अवैध घुसपैठियों के खिलाफ अब कार्रवाई ने नया मोड़ ले लिया है। अब घुसपैठियों को उन्हीं की भाषा में उससे भी बड़े आक्रामक अंदाज में कड़ा जवाब देने का पूरा मन बनाते हुए पश्चिम बंगाल में सत्ता परिवर्तन के बाद मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार ने सूबे की सुरक्षा और संप्रभुता को लेकर अब तक का सबसे बड़ा और कड़ा फैसला किया है। सरकार ने इस मुद्दे पर असम, महाराष्ट्र, उत्तराखंड सहित अन्य भाजपा शाषित प्रदेशों से कदमताल करते हुए इस मुद्दे पर कार्रवाई की रुपरेखा तैयार किया है।
राज्य सरकार सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के साथ मिलकर राज्य में ‘पुशबैक’ कानून को तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया है। पुशबैक नीति के तहत अब सीमा पार से आने वाले घुसपैठियों को पुलिस सीधे गिरफ्तार कर बीएसएफ के हवाले करेगी, जिसके बाद उन्हें वापस बांग्लादेश निर्वासित कर दिया जाएगा।
सीएए पर मुख्यमंत्री ने स्पष्ट की नीति
इसके अलावा मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने नागरिकता संशोधन कानून को लेकर मतुआ और अन्य हिंदू समुदायों के बारे में भी राज्य सरकार की नीति को स्पष्ट करते हुए कहा कि पाकिस्तान, अफगानिस्तान और बांग्लादेश से आए प्रताड़ित अल्पसंख्यकों को डरने की जरूरत नहीं है। मुख्यमंत्री ने इन लोगों को आश्वस्त करते हुए कहा है कि जो लोग 31 दिसंबर 2024 से पहले भारत आये है, उन्हें नागरिकता संशोधन कानून के तहत नागरिकता प्रदान किया जाएगा। उन्हीं पुलिसिया कार्रवाई से डरने की कोई जरूरत नहीं है।
इस मुद्दे के समाधान के लिए भारत सरकार ने 14 मई 2025 को ही घुसपैठियों को सीधे बीएसएफ को सौंपने का निर्देश दिया था, लेकिन ममता सरकार ने तुष्टीकरण की नीति के तहत इस पर कोई कार्रवाई नहीं की थी। मुख्यमंत्री अधिकारी ने यह भी कहा। इस समस्या से जुड़े अन्य मुद्दों की पहचान करते हुए कहा कि लव-जिहाद, जबरन मतांतरण और महिला सुरक्षा से जुड़े जितने भी बड़े अपराध हुए हैं, उनमें अवैध बांग्लादेशी घुसपैठियों की बड़ी संलिप्तता रही है। अधिकारी ने इसे राष्ट्रीय सुरक्षा से भी जोड़ते हुए कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा सर्वोपरि है।
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भाजपा की डिटेक्ट, डिलीट और डिपोर्ट नीति
पश्चिम बंगाल की भाजपा सरकार ने डिटेक्ट, डिलीट और डिपोर्ट के अपने नीति को अमलीजामा पहनाते हुए राज्य सरकार ने सीमावर्ती सभी थानों को अलर्ट मोड पर डाल दिया है। ममता बनर्जी पश्चिम बंगाल की बांग्लादेश की सीमा से सटे करीब 569 किलोमीटर पर जमीन नहीं दी रही थी, जिसके कारण तारबंदी नहीं होने के कारण घुसपैठ बदस्तूर जारी रहा मगर भाजपा सरकार ने महज दस दिनों के भीतर बीएसएफ को बाड़ लगाने के लिए 27 एकड़ जमीन सौंप दिया है। शेष जमीन भी 45 दिनों के भीतर सौंपने की तैयारी है।

















