पश्चिम बंगाल के बीरभूम जिले से एक ऐसी खबर सामने आई है, जिसने पूरे इलाके में हलचल मचा दी है। बोलपुर के कंकालीतला क्षेत्र स्थित आमडहरा गांव में तृणमूल कांग्रेस के एक बंद पड़े पार्टी कार्यालय से भारी मात्रा में संदिग्ध सामान मिलने का मामला सामने आया है। इस घटना के बाद राजनीति गरमा गई है और भाजपा तथा तृणमूल कांग्रेस आमने-सामने आ गए हैं।
बंद दफ्तर से मिला संदिग्ध सामान
स्थानीय लोगों के अनुसार, चुनाव नतीजे आने के बाद से यह पार्टी कार्यालय बंद पड़ा था। शनिवार को कुछ भाजपा कार्यकर्ता वहां पहुंचे और कार्यालय का ताला खोला। अंदर का नजारा देखकर सभी लोग हैरान रह गए। कमरे में सफेद कपड़े के कई थान रखे हुए थे। इसके अलावा बम बनाने में इस्तेमाल होने वाली सुतली, पत्थर और बारूद जैसा सामान भी वहां मौजूद था। इन चीजों को देखकर इलाके में डर और चर्चा का माहौल बन गया। भाजपा कार्यकर्ताओं ने इस मामले में तृणमूल कांग्रेस पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि चुनाव से पहले भाजपा समर्थकों को डराने और दबाव बनाने की तैयारी की जा रही थी। भाजपा नेताओं का दावा है कि सफेद कपड़ों का इस्तेमाल “कफन” के रूप में लोगों के घर भेजने के लिए किया जाना था, ताकि विरोधियों में भय पैदा किया जा सके। भाजपा का यह भी कहना है कि अगर राज्य में सत्ता परिवर्तन नहीं हुआ होता, तो इन सामानों का इस्तेमाल चुनावी हिंसा फैलाने में किया जा सकता था।
भाजपा ने आरोप लगाया कि राज्य में राजनीतिक हिंसा कोई नई बात नहीं है और पहले भी ऐसी घटनाएं सामने आती रही हैं। पार्टी का कहना है कि विरोधी दलों को डराकर चुप कराने की राजनीति लंबे समय से चलती आ रही है। हालांकि, तृणमूल कांग्रेस ने इन सभी आरोपों को पूरी तरह गलत बताया है। बीरभूम जिला तृणमूल के उपाध्यक्ष मलय मुखर्जी ने कहा कि इस घटना से पार्टी का कोई संबंध नहीं है। उन्होंने कहा कि अगर किसी व्यक्ति ने निजी तौर पर ऐसा काम किया है, तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। गौरतलब है कि बीरभूम को लंबे समय से अनुब्रत मंडल का प्रभाव वाला इलाका माना जाता रहा है। लेकिन इस बार भाजपा ने जिले की 11 में से 6 सीटों पर जीत हासिल कर अपनी मजबूत पकड़ दिखाई है।

















