अल्मोड़ा करबला भूमि विवाद: अवैध निर्माण हटाने के बाद हिंदू संगठनों का जनांदोलन तेज
August 7, 2026
  • Read Ecopy
  • Circulation
  • Advertise
  • Careers
  • About Us
  • Contact Us
Android appiPhone AppArattai
Panchjanya
  • ‌
  • भारत
    • अंडमान और निकोबार द्वीप
    • दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव
    • अरूणाचल प्रदेश
    • असम
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • ओडिशा
    • कर्नाटक
    • केरल
    • गुजरात
    • गोवा
    • चण्‍डीगढ़
    • छत्तीसगढ़
    • जम्‍मू एवं कश्‍मीर
    • झारखण्‍ड
    • तमिलनाडु
    • तेलंगाना
    • त्रिपुरा
    • दिल्ली
    • नागालैण्‍ड
    • पंजाब
    • पश्चिम बंगाल
    • पुडुचेरी
    • बिहार
    • मणिपुर
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • मिजोरम
    • मेघालय
    • राजस्थान
    • लक्षद्वीप
    • लद्दाख
    • सिक्किम
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
  • विश्व
  • संघ @100
    • संघ को जानें
    • पंच परिवर्तन
      • स्वदेशी
      • कुटुम्ब प्रबोधन
      • सामाजिक समरसता
      • नागरिक कर्तव्य
      • पर्यावरण
    • संघ गीत
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • अधिक
    • विभाजन-विभीषिका
    • पाञ्चजन्य इवेंट
      • सुशासन संवाद
      • सागर मंथन
      • मुंबई संकल्प
      • अष्टायाम
      • गुरुकुलम
      • साबरमती संवाद
      • आधार इन्फ्रा
    • वेब स्टोरी
    • ऑपरेशन सिंदूर
    • विश्लेषण
    • लव जिहाद
    • खेल
    • मनोरंजन
    • यात्रा
    • स्वास्थ्य
    • धर्म-संस्कृति
    • पर्यावरण
    • बिजनेस
    • साक्षात्कार
    • शिक्षा
    • रक्षा
    • कला-साहित्य
      • पुस्तकें
      • पुस्तक समीक्षा
    • सोशल मीडिया
    • विज्ञान और तकनीक
    • मत अभिमत
    • श्रद्धांजलि
    • संविधान
    • आजादी का अमृत महोत्सव
    • मानस के मोती
    • जनजातीय नायक
    • पॉडकास्ट
    • पत्रिका
    • हमारे लेखक
  • Subscribe
    • Subscribe Print Edition
    • Subscribe Ecopy
    • Read Ecopy
  • ‌
  • भारत
    • अंडमान और निकोबार द्वीप
    • दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव
    • अरूणाचल प्रदेश
    • असम
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • ओडिशा
    • कर्नाटक
    • केरल
    • गुजरात
    • गोवा
    • चण्‍डीगढ़
    • छत्तीसगढ़
    • जम्‍मू एवं कश्‍मीर
    • झारखण्‍ड
    • तमिलनाडु
    • तेलंगाना
    • त्रिपुरा
    • दिल्ली
    • नागालैण्‍ड
    • पंजाब
    • पश्चिम बंगाल
    • पुडुचेरी
    • बिहार
    • मणिपुर
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • मिजोरम
    • मेघालय
    • राजस्थान
    • लक्षद्वीप
    • लद्दाख
    • सिक्किम
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
  • विश्व
  • संघ @100
    • संघ को जानें
    • पंच परिवर्तन
      • स्वदेशी
      • कुटुम्ब प्रबोधन
      • सामाजिक समरसता
      • नागरिक कर्तव्य
      • पर्यावरण
    • संघ गीत
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • अधिक
    • विभाजन-विभीषिका
    • पाञ्चजन्य इवेंट
      • सुशासन संवाद
      • सागर मंथन
      • मुंबई संकल्प
      • अष्टायाम
      • गुरुकुलम
      • साबरमती संवाद
      • आधार इन्फ्रा
    • वेब स्टोरी
    • ऑपरेशन सिंदूर
    • विश्लेषण
    • लव जिहाद
    • खेल
    • मनोरंजन
    • यात्रा
    • स्वास्थ्य
    • धर्म-संस्कृति
    • पर्यावरण
    • बिजनेस
    • साक्षात्कार
    • शिक्षा
    • रक्षा
    • कला-साहित्य
      • पुस्तकें
      • पुस्तक समीक्षा
    • सोशल मीडिया
    • विज्ञान और तकनीक
    • मत अभिमत
    • श्रद्धांजलि
    • संविधान
    • आजादी का अमृत महोत्सव
    • मानस के मोती
    • जनजातीय नायक
    • पॉडकास्ट
    • पत्रिका
    • हमारे लेखक
  • Subscribe
    • Subscribe Print Edition
    • Subscribe Ecopy
    • Read Ecopy
Panchjanya
panchjanya android mobile app
  • होम
  • भारत
  • विश्व
  • संघ @100
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • विश्लेषण
  • मत अभिमत
  • रक्षा
  • धर्म-संस्कृति
  • पत्रिका
  • पाञ्चजन्य इवेंट
  • Print Edition
  • Ecopy
होम भारत उत्तराखंड

