महाराष्ट्र एंटी टेररिज्म स्क्वॉड (ATS) ने पाकिस्तान से संचालित कथित आतंकी-गैंगस्टर नेटवर्क के खिलाफ अब तक का सबसे बड़ा अभियान चलाते हुए राज्यभर में एक साथ 40 से ज्यादा ठिकानों पर छापेमारी की है। इस ऑपरेशन में पाकिस्तान में बैठे गैंगस्टर शाहजाद भट्टी और डोगर गैंग से जुड़े संदिग्ध मॉड्यूल को निशाना बनाया गया। जांच एजेंसियों का दावा है कि सोशल मीडिया, ऑनलाइन गेमिंग ऐप्स और हवाला नेटवर्क के जरिए युवाओं को अपराध और कट्टरपंथ की ओर धकेलने की साजिश रची जा रही थी। कार्रवाई के दौरान बड़ी संख्या में संदिग्धों से पूछताछ की जा रही है और कई इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस जब्त किए गए हैं।
महाराष्ट्र के कई शहरों में एक साथ ATS की कार्रवाई
बुधवार सुबह महाराष्ट्र ATS की कई टीमों ने राज्य के अलग-अलग हिस्सों में एक साथ छापेमारी शुरू की। मुंबई के सांताक्रूज, अंधेरी, घाटकोपर और मलाड सहित कई इलाकों में संदिग्ध ठिकानों की तलाशी ली गई। इसके अलावा ठाणे, कल्याण, मीरा रोड और नालासोपारा में भी ATS की टीमें सक्रिय रहीं।
कार्रवाई केवल मुंबई महानगर क्षेत्र तक सीमित नहीं रही। पुणे, नागपुर, नाशिक, मालेगांव, छत्रपति संभाजीनगर, अकोला, नांदेड़ और जलगांव समेत कई शहरों में भी एक साथ सर्च ऑपरेशन चलाया गया। अधिकारियों के अनुसार, यह ऑपरेशन लंबे समय से मिले खुफिया इनपुट के आधार पर शुरू किया गया था।
पाकिस्तानी गँगस्टर शहजाद भट्टी याच्या टोळी सोबत संपर्कात असणाऱ्या राज्यातील युवकांना अटक करण्यात आली आहे.तर ५७ जणांची चौकशी झाली आहे.
Social मिडिया वर संपर्क साधत होते आणि प्रलोभन देऊन फसवत होते.
महाराष्ट्र ATS ने कारवाई केली आहे,यावर गृहमंत्रालयाकडून कडक कारवाई करण्याचे आदेश…
— शुभम कराड (@shubham_9909) May 14, 2026
सोशल मीडिया और गेमिंग ऐप्स बना रहे थे हथियार
जांच एजेंसियों के मुताबिक, यह नेटवर्क युवाओं को अपने जाल में फंसाने के लिए इंस्टाग्राम, टेलीग्राम और व्हाट्सएप जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स का इस्तेमाल कर रहा था। युवाओं को महंगी जिंदगी, तेज कमाई और गैंगस्टर जैसी प्रभावशाली पहचान का लालच देकर उन्हें नेटवर्क से जोड़ने की कोशिश की जा रही थी।
एजेंसियों ने यह भी खुलासा किया है कि ऑनलाइन गेमिंग ऐप्स के जरिए भी युवाओं तक पहुंच बनाई जा रही थी। अधिकारियों का मानना है कि यह केवल आपराधिक गिरोह तैयार करने की कोशिश नहीं थी, बल्कि धीरे-धीरे कट्टरपंथी सोच और संगठित अपराध की तरफ युवाओं को धकेलने की रणनीति का हिस्सा था। जांच में यह आशंका भी जताई जा रही है कि कुछ युवाओं को आगे चलकर ऑपरेटिव या स्लीपर सेल के तौर पर इस्तेमाल करने की तैयारी थी।
Maharashtra ATS questions 57 people over alleged links with wanted Pakistani gangster https://t.co/AiOqpzOJWS
— Abhishek Sharan (@abhisheksharanx) May 14, 2026
57 से ज्यादा लोग हिरासत में, डिजिटल नेटवर्क की जांच तेज
इस बड़े ऑपरेशन के दौरान अब तक करीब 57 लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। वहीं देशव्यापी कार्रवाई में 300 से अधिक संदिग्धों को हिरासत में लिए जाने की जानकारी सामने आई है। ATS और केंद्रीय एजेंसियों ने कई मोबाइल फोन, लैपटॉप, पेन ड्राइव और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जब्त किए हैं। अब इन डिवाइसों के डेटा की फॉरेंसिक जांच की जा रही है। जांच एजेंसियां कॉल रिकॉर्ड, सोशल मीडिया चैट, बैंक खातों और वित्तीय लेनदेन की भी गहन पड़ताल कर रही हैं।
