भारतीय रेलवे को देश की जीवनरेखा कहा जाता है, क्योंकि हर दिन करोड़ों लोग ट्रेन के जरिए अपने गंतव्य तक पहुंचते हैं। समय के साथ यात्रियों की संख्या में लगातार वृद्धि हुई है और ऑनलाइन टिकट बुकिंग अब आम लोगों की जरूरत बन चुकी है। हालांकि, बढ़ते डिजिटल उपयोग के कारण रेलवे के पुराने पैसेंजर रिजर्वेशन सिस्टम (PRS) पर दबाव भी बढ़ा है। सर्वर स्लो होना, टिकट कन्फर्मेशन की जानकारी में देरी और तत्काल टिकट बुकिंग के दौरान तकनीकी समस्याएं यात्रियों के लिए बड़ी चुनौती बन गई थीं। इन्हीं समस्याओं को दूर करने के लिए भारतीय रेलवे अब अपने लगभग 40 वर्ष पुराने रिजर्वेशन सिस्टम को पूरी तरह आधुनिक बनाने जा रहा है।
AI तकनीक से बदलेगा रेलवे टिकट बुकिंग का अनुभव
रेल मंत्रालय के अनुसार नया सिस्टम आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) तकनीक पर आधारित होगा, जिससे टिकट बुकिंग प्रक्रिया पहले से अधिक तेज, सुरक्षित और भरोसेमंद बन सकेगी। रेलवे मंत्री Ashwini Vaishnaw ने अधिकारियों को अगस्त से इस नई प्रणाली को लागू करने के निर्देश दिए हैं। रेलवे का मानना है कि यह बदलाव यात्रियों के अनुभव को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। नए सिस्टम की सबसे बड़ी विशेषता AI आधारित प्रिडिक्शन फीचर है। इसके माध्यम से यात्री यह जान सकेंगे कि उनकी वेटिंग टिकट कन्फर्म होने की कितनी संभावना है। यह तकनीक पुराने बुकिंग डेटा और यात्रा के ट्रेंड्स का विश्लेषण करके लगभग 94 प्रतिशत तक सटीक जानकारी देने में सक्षम होगी। इससे यात्रियों को यात्रा की बेहतर योजना बनाने में मदद मिलेगी।
इसके अलावा टिकट बुकिंग की गति में भी बड़ा सुधार देखने को मिलेगा। वर्तमान सिस्टम जहां लगभग 25 हजार टिकट प्रति मिनट बुक कर सकता है, वहीं नया सिस्टम 1.25 लाख टिकट प्रति मिनट की क्षमता रखेगा। इससे सर्वर पर दबाव कम होगा और तत्काल टिकट बुकिंग के दौरान आने वाली परेशानियों में कमी आएगी। रेलवे ने यात्रियों की सुविधा के लिए यात्रा की तारीख बदलने की प्रक्रिया को भी सरल बनाया है। अब यात्री बिना टिकट कैंसिल किए अपनी यात्रा की तिथि बदल सकेंगे। साथ ही तत्काल टिकट बुकिंग में पारदर्शिता लाने के लिए आधार वेरिफिकेशन को अनिवार्य किया गया है। कुल मिलाकर रेलवे का यह नया AI आधारित सिस्टम भारतीय रेल यात्रा को अधिक आधुनिक, सुगम और विश्वसनीय बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

















