पश्चिम बंगाल में आज विधानसभा चुनाव के नतीजों की गिनती हो रही है। राज्य की 294 सीटों में से ज्यादातर पर वोटों की गिनती शुरू हो चुकी है। फाल्टा सीट पर 21 मई को दोबारा मतदान होगा, इसलिए पूरी तस्वीर 24 मई तक साफ हो पाएगी। इस बार मुख्य लड़ाई तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) और भाजपा के बीच है।
मुख्यमंत्री ममता बनर्जी चौथी बार सत्ता में वापसी की कोशिश कर रही हैं। उनके सामने भाजपा की मजबूत चुनौती है। खासतौर पर भबानीपुर सीट पर ममता का मुकाबला शुभेंदु अधिकारी से है। शुभेंदु 2021 में नंदीग्राम से ममता को हरा चुके हैं।
क्यों है यह चुनाव खास?
यह चुनाव ममता बनर्जी के 15 साल के शासन का जनमत संग्रह जैसा बन गया है। टीएमसी के लिए भर्ती घोटाले, भ्रष्टाचार के आरोप और कुछ लोगों की नाराजगी बड़ी चुनौती बनी हुई है। भाजपा इसे अपना आखिरी बड़ा मोर्चा मान रही है। 2011 में भाजपा का वोट शेयर महज 4% के आसपास था, जो 2021 में करीब 40% पहुंच गया और 77 सीटें जीतीं। अब पार्टी पूर्ण बहुमत की उम्मीद कर रही है।
चुनाव दो चरणों में हुआ। कुल मतदान 92.47% रहा, जो स्वतंत्र भारत का सबसे ज्यादा मतदान है। पहले चरण में 93.13% और दूसरे में 91.66% वोट पड़े। 2011 के 84% रिकॉर्ड को यह पार कर गया। भाजपा नेताओं का कहना है कि इतना ज्यादा मतदान परिवर्तन की तरफ इशारा कर रहा है।
इन सीटों पर होगी नजर
भबानीपुर सीट पर ममता बनर्जी और भाजपा के शुभेंदु अधिकारी के बीच मुकाबला है। इसके अलावा नंदीग्राम, टॉलीगंज, दिनहाटा, सिंगूर, भांगड़, खड़गपुर सदर, सिलीगुड़ी, बैरकपुर, रासबिहारी सीट पर भी नजर रहेगी। इन हाई प्रोफाइल सीटों पर नतीजे राज्य की सियासी दिशा तय करेंगे।
SIR विवाद का असर
चुनाव में सबसे बड़ा मुद्दा मतदाता सूची का SIR रहा। करीब 91 लाख नाम हटाए गए, जो कुल मतदाताओं का लगभग 12% है। टीएमसी ने इसे अल्पसंख्यक, गरीब और महिलाओं के अधिकार पर हमला बताया। भाजपा ने कहा कि फर्जी वोटरों को हटाया गया है। इस बदलाव का असर कई करीबी मुकाबलों पर पड़ सकता है।
टीएमसी और भाजपा कार्यकर्ताओं में बहस
गिनती शुरू होने से पहले कुछ जगहों पर तनाव देखा गया। भबानीपुर के एक काउंटिंग सेंटर के बाहर टीएमसी और भाजपा कार्यकर्ताओं में बहस हो गई। भाजपा एजेंट ने आरोप लगाया कि टीएमसी वाले बिना आईडी के थे। टीएमसी उम्मीदवार शशि पांजा ने श्यामपुकुर से कहा कि उनके एजेंट्स के कागजात फेंके जा रहे हैं। भाजपा नेता दिलीप घोष और अग्निमित्रा पॉल ने भरोसा जताया कि जनता परिवर्तन चाहती है और अच्छी संख्या में भाजपा सरकार बनेगी।

















