इराक से सोशल मीडिया पर एक बहुत ही दिल दहलाने वाला वीडियो वायरल हो रहा है। वह वीडियो कई सवाल भी उठाता है, परंतु दुर्भाग्य इस बात का है कि कोई उन सवालों के जबाव देना नहीं चाहता है। यह वीडियो मजहबी कट्टरता की वह स्याह तस्वीर दिखाता है, जिसे दरअसल कथित महिलावादी देखना ही नहीं चाहते हैं।
यह वीडियो शर्म का वीडियो है और उस असीम पीड़ा का वीडियो है, जिससे होकर इराक की तमाम लड़कियां गुजरती हैं। यह वीडियो एक 15 वर्षीय ईराकी लड़की से जुड़ा हुआ है।
क्या है इस वायरल वीडियो में?
इस वीडियो में कुछ लोग जश्न मनाते हुए और नाचते हुए दिखाई दे रहे हैं। अब लोग कहेंगे कि ऐसी क्या खास बात है, लोग तो नाचते ही हैं, लोग तो जश्न मनाते ही हैं। मगर यह जश्न कुछ अनूठा है। यह जश्न कुछ अलग है। यह जश्न दरअसल किसी जन्म या शादी की खुशी का नहीं है, बल्कि यह जश्न है एक 15 साल की किशोरी की मौत का।
إليكم بعض الصور والفيديوهات المتعلقة بقضية الطفلة ذات الـ15 عاماً، اسمها #كوثر_بشار_الحسيجاوي التي قُتلت بسبب رفضها الزواج من ابن عمها.
طفلة عاشت التهميش والإهمال، وانتهت حياتها بجريمة مروعة ارتُكبت بدم بارد، بينما تحوّل قتلها لدى بعض أفراد عائلتها إلى مشهد احتفال ورقص وتفاخر… pic.twitter.com/VPj2iyWUBQ— Iraqi Women Rights (@iwro_org) May 12, 2026
जी हाँ, आपने सही पढ़ा कि यह जश्न एक किशोरी की मौत के बाद का जश्न है। और यह जश्न और कोई नहीं मना रहा है, यह जश्न उसके अपने ही घरवाले मना रहे हैं।
क्या है इस नृशंसता की कहानी?
द जेरूसलम पोस्ट (The Jerusalem Post) के अनुसार, इराक में 15 वर्षीय कौसर बशर अल-हुसैजावी की नृशंसता पूर्वक हत्या कर दी गई। और उसके बाद उसकी खुशी मनाई गई। अब यह पूछा जा सकता है कि आखिर उस बच्ची ने किया ही क्या होगा? क्या कौसर ने किसी की हत्या कर दी थी, या फिर कौसर ने कुछ ऐसा कर दिया था जो ना काबिले माफी हो?
ईराकी महिला अधिकार संगठनों के हवाले से बताया गया है कि 15 वर्षीय कौसर बशर की हत्या केवल इसलिए कर दी गई क्योंकि उसने अपने ऊपर थोपे हुए निकाह को अपनाने से इनकार कर दिया था।
15 वर्षीय कौसर के भी अपने सपने रहे होंगे और अपने मन से जीने का चाव उसे भी होगा। मगर उसे यह नहीं पता होगा कि उसका यह सपना उसके लिए इतना घातक हो जाएगा कि उसकी जान ही ले ली जाएगी।
हत्या का घटनाक्रम (Timeline of Cruelty):
- कौसर के घरवाले उसका निकाह उसके अपने ही कज़िन से करना चाहते थे, जिसकी उम्र बहुत ज्यादा थी। यह बेमेल निकाह कौसर को मंजूर नहीं था।
- स्वतंत्र फेमिनिस्ट प्लेटफ़ॉर्म Sharika Walaken के अनुसार, स्थानीय लोगों ने दावा किया कि कौसर इस जबरन शादी से बचने के लिए घर से भाग गई थी।
- घरवालों को शक था कि वह किसी कम उम्र के लड़के के साथ भागी है। परिवार ने इस मामले को अपने ‘कबीलाई’ तरीके से हैंडल करने का फैसला किया।
- उस लड़की को खोजकर वापस लाया गया और एक कबीलाई समूह के हवाले कर दिया गया।
- उन लोगों ने उसे एक दूरदराज जगह ले जाकर मार-मार कर उसकी हत्या कर दी।
- इस खौफनाक हत्या में उसके अपने रिश्तेदार भी शामिल थे।
इज्जत, पाकीज़गी और शर्म के नाम पर हत्या
यह हत्या और किसी के नाम पर नहीं, बल्कि ‘इज्जत’ (Honor Killing) के नाम पर की गई। कौसर के परिवारवाले इस बात को बर्दाश्त नहीं कर सके थे कि कौसर ने अपने जीवन को अपने हिसाब से जीना चाहा था। उसे इज्जत, पाकीज़गी और शर्म को धोने के नाम पर बेदर्दी से मार डाला गया।
इराकी पत्रकार आया मंसूर ने बताया कि अल-हुसैजावी की माँ ने एक शिकायत दर्ज कराई है और इस बात की पुष्टि की है कि हत्या की रिपोर्टें पूरी तरह सही हैं। हालांकि, अधिकारियों ने अभी तक इस जघन्य मामले पर कोई आधिकारिक टिप्पणी नहीं की है।
इराक का कानून: जहां 9 साल में निकाह जायज है!
गौरतलब है कि इराक में वर्ष 2025 में देश के पर्सनल स्टेटस कानून में परिवर्तन किया गया था, जिसके अनुसार लड़कियों की शादी की उम्र 9 वर्ष तक कर दी गई थी। इस कानून के चलते बच्चियों के साथ होने वाले शोषण में बेतहाशा वृद्धि हुई है।
kurdistan-au-feminin.fr की रिपोर्ट के अनुसार, इस घटना को लेकर इराक के लोगों में भारी गुस्सा भड़क गया है। महिलाओं के लिए काम करने वाले संगठन इस हरकत की निंदा कर रहे हैं और मांग कर रहे हैं कि इस घटना के अपराधियों को कड़ी से कड़ी सजा दी जाए।
हालांकि इराक में हत्या के लिए सजा का प्रावधान है, मगर वहाँ ‘ऑनर किलिंग’ को लेकर समाज में एक अजीब सी स्वीकार्यता है। ऐसे मामलों में अदालत और सरकार का रुख अपराधियों के प्रति अक्सर बेहद नरम, सहानुभूतिपूर्ण और ढीला रहता है।
अंत में सबसे बड़ा प्रश्न यही उठता है कि क्या कौसर बशर अल-हुसैजावी को कभी न्याय मिलेगा? या फिर उससे भी महत्वपूर्ण प्रश्न यह है कि— क्या कौसर की हत्या को लेकर किए गए इस अमानवीय जश्न पर कभी वैश्विक मानवाधिकार मंचों पर कोई विमर्श भी होगा?

