अल्मोड़ा करबला भूमि विवाद: अवैध निर्माण हटाने के बाद हिंदू संगठनों का जनांदोलन तेज

अल्मोड़ा के करबला क्षेत्र में 450 नाली भूमि विवाद गरमा गया। अवैध निर्माण हटाने के बाद हिंदू संगठनों ने ISBT निर्माण की मांग को लेकर जनांदोलन शुरू किया। प्रशासन पर ढिलाई का आरोप।

Written byकुलदीप सिंहकुलदीप सिंह
May 14, 2026, 09:09 am IST
inउत्तराखंड
Uttarakhand karbala land

अल्मोड़ा: अल्मोड़ा के करबला क्षेत्र में कथित अवैध निर्माण और 450 नाली भूमि के उपयोग को लेकर विवाद अब जन-आंदोलन का रूप लेता दिखाई दे रहा है। एक ओर प्रशासन ने अवैध निर्माण हटाने की कार्रवाई का दावा किया है, वहीं दूसरी ओर हिंदुत्वनिष्ठ संगठनों ने प्रशासन पर मामले को गंभीरता से न लेने का आरोप लगाया है।

डीएम अंशुल सिंह ने बताया कि करबला क्षेत्र स्थित कब्रिस्तान के पास अवैध निर्माण की सूचना प्रशासन को प्राप्त हुई थी। सूचना मिलते ही प्रशासन ने तत्काल जांच कराई। एसडीएम संजय कुमार ने जांच में निर्माण अवैध पाए जाने पर संबंधित निर्माणकर्ता को सात दिनों के भीतर अतिक्रमण हटाने का नोटिस जारी किया गया था। एसडीएम के अनुसार, प्रशासनिक नोटिस के बाद निर्माणकर्ता ने स्वयं ही अवैध निर्माण को ध्वस्त कर दिया, जिससे क्षेत्र में किसी प्रकार की तनावपूर्ण या विधि-विरुद्ध स्थिति उत्पन्न नहीं हुई। उन्होंने स्पष्ट कहा कि प्रशासन अवैध निर्माणों को लेकर पूरी तरह सतर्क है तथा भविष्य में भी ऐसे मामलों में कठोर कार्रवाई की जाएगी। साथ ही आमजन से अपील की गई कि बिना अनुमति किसी भी प्रकार का निर्माण न करें।

हिन्दू संगठनों ने किया था जनांदोलन

हालांकि, प्रशासन की इस कार्रवाई के बाद मामला नया मोड़ लेता दिखाई दिया। करबला स्थित 450 नाली भूमि पर अंतरराज्यीय बस अड्डा (ISBT) बनाए जाने और कथित अवैध कब्जों के विरोध में हिंदू संगठनों ने अल्मोड़ा में जन-आंदोलन का आह्वान किया था। संगठन के सैकड़ों कार्यकर्ता शांतिपूर्ण प्रदर्शन के लिए स्वामी विवेकानंद स्थल की ओर बढ़ रहे थे, लेकिन प्रशासन ने उन्हें रास्ते में ही रोक दिया। संगठन के अनुसार, प्रदर्शन स्थल से लगभग 10 किलोमीटर पहले क्वारब पुल के पास भारी पुलिस बल तैनात किया गया था और हिंदूवादी नेताओं को हिरासत में ले लिया बाद में उन्हें रिहा कर दिया।

घटनास्थल पर संगठन पदाधिकारियों की एसडीएम संजय कुमार और सीओ बलवंत रावत के साथ वार्ता भी हुई। संगठन ने प्रशासनिक कार्रवाई को लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन बताते हुए इसकी कड़ी आलोचना की। हिंदुत्वनिष्ठ संगठनों का दावा है कि उसने सूचना के अधिकार (RTI) के तहत करबला स्थित 450 नाली भूमि का विवरण मांगा था। प्राप्त जानकारी में केवल “नमाज चबूतरा” और “कब्रिस्तान” का उल्लेख था, जबकि किसी पक्की मस्जिद के निर्माण का वैध रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं कराया गया।

