NEET UG Paper Leak: नीट यूजी (NEET UG) पेपर लीक मामले में सीबीआई (CBI) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए महाराष्ट्र के लातूर शहर से एक कोचिंग संचालक को गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान शिवराज रघुनाथ मोटेगांवकर के रूप में हुई है। शिवराज रघुनाथ यहां ‘रेणुकाई केमिस्ट्री क्लासेस (RCC)’ कोचिंग चलाता है। इससे पहले रविवार को CBI को तलाशी के दौरान आरोपी मोटेगांवकर के फोन पर मेडिकल प्रवेश परीक्षा का एक लीक प्रश्न पत्र मिला था। इसके बाद उसे गिरफ्तार किया गया।
CBI ने रविवार को आरोपी शिवराज के ठिकानों पर छापेमारी की थी। जिसमें उसके मोबाइल में NEET UG का लीक प्रश्नपत्र मिला था। जांच एजेंसी का आरोप है कि शिवराज मोटेगांवकर उस संगठित गिरोह का सक्रिय सदस्य था जो नीट यूजी 2026 परीक्षा के प्रश्नपत्र लीक करने और उसे फैलाने में शामिल था।
पेपर लीक मामले में अब तक कितनी गिरफ्तारियां?
NEET UG पेपर लीक मामले में सीबीआई अब तक शिवराज रघुनाथ मोटेगांवकर समेत 10 गिरफ्तारियां कर चुकी हैं। नीट पेपर लीक प्रकरण में ब तक मनीषा गुरुनाथ मांधरे, प्रो. पी.वी. कुलकर्णी, मांगीलाल बीवाल, विकास बीवाल, दिनेश बीवाल, यश यादव, शुभम खैरनार, मनीषा वाघमारे और धनंजय लोखंडे की गिरफ्तारी हो चुकी है। CBI का कहना है कि मोटेगांवकर ने अन्य आरोपियों के साथ मिलकर साजिश रचते हुए 23 अप्रैल 2026 को होने वाली NEET UG परीक्षा से पहले ही उसके प्रश्न पत्र और उत्तर हासिल कर लिए थे।
इस मामले की जांच CBI कर रही है और आगे अन्य गिरफ्तारियां हो सकती हैं। इससे पहले इस पूरे प्रकरण का एक मास्टरमाइंड शुभम खैरनार भी गिरफ्तार हो चुका है। जांच एजेंसियों को इस बात का संदेह है कि आरोपी शुभम खैरनार डॉक्टर बनाने के नाम पर इन अमीर परिवारों के छात्रों के साथ करोड़ों रुपये की डील करता था। कुछ अमिर परिवारों के छात्रों के माता-पिता शुभम खैरनार के संपर्क में भी थे। नीट यूजी पेपर लीक प्रकरण में धीरे-धीरे कई खुलासे हो रहे हैं।
इससे पहले खुलासा हुआ था कि NEET (UG) 2026 के लीक पेपर को लाखों में बेचा गया था। यह लीक पेपर हजारों छात्रों तक पहुंचा था। जयपुर और हरियाणा से जुड़े सिंडिकेट ने NEET का पेपर 10 से 15 लाख रुपये में बेचा था। जांच में सामने आया है कि यह लीक पेपर कुछ जगहों पर 25 से 30 लाख रुपये तक में खरीदा गया था। इस पूरे गिरोह से जुड़े हुए लोगों ने एक ही पेपर को कई छात्रों को बेचकर करोड़ों रुपये की कमाई की थी। हरियाणा से पेपर लीक होने के बाद यह जयपुर और सीकर जैसे कोचिंग हब में ‘गेस पेपर’ के नाम पर फैलाया गया। इस गेस पेपर में असली पेपर के बायोलॉजी के 90 और केमिस्ट्री के 45 सवाल छिपाकर छात्रों तक पहुंचाए गए। यह गेस पेपर परीक्षा से कई घंटे पहले ही सर्कुलेशन में आ गया था। सबसे पहले 2 मई की रात इसे PDF के रूप में शेयर किया गया और 3 मई की परीक्षा के बाद जब सवालों का मिलान हुआ तो बड़ी संख्या में प्रश्न मैच होने से पूरे मामले का खुलासा हो गया। नीट यूजी पेपर लीक की गड़बड़ी को सबसे पहले राजस्थान के हनुमानगढ़ जिले में नोहर के रहने वाले केमिस्ट्री टीचर शशिकांत सुथार ने की थी।













