White House Shooting: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के आधिकारिक दफ्तर व्हाइट हाउस के पास गोलीबारी करने वाले शख्स को सुरक्षाबलों ने मार गिराया है। उसकी पहचान नसीर बेस्ट (21) के तौर पर की गई है। वो खुद को जीसस क्राइस्ट कहता था।
क्या है मामला?
बताया जाता है कि नसीर बेस्ट 17th स्ट्रीट नॉर्थवेस्ट के पास घूम रहा था। वहां पहुंचकर उसने रिवॉल्वर निकाली और सुरक्षा अधिकारियों की तरफ 20-30 राउंड फायर कर दिए। सीक्रेट सर्विस के जवानों ने तुरंत गोली चलाई और उसे मौके पर ही मार गिराया। इस गोलीबारी में एक आम आदमी गंभीर रूप से घायल हो गया। सीक्रेट सर्विस के किसी जवान को चोट नहीं आई। घटना के वक्त राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप व्हाइट हाउस के अंदर थे। वे ईरान और मध्य पूर्व के कुछ देशों के साथ शांति समझौते पर काम कर रहे थे।
नसीर बेस्ट कौन था?
हमलावर नसीर बेस्ट को लेकर रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा है कि वह मानसिक रूप से परेशान था। पहले भी उसका सीक्रेट सर्विस और पुलिस से सामना हो चुका था। जून 2025 में उसे 15th और E स्ट्रीट के पास ट्रैफिक रोकने के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया था। जुलाई 2025 में उसे व्हाइट हाउस के पास प्रतिबंधित क्षेत्र में घुसने की कोशिश के लिए गिरफ्तार किया गया।
कोर्ट रिकॉर्ड के मुताबिक, उसने पहले कहा था कि वह जीसस क्राइस्ट है और उसे गिरफ्तार करवाना चाहता है। उसे व्हाइट हाउस एरिया से दूर रहने का आदेश भी मिला था, लेकिन उसका पालन नहीं किया।
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घटना के बाद क्या हुआ?
गोलीबारी की आवाज सुनकर आसपास मौजूद पत्रकार घबरा गए। ABC न्यूज की रिपोर्टर सेलीना वांग ने बताया कि वे शॉट्स सुनकर प्रेस ब्रीफिंग रूम की तरफ भागे। व्हाइट हाउस कॉम्प्लेक्स को थोड़ी देर के लिए लॉकडाउन कर दिया गया। करीब 30 मिनट बाद स्थिति सामान्य हो गई। FBI ने मामले की जांच शुरू कर दी। FBI डायरेक्टर काश पटेल ने X पर लिखा कि वे सीक्रेट सर्विस की मदद कर रहे हैं।
नेताओं की प्रतिक्रिया
घटना के बाद रिपब्लिकन और डेमोक्रेट दोनों तरफ के नेता हिंसा की निंदा की। हाउस स्पीकर माइक जॉनसन ने सीक्रेट सर्विस के जवानों को शुक्रिया कहा और घायल व्यक्ति के लिए प्रार्थना की। दूसरे नेताओं ने भी कहा कि राजनीतिक मतभेदों को लोकतांत्रिक तरीके से सुलझाना चाहिए।