अवैध निर्माण हटाने की हुई थी मांग

इसी आधार पर संगठन ने लगभग दो माह पूर्व जिलाधिकारी अंशुल सिंह को ज्ञापन सौंपकर कथित अवैध निर्माण हटाने की मांग की थी। संगठन का आरोप है कि प्रशासन ने उस समय कोई ठोस कार्रवाई नहीं की। लेकिन जैसे ही जन-आंदोलन की घोषणा हुई, प्रशासन ने अचानक अवैध निर्माण हटाने का दावा कर दिया। राष्ट्रीय सेवा संघ ने इसे प्रशासन की “ढिलाई और आंदोलन को दबाने की नीति” करार दिया है। संगठन का कहना है कि यदि समय रहते प्रशासन ने मामले पर पारदर्शी कार्रवाई की होती, तो कार्यकर्ताओं को हिरासत में लेने जैसी स्थिति उत्पन्न नहीं होती।

संगठन ने यह भी स्पष्ट किया कि करबला की 450 नाली भूमि का उपयोग जनहित में ISBT निर्माण के लिए किया जाना चाहिए, जिससे अल्मोड़ा सहित पूरे कुमाऊं क्षेत्र को यातायात सुविधा का लाभ मिल सके। संगठन का आरोप है कि भूमि के वास्तविक उपयोग और स्वामित्व को लेकर अब तक स्पष्ट स्थिति सामने नहीं आई है। वहीं प्रशासनिक सूत्रों का कहना है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखना उनकी प्राथमिक जिम्मेदारी है। किसी भी प्रकार की संवेदनशील स्थिति को देखते हुए एहतियाती कदम उठाए गए। प्रशासन का कहना है कि किसी भी व्यक्ति या संगठन को कानून अपने हाथ में लेने की अनुमति नहीं दी जा सकती।

राजनीतिक हल्कों में मची हलचल

घटना के बाद अल्मोड़ा में राजनीतिक और सामाजिक हलकों में भी चर्चा तेज हो गई है। एक पक्ष प्रशासन की कार्रवाई को आवश्यक बता रहा है, जबकि दूसरा पक्ष इसे जनभावनाओं को दबाने का प्रयास मान रहा है।

फिलहाल करबला भूमि विवाद केवल अवैध निर्माण तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि यह भूमि उपयोग, प्रशासनिक पारदर्शिता और जन-आंदोलन के अधिकार जैसे बड़े सवालों से भी जुड़ता जा रहा है। राष्ट्रीय सेवा संघ ने संकेत दिए हैं कि जब तक भूमि के उपयोग और कथित अतिक्रमण को लेकर स्पष्ट एवं निष्पक्ष जांच नहीं होती, तब तक उनका लोकतांत्रिक संघर्ष जारी रहेगा। अब देखना यह होगा कि प्रशासन इस पूरे मामले में आगे क्या कदम उठाता है और क्या करबला भूमि विवाद आने वाले समय में अल्मोड़ा की राजनीति और सामाजिक वातावरण पर और अधिक प्रभाव डालता है।

Topics: करबला अवैध निर्माणहिंदू संगठन अल्मोड़ा आंदोलनअल्मोड़ा करबला विवादअल्मोड़ा ISBT निर्माण
कुलदीप सिंह
कुलदीप सिंह
नागपुर स्थित राष्ट्रसंत तुकड़ोजी महाराज विद्यापीठ (नागपुर यूनिवर्सिटी) से मॉस कम्युनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएट। बीते एक दशक से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हूं। राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर विशेष रुचि। पत्रकारिता की इस यात्रा की शुरुआत नागपुर नवभारत में इंटर्नशिप से शुरू होती है, तदोपरांत GTPL न्यूज चैनल, लोकमत समाचार, ग्रामसभा मेल, मोबाइल न्यूज 24 और Way2News हैदराबाद के बाद अब पाञ्चजन्य के साथ सफर जारी है। [Read more]
Share
Tweet
SendShareSend
Subscribe Panchjanya YouTube Channel
Download Panchjanya mobile apps: Google Play Store  / App Store

संबंधित समाचार

No Content Available
Load More

ताज़ा समाचार

Sambhal Violence Judicial Commission Report VHP Dr Surendra Jain Statement Panchjanya

“सत्य की विजय, बेनकाब हुए षड्यंत्रकारी”: संभल हिंसा पर न्यायिक आयोग की रिपोर्ट का VHP ने किया स्वागत

अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया (फाइल चित्र)

जस्टिस के खिलाफ सोशल मीडिया अभियान: अवमानना केस में केजरीवाल-सिसोदिया को HC का अल्टीमेटम, 4 सप्ताह में मांगा जवाब!

