Rudrapur Illegal Mazar Government Land । रुद्रपुर : खेड़ा क्षेत्र में सरकारी भूमि पर कब्जा करके मकान बनाया उसमें अपने मरे हुए अब्बा को दफन करके मजार बनाने वाले शख्स को जिला प्रशासन ने नोटिस जारी किया है।
प्रशासन की चेतावनी: ‘दो हफ्ते में खाली करें जगह, वरना होगी कड़ी कार्रवाई’
एडीएम पंकज उपाध्याय ने बताया कि सरकारी भूमि पर कब्जा करने वाले अब्बास को दो हफ्ते में जवाब देने को कहा गया है। श्री उपाध्याय ने बताया कि भूमि सरकारी है और यहां भवन बनाकर उसमें दफनाने के प्रक्रिया कैसे और किस आधार पर की गई इसका जवाब देना होगा।
उन्होंने कहा कि बेहतर होगा कि वो इस स्थान को खाली करे जो दफन है उन्हें कब्रस्तान में दफन करे अन्यथा प्रशासन अपनी करवाई करेगा।
उल्लेखनीय है कि शहर के खेड़ा क्षेत्र में जब सरकारी भूमि पर अतिक्रमण की सूचना मिलने पर महापौर विकास शर्मा, एडीएम पंकज उपाध्याय, नगर आयुक्त और अन्य प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। जांच के दौरान अधिकारियों के सामने ऐसा मामला आया, जिसे देखकर सभी हैरान रह गए।
रुद्रपुर में मजार के नाम पर लैंड जिहाद? सरकारी भूमि पर कब्जे का अनोखा तरीका
बताया जा रहा है कि सरकारी भूमि पर कब्जा जमाने के उद्देश्य से अब्बास नाम के व्यक्ति ने अपने अब्बू को सरकारी भूमि पर स्थित घर के अंदर दफनाकर वहां मजार का स्वरूप दे दिया। इतना ही नहीं, किसी को भनक न लगे इसके लिए मजार को पन्नी डालकर ढकने का भी प्रयास किया गया, ताकि वह काफी पुरानी प्रतीत हो।
मौके पर पहुंची प्रशासनिक टीम ने पूरे मामले की जानकारी जुटाई और भूमि संबंधी दस्तावेजों की जांच शुरू कर दी। प्रशासन द्वारा अवैध अतिक्रमण और निर्माण को लेकर विधिक कार्रवाई की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है।
मेयर विकास शर्मा का कड़ा रुख- उत्तराखंड में बर्दाश्त नहीं होगा अतिक्रमण
महापौर विकास शर्मा ने कहा कि प्रदेश सरकार उत्तराखंड में किसी भी रूप में “लैंड जिहाद” को बर्दाश्त नहीं करेगी। उन्होंने कहा कि प्रदेश के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी लगातार इस प्रकार के मामलों पर सख्त कार्रवाई कर रहे हैं और कई एकड़ सरकारी भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराया जा चुका है।
उन्होंने कहा कि रुद्रपुर में सामने आया यह मामला बेहद गंभीर है, जहां कुछ दिन पहले तक खाली भूमि थी और अब वहां मजार का स्वरूप दे दिया गया।
महापौर ने कहा कि यदि किसी व्यक्ति का निधन हुआ था तो उसे निर्धारित कब्रिस्तान में दफनाया जाना चाहिए था, लेकिन सरकारी भूमि पर इस तरह कब्जा करना गलत है। उन्होंने अधिकारियों को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए।

















