Melbourne Iraqi Gang The Cartel Nightlife Attacks । क्या कभी ऑस्ट्रेलिया जैसा देश यह कल्पना कर सकेगा कि कोई बाहरी गैंग आकर उसकी राजधानी में उसकी शांति को केवल इसलिए भंग करे और उससे इसलिए नफरत करे कि उसे उस जगह की नाइट लाइफ पसंद नहीं है। क्या दूसरे देश के लोग किसी अन्य देश में जाकर अपना मत चला सकते हैं? यह प्रश्न मेलबर्न की एक घटना से उभरकर आ रहा है। मेलबर्न में ईराक का एक गैंग अपनी नैतिकता को थोपने के लिए इन दिनों मेलबर्न में नाइट लाइफ का विरोध कर रहा है।
वह आतंक फैला रहा है। वह अपराधी गैंग है, मगर उसने अपनी कथित नैतिकता का चोला डाला हुआ है। वह उसके लिए आग के बम भी बरसाता है और वह हिंसा भी करता है। मगर यह बहुत ही बड़ी विडंबना है कि इन घटनाओं का कोई भी विमर्श मुख्यधारा मीडिया में नहीं है।
मीडिया के अनुसार मेलबर्न में इन दिनों ईराकी गैंग का आतंक है। इस गैंग ने हाल के महीनों में नाइटक्लब, बार, रेस्टोरेंट, स्ट्रिप क्लब और वेश्यालयों पर 30 से ज़्यादा बार आगजनी की घटनाओं को अंजाम दिया है; इसके साथ ही इसने गोलीबारी, घरों में घुसपैठ, अपहरण और चाकूबाजी जैसी वारदातें भी की हैं। इन घटनाओं के चलते पुलिस हालांकि इन्हें पकड़ने का अभियान तो चला रही है, मगर अभी तक वह इसे रोके जाने में विफल रही है।
अभी पुलिस ने हालांकि इन तमाम घटनाओं के लिए किसी भी गिरोह को इंगित नहीं किया है, मगर अन्डवर्ल्ड को कवर करने वाले पत्रकारों का कहना है कि ये तमाम हमले द कार्टल नामक गैंग ने कराए हैं, जिसका नाता जेल में बैठे तंबाकू तस्कर काजेम काज अहमद से है।
mediacowboys.substack.com के अनुसार मुख्यधारा मीडिया जिस प्रकार से इस पूरे रैकेट को केवल टैक्स या प्रोटेक्शन रैकेट कह रहा है, वह कुछ और है। द कार्टेल नाम से काम करने वाला यह गैंग एक नैतिक और वैचारिक संरचनाकार्य में कार्य करता है, Ryan Naumenko ने अपनी रिपोर्ट में बताया कि उन्होनें अंतत: मेलबर्न के नाइट क्लब्स, बार, रेस्टोरेंट, स्ट्रिप क्लब और वेश्यालयों में हो रहे हमलों के पीछे कारण का पता लगाया है।
उन्होनें लिखा कि “यह पैसों या अवैध शराब का मामला नहीं है। अगर वे ऑस्ट्रेलिया में इस तरह की चीजें जारी रखना चाहते हैं, तो उन्हें इसका भुगतान करना होगा!”
रयान के अनुसार उन्होनें मार्च के अंत से ही इस गहरी वैचारिक और नैतिक सोच की रिपोर्टिंग की है, जब ऐसी पहली घटना हुई थी। उस समय लोगों को ऐसा लगता था कि जो भी कुछ हो रहा है, वह केवल अवैध शराब, जबरन वसूली और अन्डरवर्ल्ड टैक्स है, मगर जिस तरह से उन्होनें इस पूरी शृंखला में जुड़े हुए लोगों से बात की, वह इन सबसे कहीं अलग और ज्यादा था।
इराकी नेतृत्व वाला यह कार्टेल नाइटक्लब, बार, वेश्यालय या स्ट्रिप क्लबों को ऐसे वैध कारोबार नहीं मानता जिनसे पैसा कमाया जा सके। ये लोग इन सब कामों को नैतिक पतन और अस्वीकार्य पश्चिमी अपसंस्कृति का प्रतीक मानते हैं—ऐसी जगहें जहाँ अय्याशी होती है, खुलेआम नशीले पदार्थों का बाज़ार लगता है, शराब का बेतहाशा दुरुपयोग होता है, और जहाँ ऑस्ट्रेलियाई महिलाओं का व्यवहार उन्हें बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं होता।
अर्थात उन्हें अपनी नहीं बल्कि ऑस्ट्रेलिया की लड़कियों का भी वहाँ आना पसंद नहीं है, वे अपनी मर्जी चलाना चाहते हैं। वे अपने हिसाब से लड़कियों को कैद करना चाहते हैं।
रयान लिखते हैं कि उनके अनुसार वे वहाँ पर भुगतान नहीं करना चाहते हैं, बल्कि अपनी मर्जी के अनुसार समर्पण चाहते हैं। जब इनकी बातों से इनकार किया जाए तो वे गोलियां चलाते हैं और जैसा कि हमने देखा है, इसके बाद दहशत तेज़ी से बढ़ती जाती है।
outlaw media ने इस पूरे गैंग के बारे में और भी नई सूचनाएं दी हैं। उन्होनें इस संदिग्ध गैंग का और भी खुलासा किया है। इन कामों के लिए युवा लड़कों को नियुक्त किया जाता है और उन्हें हर ऐसी घटना के लिए $500 से $800 के बीच भुगतान किया जा रहा है। जो लोग असल में ये अपराध करते हैं—अर्थात जो आगजनी करते हैं या फिर गोलीबारी करते हैं—उन्हें $2000 से $20,000 के बीच का भुगतान दिया जाता है।
जो लोग यह सब काम करते हैं, अर्थात जो लोग ड्रिल सीन में शामिल होते हैं, वे दरअसल कार्टेल और उसके स्थानीय गुर्गों द्वारा सिर्फ़ केवल अपने इशारों पर नचाने के लिए ही इस्तेमाल किये जा रहे होते हैं, जबकि जो लोग इस पूरे खेल के मालिक हैं, वे विदेशों में आराम फरमा रहे हैं और वे लोग उस अफरातफरी और आतंक का मजा उठा रहे हैं, जो ऑस्ट्रेलिया में उनके गुर्गे कर रहे हैं।
इसके अनुसार यह कोई अन्य रैकेट नहीं है, बल्कि यह मेलबर्न के नाइटलाइफ़ इंफ्रास्ट्रक्चर का सुनियोजित विनाश है। अब तक तीस से ज़्यादा घटनाओं को इस पूरे अभियान का हिस्सा बनाया गया है, और जिनमें से अप्रेल के मध्य मे ही एक हफ्ते में छ से ज्यादा जगहों को निशाना बनाया गया है।
ये लोग आगजनी करते हैं और उनका संदेश एकदम स्पष्ट है कि या तो पैसे दो और आत्मसमर्पण कर दो, या फिर अपनी जगहों या ज़िंदगियों को जलते हुए देखो।
मगर उनके अनुसार यह सब पैसों के बारे में नहीं है, यह मेलबर्न की उस ज़िंदगी के बारे में है, जो अंधेरा होने के बाद लोग जीते हैं अर्थात उनकी नाइट लाइफ।