अधिकारियों को शक है कि इस नेटवर्क की फंडिंग पाकिस्तान और दुबई से हवाला चैनलों के जरिए की जा रही थी। इसी वजह से विदेशी संपर्कों और फाइनेंशियल ट्रांजैक्शंस पर विशेष फोकस किया जा रहा है।
गाजियाबाद CCTV जासूसी केस से जुड़े तार
जांच एजेंसियों के अनुसार, शाहजाद भट्टी और डोगर गैंग का नाम हाल ही में सामने आए गाजियाबाद CCTV जासूसी मामले में भी सामने आया था। जांच में खुलासा हुआ था कि दिल्ली कैंट और संवेदनशील रेलवे कॉरिडोर के पास सोलर पावर्ड कैमरे लगाए गए थे। इन कैमरों का लाइव एक्सेस पाकिस्तान और दुबई में बैठे हैंडलर्स को दिया जा रहा था।
अधिकारियों का कहना है कि यह नेटवर्क “फ्रीलांस मॉड्यूल” की तरह काम करता था, जहां अलग-अलग सेल एक-दूसरे के बारे में सीमित जानकारी रखते थे। इसका मकसद यह था कि किसी एक सदस्य के पकड़े जाने पर पूरा नेटवर्क उजागर न हो सके।
Yesterday Maharashtra ATS busted a WhatsApp or some SM group
And arrested 57 Boys from over 50 cities in Maharashtra lined to Shehzad Bhatti
One mulla from my town is also Arrested
After looking at this, It is Totally confirmed, there was a plan of multi city attack across MH— Parimal Kore (@KoreParima44271) May 14, 2026
सैन्य ठिकानों और संवेदनशील इलाकों को निशाना बनाने की आशंका
शाहजाद भट्टी का नाम पहले भी कई गंभीर मामलों में सामने आ चुका है। पंजाब में सैन्य प्रतिष्ठानों के पास हुए विस्फोटों, दिल्ली के एक ऐतिहासिक मंदिर और हिसार मिलिट्री कैंप को निशाना बनाने की कथित साजिश में भी उसका नाम जुड़ चुका है। लाहौर निवासी शाहजाद भट्टी को भारतीय एजेंसियां पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI का करीबी मानती हैं। जांच एजेंसियों का दावा है कि वह दुबई में बैठकर भारत में हथियार तस्करी, टारगेट किलिंग और जबरन वसूली जैसे अपराधों को ऑपरेट कर रहा था।
कई राज्यों में फैला नेटवर्क, एजेंसियां अलर्ट पर
सुरक्षा एजेंसियों ने महाराष्ट्र के अलावा दिल्ली, पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, राजस्थान और मध्यप्रदेश समेत कई राज्यों में भी कार्रवाई की है। हरियाणा STF ने करीब 90 ऐसे युवकों को हिरासत में लिया है, जिनके इस नेटवर्क से जुड़े होने की आशंका है। अधिकारियों के मुताबिक, कई युवाओं की काउंसलिंग भी कराई जा रही है ताकि उन्हें अपराध और कट्टरपंथ के रास्ते से दूर किया जा सके। एजेंसियों का मानना है कि यह नेटवर्क केवल गैंगस्टर गतिविधियों तक सीमित नहीं था, बल्कि देश में अस्थिरता फैलाने की बड़ी साजिश का हिस्सा हो सकता है।
शुरुआती स्तर पर बड़ी साजिश को रोकने की कोशिश
ATS अधिकारियों का कहना है कि इस ऑपरेशन का मुख्य उद्देश्य किसी भी संभावित आतंकी साजिश, हथियार तस्करी और संगठित अपराध को शुरुआती चरण में ही रोकना है। फिलहाल जांच जारी है और आने वाले दिनों में कई बड़े खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है। महाराष्ट्र ATS का यह ऑपरेशन इस बात का संकेत है कि सुरक्षा एजेंसियां अब सोशल मीडिया और डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के जरिए फैल रहे अपराध और कट्टरपंथी नेटवर्क पर पहले से ज्यादा आक्रामक रणनीति के साथ काम कर रही हैं।

















