नई दिल्ली/कोलकाता: भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेता शुभेंदु अधिकारी ने अपने निजी सहायक चंद्रनाथ रथ की हत्या के मामले में बड़ा बयान दिया है। उन्होंने इसे लेकर सीधे तौर पर ममता बनर्जी पर निशाना साधा है। शुभेंदु अधिकारी का कहना है कि उन्होंने भवानीपुर में ममता बनर्जी को हराया इसलिए उनके निजी सहायक चंद्रनाथ की हत्या की गई।
सुनियोजित थी चंद्रनाथ रथ की हत्या
शुभेंदु अधिकारी ने चंद्रनाथ रथ की हत्या को सुनियोजित साजिश बताया है। उन्होंने कहा कि चंद्रनाथ की हत्या की जितनी निंदा की जाए वो कम है। उनकी हत्या इसलिए की गई क्योंकि वे मेरे सहयोगी थे और मैंने भवानीपुर में ममता बनर्जी को हराया था। शुभेंदु अधिकारी ने साफ कहा कि उनके निजी सहायक की हत्या का यही कारण हो सकता है।
शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि वह चंद्रनाथ रथ के परिवार के साख खड़े हैं। परिवार की मांग है कि हत्या के दोषियों को गिरफ्तार किया जाए और उन्हें सजा दी जाए। उन्होंने कहा कि पोस्टमार्टम से पता चला है कि उन पर चार गोलियां चलाई गईं। यह हत्या सुनियोजित थी। गौरतलब है कि पश्चिम बंगाल के उत्तर 24 परगना जिले में चंद्रनाथ रथ की बुधवार रात गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। वह शुभेंदु अधिकारी के साथ जुड़ने से पहले वायु सेना में रह चुके थे।
इस हमले में शुभेंदु अधिकारी के कार चालक बुद्धदेव बेरा की हालत अब भी नाजुक बनी हुई है। वह रथ की कार चला रहे थे। उनकी कई सर्जी हुई हैं और वह हॉस्पिटल में जिंदगी और मौत की लड़ाई लड़ रहे हैं। शुभेंदु अधिकारी का कहना है कि उनके कार चालक की आईसीयू में लगातार निगरानी की जा रही है।
चंद्रनाथ रथ की मां बोलीं- बेटे को इसलिए मार दिया क्योंकि BJP सत्ता में आ गई
मृतक चंद्रनाथ रथ की मां हसिरानी रथ का कहना है कि उनके बेटे की इसलिए हत्या की गई क्योंकि बीजेपी सत्ता में आ गई। इस हत्या के लिए टीएमसी के गुंडों को जिम्मेदार ठहराया जा रहा है। उनका कहना है कि वह मां हैं और किसी और के लिए मौत नहीं मांगती। लेकिन दोषियों को उम्रकैद जरूर होनी चाहिए। उन्होंने साफ कहा कि उनके बेटे की हत्या ममता बनर्जी के हारने का नतीजा है। उन्होंने कहा कि मेरे बेटे को भवानीपुर और नंदीग्राम सीट की खास जिम्मेदारी दी गई थी। इसलिए उसे TMC के गुंडों ने निशाना बनाया। उन्होंने कहा कि जहां शुभेंदु अधिकारी और अन्य BJP नेता लगातार शांति की अपील कर रहे थे वहीं TMC नेता खुली बयानबाजी के साथ कह रहे थे कि 4 मई को नतीजों के बाद दिल्ली का कोई नेता बीजेपी कार्यकर्ताओं को बचा नहीं पाएगा।
कौन थे चंद्रनाथ रथ?
शुभेंदु अधिकारी की तरह ही चंद्रनाथ रथ भी पूर्व मेदिनीपुर जिले के निवासी थे। चंद्रनाथ का परिवार चंडीपुर क्षेत्र में रहता है। उनकी शुरुआती पढ़ाई रहरा रामकृष्ण मिशन में हुई थी। बाद में उन्होंने भारतीय वायुसेना में नौकरी जॉइन की। वह अधिक समय वायु सेना में नहीं रहे। वायुसेना से स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति लेने के बाद उन्होंने एक कॉर्पोरेट कंपनी में काम शुरू किया। साल 2019 में जब शुभेंदु अधिकारी बंगाल के जल संसाधन विभाग के मंत्री बने तभी से चंद्रनाथ उनके निजी सहायक के रूप में कार्य करने लगे।चंद्रनाथ का परिवार तृणमूल कांग्रेस से जुड़ा हुआ था। चंद्रनाथ की मां हांसी रथ तृणमूल की पंचायत कर्माध्यक्ष रह चुकी हैं। 2020 में जब शुभेंदु अधिकारी तृणमूल छोड़ भाजपा में शामिल हुए तो चंद्रनाथ की मां भी उनके साथ भाजपा में आ गई। हालांकि शुभेंदु के तृणमूल में रहते ही चंद्रनाथ उनके लिये काम करने लगे थे। धीरे-धीरे वह शुभेंदु के सबसे भरोसेमंद सहयोगियों में शामिल हो गए।परिजनों का कहना है कि बचपन से ही उनका झुकाव आध्यात्मिक जीवन की ओर था, लेकिन परिस्थितियों के कारण वह उस राह पर आगे नहीं बढ़ सके।
















