भोपाल। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल की कोहेफिजा पुलिस ने नकली नोटों की तस्करी के मामले में पश्चिम बंगाल निवासी एमबीबीएस डॉक्टर को गिरफ्तार किया है। आरोपी के पास से 500 रुपये के 280 नकली नोट बरामद किए गए हैं। पुलिस को संदेह है कि आरोपी किसी विशेष विचारधारा या संगठन से जुड़ा हो सकता है। कोर्ट ने उसे सात दिन की पुलिस रिमांड पर भेज दिया है।
टीआई केजी शुक्ला ने गुरुवार को बताया कि यह कार्रवाई बुधवार दोपहर सैफिया कॉलेज ग्राउंड के पास की गई। मुखबिर से सूचना मिली थी कि एक युवक जाली नोट खपाने के लिए ग्राहक की तलाश कर रहा है। घेराबंदी कर पकड़े गए आरोपी की पहचान 27 वर्षीय सैफुल इस्लाम के रूप में हुई है, जो फिलहाल भोपाल की गुलमोहर कॉलोनी अरेरा में किराए के मकान में रह रहा था। यहीं उसने शादी भी कर ली है। पुलिस की शुरुआती जांच में यह चौंकाने वाला तथ्य सामने आया है कि आरोपी के पास मिले नोटों का कागज पाकिस्तान और नेपाल का है, जोकि इस मामले के अंतरराष्ट्रीय तारों की ओर इशारा करता है।
60 हजार के नकली नोट बाजार में खपा चुका
आरोपी ने खुलासा किया कि वह पिछले 10 दिनों में लगभग 60 हजार रुपये के नकली नोट बाजार में खपा चुका है। वह पश्चिम बंगाल से अपने एक साथी के जरिए दो लाख रुपये की नकली करेंसी मात्र 60 हजार रुपये में लेकर आया था। भोपाल में वह 300 रुपये के असली नोटों के बदले 500 का एक जाली नोट देने का काम कर रहा था। उसका कहना है कि बिना मेहनत के जल्द अमीर बनने की चाह में वह इस अवैध धंधे में शामिल हुआ।
आरोपी के पास से एक आईफोन और पैनड्राइव मिली
मामले की गंभीरता तब और बढ़ गई जब पुलिस को आरोपी के पास से एक आईफोन और पैनड्राइव मिली। आरोपी अपने फोन में लंदन की ‘प्लस 44’ सीरीज के विशेष नंबर का उपयोग कर रहा था और विदेशी नंबरों के माध्यम से ही संपर्क में था। इसके अलावा, उसने स्वीकार किया कि वह साइबर ठगों को फर्जी बैंक खाते उपलब्ध कराने का काम भी करता है। पुलिस अब इस बात की गहनता से पड़ताल कर रही है कि आरोपी का नेटवर्क किन-किन राज्यों और देशों तक फैला हुआ है और उसका वास्तविक उद्देश्य क्या था। फिलहाल उक्त प्रकरण में गहरी जांच शुरू कर दी गई है।
















