HCU ABVP SFI Clash Drama Dispute । भाग्यनगर (हैदराबाद) केंद्रीय विश्वविद्यालय (HCU) एक बार फिर वैचारिक जंग का अखाड़ा बन गया है। विश्वविद्यालय के थिएटर आर्ट्स विभाग द्वारा आयोजित एक नाटक को लेकर एबीवीपी (ABVP) और एसएफआई (SFI) के बीच हिंसक झड़प हुई है।
अखिल विद्यार्थी परिषद का आरोप है कि नाटक के माध्यम से हिंदू समुदाय की भावनाओं को जानबूझकर ठेस पहुंचाई गई और विरोध करने पर उनके कार्यकर्ताओं पर हमला किया गया।
नाटक में ‘हिंदू धर्म के अपमान’ का आरोप
एबीवीपी (ABVP) की एचसीयू यूनिट ने एक कड़ा बयान जारी करते हुए थिएटर आर्ट्स विभाग के कुछ छात्रों द्वारा आयोजित नाटक की निंदा की है। आरोप है कि इस नाटक में हिंदू समुदाय, संस्कृति और सभ्यता को अपमानजनक और विवादित तरीके से चित्रित किया गया। एबीवीपी के अनुसार, नाटक की टीम और कुछ फैकल्टी मेंबर्स को आपत्ति के बारे में पहले ही सूचित किया गया था, लेकिन इसके बावजूद नाटक का प्रदर्शन जारी रखा गया।
शांतिपूर्ण विरोध पर ‘SFI’ का हमला?
एबीवीपी यूनिट के अध्यक्ष आयुष सिंह ने कहा कि जब कार्यकर्ता लोकतांत्रिक तरीके से नाटक की सामग्री का विरोध करने पहुंचे, तो एसएफआई (SFI) और अन्य वामपंथी समूहों से जुड़े सदस्यों ने उन पर हमला कर दिया। इस हमले में कई एबीवीपी कार्यकर्ता घायल हुए हैं, जिन्हें इलाज के लिए अस्पताल ले जाना पड़ा है।
‘अभिव्यक्ति की आजादी के नाम पर नफरत नहीं’
यूनिट सचिव एंटनी बासुमतारी ने स्पष्ट किया कि एबीवीपी अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का सम्मान करती है, लेकिन इसका उपयोग किसी समुदाय की धार्मिक भावनाओं को आहत करने या समाज में विभाजन फैलाने के लिए नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा, “एसएफआई को अपनी हिंसक राजनीति बंद करनी चाहिए। शैक्षणिक संस्थानों में ऐसे लोगों के लिए कोई जगह नहीं होनी चाहिए जो कैंपस की शांति और सद्भाव को भंग करते हैं।”
मुख्य बिंदु: क्या है एबीवीपी की मांग?
- हिंदू भावनाओं को आहत करने वाले नाटक के आयोजकों पर सख्त कार्रवाई हो।
- विश्वविद्यालय प्रशासन अपनी विफलता स्वीकार करे और दोषियों को दंडित करे।
- एबीवीपी कार्यकर्ताओं पर हमला करने वाले ‘वामपंथी गुंडों’ की पहचान कर उन्हें कैंपस से निष्कासित किया जाए।
फिलहाल कैंपस में तनावपूर्ण स्थिति बनी हुई है और छात्रों के बीच भारी आक्रोश है। विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से अभी तक इस घटना पर कोई आधिकारिक विस्तृत प्रतिक्रिया नहीं आई है।

















