सीमांचल पर खुफिया एजेंसियों का शिकंजा, विदेश यात्राएं, संदिग्ध फंडिंग और सीमा पार नेटवर्क की गहन पड़ताल तेज
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सीमांचल पर खुफिया एजेंसियों का शिकंजा, विदेश यात्राएं, संदिग्ध फंडिंग और सीमा पार नेटवर्क की गहन पड़ताल तेज

सीमांचल क्षेत्र एक बार फिर राष्ट्रीय सुरक्षा एजेंसियों के रडार पर है। सेंट्रल और स्टेट इंटेलिजेंस एजेंसियों ने नेपाल, पश्चिम बंगाल और बांग्लादेश की सीमा से लगे बिहार के किशनगंज और अररिया जिलों में अचानक अपनी गतिविधियां तेज कर दी हैं।

Written byसुबोध कुमार साहासुबोध कुमार साहा — edited by Mahak Singh
May 24, 2026, 06:01 pm IST
inभारत

सीमांचल क्षेत्र एक बार फिर राष्ट्रीय सुरक्षा एजेंसियों के रडार पर है। सेंट्रल और स्टेट इंटेलिजेंस एजेंसियों ने नेपाल, पश्चिम बंगाल और बांग्लादेश की सीमा से लगे बिहार के किशनगंज और अररिया जिलों में अचानक अपनी गतिविधियां तेज कर दी हैं। सूत्रों के मुताबिक, क्रॉस-बॉर्डर नेटवर्क, संदिग्ध आर्थिक गतिविधियों, विदेश यात्रा और कथित फंडिंग चैनलों की बड़े पैमाने पर गुप्त जांच चल रही है।

सीमांचल में विदेशी यात्रियों की जांच तेज

करीब 17 किलोमीटर की दूरी पर स्थित बांग्लादेश सीमा और नेपाल से लगे खुले रास्तों के कारण सीमांचल लंबे समय से सुरक्षा एजेंसियों के लिए “सेंसिटिव जोन” माना जाता रहा है। सबसे अहम बात यह है कि किशनगंज होकर गुजरने वाला रणनीतिक “चिकन नेक कॉरिडोर” पूर्वोत्तर भारत को देश के बाकी हिस्सों से जोड़ने वाली जीवनरेखा है। ऐसे में यहां किसी भी संदिग्ध गतिविधि को लेकर एजेंसियां बेहद सतर्क हैं। सूत्र बताते हैं कि हाल के वर्षों में खाड़ी देशों समेत अन्य विदेशी देशों की यात्रा करने वाले लोगों का विस्तृत डाटा तैयार किया जा रहा है। टूरिस्ट वीजा, स्टूडेंट वीजा, नौकरी, धार्मिक यात्रा और बिजनेस वीजा पर विदेश जाने वालों की सूची खंगाली जा रही है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि विदेश यात्रा का खर्च किसने उठाया, विदेश में किन लोगों और संस्थाओं से संपर्क रहे और लौटने के बाद उनकी गतिविधियों में क्या बदलाव आया।

विदेशी फंडिंग और नेटवर्क की जांच तेज

खुफिया विभाग, जिला प्रशासन, पुलिस स्पेशल ब्रांच और केंद्रीय एजेंसियों के बीच लगातार समन्वय स्थापित कर सूचनाओं का आदान-प्रदान किया जा रहा है। सूत्रों की मानें तो कई मामलों में बैंक खातों, विदेशी ट्रांजेक्शन, पासपोर्ट आवेदन, मोबाइल कॉल डिटेल रिकॉर्ड और डिजिटल कम्युनिकेशन तक का मिलान किया जा रहा है। इतना ही नहीं, विदेश से फंड प्राप्त करने वाली कुछ गैर सरकारी संस्थाओं, मिशनरी संगठनों और सामाजिक संस्थाओं की गतिविधियां भी जांच के दायरे में हैं। एजेंसियां यह जानने की कोशिश कर रही हैं कि विदेशी फंड का उपयोग किन गतिविधियों में हो रहा है और उसके पीछे कौन-कौन से नेटवर्क सक्रिय हैं।

सीमा क्षेत्र में किरायेदार सत्यापन अभियान भी तेज कर दिया गया है। होटल, लॉज और गेस्ट हाउस में ठहरने वालों का रिकॉर्ड खंगाला जा रहा है। साइबर कैफे, ट्रैवल एजेंसियों और संदिग्ध दस्तावेज तैयार करने वाले नेटवर्क पर विशेष नजर रखी जा रही है। स्थानीय पुलिस को भी कई संवेदनशील इनपुट साझा किए गए हैं, जिसके बाद कई इलाकों में चुपचाप निगरानी बढ़ा दी गई है।

अमित शाह की बैठक के बाद बढ़ी चौकसी

जानकारों का कहना है कि फरवरी माह में केंद्रीय गृहमंत्री Amit Shah के सीमांचल दौरे और उच्चस्तरीय सुरक्षा समीक्षा बैठक के बाद यह पूरा अभियान और अधिक आक्रामक हो गया। उसी बैठक के बाद घुसपैठ, फर्जी दस्तावेज, हवाला नेटवर्क, मानव तस्करी और सीमा पार गतिविधियों को लेकर अलग-अलग एजेंसियों ने समानांतर इनपुट जुटाने शुरू किए। सूत्रों के मुताबिक विदेश से लौटने वाले कुछ लोगों की अचानक मजबूत हुई आर्थिक स्थिति, नए संपर्क और गतिविधियों के पैटर्न पर भी एजेंसियां पैनी नजर रखे हुए हैं। कई मामलों में “साइलेंट सर्विलांस” मोड में निगरानी चल रही है, ताकि किसी भी संभावित नेटवर्क तक बिना शोर-शराबे के पहुंचा जा सके।

दो दिन पहले एक कार्यक्रम में गृहमंत्री  अमित शाह ने बांग्लादेश सीमा को ड्रोन, रडार, स्मार्ट कैमरों और अत्याधुनिक तकनीक के जरिए पूरी तरह अभेद्य बनाने की घोषणा की थी। इसके साथ ही “स्मार्ट बॉर्डर प्रोजेक्ट” और सीमावर्ती इलाकों में जनसांख्यिकीय परिवर्तन से निपटने के लिए प्रस्तावित उच्चाधिकार प्राप्त जनसांख्यिकीय मिशन के गठन का भी संकेत दिया गया।

हर गतिविधि पर पैनी नजर

सीमांचल में बढ़ती यह खुफिया सक्रियता साफ इशारा कर रही है कि आने वाले दिनों में सीमा पार नेटवर्क, संदिग्ध फंडिंग और अवैध गतिविधियों पर बड़ी कार्रवाई देखने को मिल सकती है। सुरक्षा एजेंसियों की नजर अब सिर्फ सीमाओं पर नहीं, बल्कि सीमाओं से जुड़े हर उस चेहरे, हर उस ट्रांजेक्शन और हर उस संपर्क पर है, जो राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा बन सकता है।

Topics: Amit Shah Seemanchal visitSeemanchal security probecross border networkKishanganj ArariaBangladesh Nepal borderChicken Neck Corridornational security operationborder security tightenedIntelligence agenciesForeign Funding Probe
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