क्या भारत में अब कॉकरोच भी राजनीतिक प्रतीक बन चुका है? क्या एक अदालत की टिप्पणी को काट-छांट कर सोशल मीडिया हथियार में बदला गया? और क्या ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ केवल एक मज़ाक है… या डिजिटल राजनीति, मीम संस्कृति और नैरेटिव वॉरफेयर का नया प्रयोग?
Panchjanya के विशेष कार्यक्रम परख में संपादक हितेश शंकर से समझिए —
▪️ कैसे सोशल मीडिया पर मीम राजनीति का औजार बन रहे हैं
▪️ ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ और डिजिटल कैंपेन की पूरी कहानी
▪️ न्यायपालिका, राजनीतिक दलों और ऑनलाइन नैरेटिव की टकराहट
▪️ क्या युवाओं का गुस्सा ऑर्गेनिक है या संगठित नैरेटिव?
▪️ विदेशी फॉलोअर्स, बॉट नेटवर्क और डिजिटल प्रभाव का सवाल क्या यह केवल इंटरनेट ट्रेंड है… या लोकतंत्र की नई डिजिटल लड़ाई? देखिए परख।
