Haridwar Kumbh Mela 2027, Kumbh 2027 Preparations, Meladhikari Sonika, IIT Roorkee Bridge Testing, Uttarakhand News Today, Panchjanya News

कांवड़ यात्रा 2027 के बाद ‘कुंभ 2027’ की तैयारियों में आएगी तेजी: हरिद्वार में बनेंगे 5 नए पुल, IIT रुड़की करेगी जांच

Spain Morocco Migration Crisis Ceuta Melilla Fence Infiltration Panchjanya

स्पेन में मोरक्को से आई भारी भीड़ का एक सप्ताह: लोग तो लौट गए, पर पीछे छोड़ गए अनसुलझे सवाल और भारी अराजकता!

Kanwar yatra 2025

हरिद्वार कांवड़ यात्रा 2026 : 2 करोड़ 19 लाख 70 हजार से अधिक शिवभक्तों ने लिया गंगा जल

सैनिकों के नाम पर कार्यक्रम और मंच से पूर्व सैनिक ही गायब : फौजीयों के अपमान पर बरसे कर्नल कोठियाल- माफी मांगे कांग्रेस

दीप प्रज्ज्वलित कर प्रबोधन बैठक के समापन सत्र का शुभारंभ करते श्री मोहनराव भागवत। साथ में हैं आचार्य स्वामी जीतेंद्रनाथ जी और विश्वमांगल्य सभा की अन्य पदाधिकारी

‘परिवार व्यवस्था को मजबूत करना समय की आवश्यकता’

Sarsanghchalak Dr Mohan Bhagwat IIMUN Mumbai Speech Gen Z

“Gen-Z देश का भविष्य, शंका नहीं संवाद करें”: मुंबई में डॉ. मोहन भागवत जी ने शिक्षा, आरक्षण और LGBTQIA+ पर रखा दृष्टिकोण

सूबेदार बलदेव तिवारी से कांपते थे अंग्रेज। (चित्र प्रतीकात्मक और एआई द्वारा निर्मित)

महायोद्धा सूबेदार बलदेव तिवारी : राजा शंकर शाह और रघुनाथ के बलिदान का लिया प्रतिशोध

RSS Chief Dr Mohan Bhagwat Statement Gen Z Youth Protests Mumbai Panchjanya

“प्रदर्शन करने वाले Gen Z युवा देशद्रोही नहीं”: मुंबई में RSS सरसंघचालक जी ने कहा- “व्यवस्था सुधार के लिए संवाद जरूरी”

Load More
  • Privacy
  • Terms
  • Cookie Policy
  • Refund and Cancellation
  • Delivery and Shipping

© Bharat Prakashan (Delhi) Limited.
Tech-enabled by Ananthapuri Technologies

  • Search Panchjanya
  • होम
  • भारत
    • अंडमान और निकोबार द्वीप
    • दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव
    • अरूणाचल प्रदेश
    • असम
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • ओडिशा
    • कर्नाटक
    • केरल
    • गुजरात
    • गोवा
    • चण्‍डीगढ़
    • छत्तीसगढ़
    • जम्‍मू एवं कश्‍मीर
    • झारखण्‍ड
    • तमिलनाडु
    • तेलंगाना
    • त्रिपुरा
    • दिल्ली
    • नागालैण्‍ड
    • पंजाब
    • पश्चिम बंगाल
    • पुडुचेरी
    • बिहार
    • मणिपुर
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • मिजोरम
    • मेघालय
    • राजस्थान
    • लक्षद्वीप
    • लद्दाख
    • सिक्किम
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
  • विश्व
  • संघ @100
    • संघ को जानें
    • पंच परिवर्तन
      • स्वदेशी
      • सामाजिक समरसता
      • कुटुम्ब प्रबोधन
      • पर्यावरण
      • नागरिक कर्तव्य
    • संघ गीत
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • विभाजन-विभीषिका
  • पाञ्चजन्य इवेंट
    • सुशासन संवाद
    • सागर मंथन
    • मुंबई संकल्प
    • अष्टायाम
    • गुरुकुलम
    • साबरमती संवाद
    • आधार इन्फ्रा
  • वेब स्टोरी
  • ऑपरेशन सिंदूर
  • विश्लेषण
  • लव जिहाद
  • खेल
  • मनोरंजन
  • यात्रा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म-संस्कृति
  • पर्यावरण
  • बिजनेस
  • साक्षात्कार
  • शिक्षा
  • रक्षा
  • कला-साहित्य
    • पुस्तकें
    • पुस्तक समीक्षा
  • सोशल मीडिया
  • विज्ञान और तकनीक
  • मत अभिमत
  • श्रद्धांजलि
  • संविधान
  • आजादी का अमृत महोत्सव
  • पॉडकास्ट
  • पत्रिका
  • हमारे लेखक
  • Read Ecopy
  • प्रसार विभाग – Circulation
  • About Us
  • Contact Us
  • Careers @ BPDL
  • Advertise
  • Privacy Policy

© Bharat Prakashan (Delhi) Limited.
Tech-enabled by Ananthapuri Technologies