धार। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सोमवार को बड़ी घोषणा की। भोजशाला आंदोलन में बलिदान हुए तीन बलिदानियों के परिजनों को पांच-पांच लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी। धार में भोजशाला लोक और भोज शोध संस्थान भी बनेगा।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव आज धार प्रवास के दौरान ऐतिहासिक भोजशाला पहुंचे। इसके बाद मोतीबाग चौक में आयोजित आमसभा को संबोधित किया। कार्यक्रम में केंद्रीय राज्यमंत्री सावित्री ठाकुर, नगरीय विकास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, विधायक नीना विक्रम वर्मा सहित कई जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने ‘जय जय सियाराम’ के उद्घोष के साथ अपने भाषण की शुरुआत की। उन्होंने कहा कि गंगा दशहरा के पावन अवसर पर उन्हें साढ़े सात सौ साल के इंतजार के बाद भोजशाला में मां वाग्देवी के दर्शन का सौभाग्य मिला है। वर्ष 2026 की बसंत पंचमी के बाद धार का इतिहास बदलने लगा है। उन्होंने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि कांग्रेस ने सिर्फ भगवान राम के नाम पर लोगों को लड़ाने का काम किया। साढ़े सात सौ साल के संघर्ष के बाद भोजशाला को लेकर जो निर्णय आया है, उसके लिए धारवासियों को बधाई दी जानी चाहिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि धार किसी कारणवश विकास की दौड़ में पीछे रह गया था, लेकिन अब भोजशाला में दर्शन करने के बाद धार के विकास को नई गति दी जाएगी। उन्होंने भोजशाला लोक और भोज शोध संस्थान बनाने की घोषणा करते हुए कहा कि यह क्षेत्र की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक पहचान को नई दिशा देगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भोजशाला आंदोलन में शहीद हुए बलिदानियों के परिजनों का मंच पर सम्मान किया। इस दौरान शहीदों की स्मृति में दो मिनट का मौन रखकर श्रद्धांजलि भी दी गई।

















