ऑपरेशन सिंदूर अंत नहीं, एक शुरुआत है। ये बात भारतीय सेना के डीजीएमओ लेफ्टिनेंट जनरल राजीव घई ने प्रेस कॉन्फ्रेंस करके बड़ी बात कही है। उन्होंने कहा, “सिर्फ़ हंगामा खड़ा करना मेरा मकसद नहीं है। मेरी कोशिश है कि यह सूरत बदलनी चाहिए।”
आतंक के खिलाफ जारी रहेगी लड़ाई
जनरल राजीव घई ने ऑपरेशन सिंदूर को लेकर स्पष्ट किया है कि यह कोई कोई अंत नहीं, बल्कि एक शुरुआत थी। वह कहते हैं कि इस ऑपरेशन के एक साल के बाद हम न सिर्फ़ इस ऑपरेशन को याद करते हैं, बल्कि इसके पीछे के सिद्धांत को भी याद करते हैं। भारत अपनी संप्रभुता, अपनी सुरक्षा और अपने लोगों की रक्षा पूरी दृढ़ता, पेशेवर अंदाज़ और पूरी ज़िम्मेदारी के साथ करेगा।
#WATCH | Jaipur, Rajasthan: "Sirf hungama khada karna mera maqsad nahi. Meri koshish hai ki yeh soorat badalni chahiye. Operation Sindoor was not an end. It was just the beginning. India's fight against terror will go on. A year on, we remember not just the operation but also the… pic.twitter.com/87mV8GnTWo
— ANI (@ANI) May 7, 2026
क्या है पूरा मामला
गौरतलब है कि मामला कुछ यूं है कि पिछले साल 22 अप्रैल 2025 को जम्मू कश्मीर की बैसरन घाटी में घूमने के लिए गए पर्यटकों को पाकिस्तान के पाले टीआरएफ के आतंकियों ने गोलियों से छलनी कर दिया था। आतंकियों ने 26 पर्यटकों की हत्या उनका धर्म पूछकर की थी।
ऑपरेशन सिंदूर
पहलगाम हमले के बाद भारतीय सेना ने 7 मई 2025 को पाकिस्तान के खिलाफ ऑपरेशन सिंदूर शुरू किया। इसके तहत भारत ने पहले दिन पाकिस्तान में 100 किलोमीटर तक अंदर घुसकर भारतीय फाइटर प्लेन्स ने 9 आतंकी ठिकानों को खत्म कर दिया। इसके बाद पाकिस्तान ने बदले में भारत पर इटली के ड्रोन और चीनी मिसाइलों से हमला किया। लेकिन भारतीय एयर डिफेंस ने उन्हें आसमान में ही राख कर दिया। बाद में भारतीय वायुसेना ने पलटवार करते हुए पाकिस्तान के 11 सैन्य एयर बेसों को पूरी तरह से तबाह कर दिया।
इसके बाद आखिरकार पाकिस्तान की कमर टूट गई और उसने भारत के शौर्य के सामने घुटने टेक दिए। पाकिस्तान ने भारत के डीजीएमओ से सीजफायर की गुहार लगाई और फिर 10 मई की शाम को 5 बजे दोनों देशों के बीच सीजफायर हो गया।

















