खाड़ी युद्ध के बीच एक बार फिर से अमेरिका ने होर्मुज में फंसे जहाजों को वहां से निकलने में मदद करने की बात कही है। इसी क्रम में अमेरिका ने कहा है कि वो आज से ‘प्रोजेक्ट फ्रीडम’ शुरू किया जाएगा। इस अभियान के तहत व्यापारिक जहाजों की मदद की जाएगी। यह कदम राष्ट्रपति ट्रंप के निर्देश पर उठाया जा रहा है।
क्या है प्रोजेक्ट फ्रीडम
यूएस सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के मुताबिक, यह मिशन उन व्यापारी जहाजों को सहयोग करेगा जो अंतरराष्ट्रीय व्यापार के इस महत्वपूर्ण रास्ते से गुजरना चाहते हैं। ट्रंप ने पहले ही घोषणा की थी कि वे फंसे हुए जहाजों को गाइड करने का प्रयास करेंगे। प्रोजेक्ट फ्रीडम का फोकस उन देशों के जहाजों पर है जो इस संघर्ष में शामिल नहीं हैं।
CENTCOM कमांडर एडमिरल ब्रैड कूपर ने कहा कि यह डिफेंसिव मिशन क्षेत्रीय सुरक्षा और वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए जरूरी है। हॉर्मुज से दुनिया के एक चौथाई तेल का व्यापार होता है, साथ ही काफी मात्रा में ईंधन और खाद्य उत्पाद भी गुजरते हैं। इस मिशन में अमेरिकी सेना के गाइडेड-मिसाइल डिस्ट्रॉयर्स, 100 से ज्यादा लैंड और सी-बेस्ड एयरक्राफ्ट, मल्टी-डोमेन अनमैन्ड प्लेटफॉर्म और करीब 15,000 सैनिकों के साथ होर्मुज से सुरक्षित निकालने में मदद करेगा। अमेरिका अभी भी नेवल ब्लॉकेड बनाए रख रहा है, लेकिन इस ऑपरेशन का उद्देश्य सिर्फ फंसे हुए न्यूट्रल जहाजों की मदद करना है।
इसे भी प
क्या है पूरा मामला
हॉर्मुज स्ट्रेट ईरान के पास का संकरा रास्ता है, जो फारस की खाड़ी को खुली समुद्र से जोड़ता है। हाल की घटनाओं के बाद कई जहाज यहां फंस गए हैं। दूसरे देशों ने अमेरिका से मदद मांगी है, क्योंकि उनके जहाज वहां अटके हुए हैं और वे सामान्य व्यापार जारी रखना चाहते हैं। ट्रंप ने कहा कि प्रभावित देशों को बताया गया है कि अमेरिका उनके जहाजों को इन प्रतिबंधित जलमार्गों से सुरक्षित बाहर निकालेगा। CENTCOM का बयान ट्रंप की घोषणा के बाद आया है।
व्यावहारिक पहलू
यह ऑपरेशन सोमवार को शुरू होगा। इसमें मुख्य रूप से उन जहाजों पर ध्यान दिया जाएगा जो संघर्ष से बाहर के देशों के हैं। अमेरिकी सेना का कहना है कि इससे वैश्विक सप्लाई चेन पर पड़ने वाले असर को कम करने में मदद मिलेगी। जहाजों में हजारों नाविक भी फंसे हुए हैं, जिनकी सुरक्षा भी इस मिशन का हिस्सा है। पूरा प्रयास डिफेंसिव तरीके से किया जाएगा, लेकिन जरूरत पड़ने पर जवाबी कार्रवाई का अधिकार रखा गया है।

















