत्तर प्रदेश के कानपुर जनपद में पूर्व सपा विधायक इरफान सोलंकी की कानूनी उलझनें एक बार फिर बढ़ती नजर आ रही हैं। जनपद के चमनगंज थाना क्षेत्र के अंतर्गत लगने वाली प्रसिद्ध बकरा बाजार (मंडी) में बीती रात जमकर बवाल हुआ। विवाद इतना बढ़ गया कि बकरा बाजार कमेटी की तहरीर पर पूर्व विधायक और उनके साथियों के खिलाफ एफआईआर (FIR) दर्ज कर ली गई है।
3 लाख की रंगदारी और मारपीट का गंभीर आरोप
बकरा बाजार में मौजूद वफा अब्बास और कमेटी के अन्य सदस्यों ने पूर्व विधायक पर बेहद गंभीर आरोप लगाए हैं।
- रंगदारी की मांग: वफा अब्बास का आरोप है कि इरफान सोलंकी ने मंडी लगाने के नाम पर उनसे 3 लाख रुपए की रंगदारी मांगी।
- गाली-गलौज और बवाल: चमनगंज के हलीम ग्राउंड में कई वर्षों से बकरा बाजार लग रहा है। आगामी बकरीद के कारण मंगलवार की रात वहां भारी भीड़ और जाम की स्थिति थी। आरोप है कि इसी दौरान इरफान सोलंकी अपने साथियों के साथ पहुंचे और गाली-गलौज शुरू कर दी।
- कमेटी सदस्यों से मारपीट: जब रंगदारी का विरोध किया गया, तो पूर्व विधायक के साथियों ने वफा अब्बास के साथ मारपीट की। बीच-बचाव करने आए बकरा बाजार कमेटी के समीर, फहद, इकराम और अन्य लोगों को भी पीटा गया।
इरफान सोलंकी की सफाई: इन आरोपों के विपरीत, इरफान सोलंकी का कहना है कि उन्हें बकरा बाजार में लगातार अवैध वसूली किए जाने की शिकायतें मिल रही थीं। इसी शिकायत की सच्चाई जानने और इसे रुकवाने के लिए वह बकरा बाजार गए थे।
आगजनी मामले में पहले ही हो चुके हैं दोषी करार
यह पहली बार नहीं है जब इरफान सोलंकी का नाम विवादों या पुलिस फाइलों में दर्ज हुआ है। उल्लेखनीय है कि हाल ही में कानपुर जनपद न्यायालय की एमपी-एमएलए (MP-MLA) कोर्ट ने उन्हें एक गंभीर मामले में दोषी करार दिया था।
क्या था जाजमऊ आगजनी कांड?
- कानपुर के थाना जाजमऊ क्षेत्र में एक भूखंड के विवाद के चलते एक वृद्ध महिला की झोपड़ी में आग लगा दी गई थी।
- महिला का आरोप था कि घटना वाली रात जब उसका परिवार एक शादी में गया था, तब सपा विधायक इरफान सोलंकी के भाई रिजवान सोलंकी ने मौका पाकर यह आगजनी कराई। इससे झोपड़ी का सारा सामान जलकर राख हो गया था।
- जब यह मामला कानपुर पुलिस कमिश्नर के संज्ञान में आया, तो उन्होंने कड़ी कार्रवाई के आदेश दिए। घटना में ढिलाई बरतने वाले तत्कालीन थाना प्रभारी को निलंबित भी किया गया था।
- इसी मामले में कोर्ट ने इरफान सोलंकी को विस्फोटक पदार्थ रखने, आगजनी कराने और आर्थिक नुकसान पहुंचाने का दोषी माना था।
फिलहाल, इरफान सोलंकी इस मामले में जमानत पर जेल से बाहर हैं, लेकिन चमनगंज में रंगदारी और मारपीट के इस नए मामले ने उनके लिए फिर से खतरे की घंटी बजा दी है। पुलिस दर्ज एफआईआर के आधार पर पूरे मामले की बारीकी से जांच कर रही है।
















