झारखण्ड के बैंक ऑफ महाराष्ट्रा में करोड़ों रूपये की कीमत के स्वर्ण आभूषण व कैश की बैंक डकैती की घटना का अनावरण किया गया है। अन्तर्राज्यीय बैंक डकैती गिरोह के सरगना सहित 3 कुख्यात डकैत गिरफ्तार किए गए हैं। बैंक से लूटा गया सोना व कैश भी बरामद किया गया है। उत्तर प्रदेश व झारखण्ड पुलिस द्वारा संयुक्त रूप से बैंक ऑफ महाराष्ट्रा, बरही शाखा जनपद हजारीबाग (झारखण्ड) में हुई डकैती की घटना के तीन अभियुक्त मो० अफजल, पंकज सिंह और सौरभ यादव को गिरफ्तार किया गया है।
24 अप्रैल 2026 की सनसनीखेज डकैती की घटना
गत 24 अप्रैल 2026 को बैंक ऑफ महाराष्ट्रा बरही शाखा थाना बरही जनपद हजारीबाग (झारखण्ड) में दिन।के समय लगभग 3 बजे अज्ञात बैंक लुटेरों द्वारा बैंक कर्मियों को कब्जे में लेकर लगभग 4 किलोग्राम सोने के आभूषण व रूपये 4 लाख 22 हजार 492 रुपए नगद आदि लूट लिया गया। इस सनसनीखेज घटना से लोगों में दहशत का माहौल पैदा हो गया। इस संबंध में थाना बरही में एफआईआर दर्ज की गई। इस घटना में पूर्वांचल के अपराधियों के भी संलिप्ता की आशंका के आधार पर झारखण्ड पुलिस द्वारा यूपी की एसटीएफ से सम्पर्क किया गया। इस घटना के अनावरण एवं घटना में संलिप्त अभियुक्तगण की गिरफ्तारी हेतु एसटीएफ ने कार्य शुरू किया।
संयुक्त कार्रवाई में 1 मई को हुई गिरफ्तारी
गत 1 मई को एसटीएफ ने झारखण्ड पुलिस को साथ लेकर इन अभियुक्तों को गिरफ्तार कर लिया। विवेचना में यह पाया गया कि अफजल, धनबाद (झारखण्ड) में कोयला का काम करता था। उसी दौरान कोयला व्यवसाय के रंजिश को लेकर वर्ष 2008 में कोलकता के कोयला व्यवसायी कि गोली मारकर हत्या कर दिया था। इस घटना में मो० अफजल गिरफ्तार होकर जेल चला गया, जो वर्ष 2008 से 2012 तक जेल में रहा और इस दौरान इसका परिचय पंकज सिंह उर्फ रौनक सिंह, उत्तम महतो, दशरथ महतो, बाबू राजा उर्फ सिद्वार्थ, सोहेल उर्फ फैजल, सुनील पंडित एवं अन्य लोगों से हो गया। जेल से छूटने के बाद ये सभी आपस में मिलकर योजनाबद्ध तरीके से बैंक डकैती की घटनाओं को अंजाम देने लगे।
डकैती की योजना और रैकी का पूरा विवरण
गत 24 अप्रैल 2026 को बैंक ऑफ महाराष्ट्र, बरही बाजार, हजारीबाग झारखण्ड में हुए डकैती की घटना के सम्बन्ध में उल्लेखनीय है कि मो० अफजल द्वारा अपने गैंग के साथ मिलकर बैंक लूट की योजना बनायी जा रही थी कि इसी दौरान इनको पता चला कि बैंक आफ महाराष्ट्र शाखा किलंजर (ओडिसा) में 8 किलो सोना लूट की घटना हुई है। इस घटना को न्यूज में देखने के बाद इस गैंग द्वारा तय किया गया कि अगली घटना बैंक ऑफ महाराष्ट्र की ही किसी शाखा में करना है। बैंक लूट की घटना को अंजाम देने के लिए झारखण्ड और बिहार के विभिन्न जगहों पर मो० अफजल के स्कार्पियों से पंकज और मो० अफजल घूम-घूमकर रैकी करने लगे।
रमजान के समय पंकज, शोयेब व चुन्नू जो गाजीपुर भीतरी का रहने वाला है जो शोयेब का परिचित था। ये लोग मुगलसराय से कोडरमा (झारखण्ड) पहुंचे जहां पर फोन कर मो० अफजल को बुलाकर उसके स्कार्पियों से ही सभी बरही जनपद हजारीबाग (झारखण्ड) पहुंचे और वहाँ पर बैंक ऑफ महाराष्ट्र बरही शाखा रैकी किया।
इन लोगों ने देखा कि यह बैंक बाजार से दूर कम भीड़ वाले इलाके में है। इसके बाद ये लोग अपनी गाड़ी से वापस आ गये। इस गैंग द्वारा आपस में विचार-विमर्श किया गया कि जब किलंजर (ओडिसा) जैसे ग्रामीण क्षेत्र के बैंक ऑफ महाराष्ट्रा की शाखा में 8 किलो सोना मिल सकता है तो यहां भी भारी मात्रा में सोना जरूर मिलेगा। इसके बाद ये लोग मो० अफजल को छोडकर घर वापस आ गये।
इन लोगों ने इस घटना को अंजाम देने के लिये योजना बनाने लगे और इनकी आपस में व्हाट्सएप पर बातचीत होती रही। इसी के क्रम में रमजान माह में मो० अफजल बैंक ऑफ महाराष्ट्रा, बरही शाखा में जाकर वहां के बैंक स्टाफ व बैंक के अन्दर की स्थिति का आकलन कर चला आया। मो० अफजल ने काल कर बताया कि घटना को अंजाम देने के लिये मोटरसाइकिल व असलहे की व्यवस्था करनी है। मोटरसाइकिल की व्यवस्था संतोष नामक व्यक्ति के द्वारा की गई।
हथियार के लिये पंकज के कहने पर शोयेब उर्फ टाइगर ने 1 पिस्टल और 1 कट्टा की व्यवस्था किया। मो० अफजल ने संतोष के पास से 2 पिस्टल लिया और इस घटना में संतोष को भी शामिल कर लिया गया। दिनांक 17 अप्रैल 2026 को घटना करने की तारीख तय हुआ किन्तु आने-जाने के लिये पैसे की व्यवस्था नहीं होने पर अफजल के घर पर उसके साथी पंकज आदि रूके रहे। मो० अफजल व पंकज दिनांक 17 अप्रैल 2026 को अफजल के स्कार्पियो से नेवादा होते हुए कोडरमा, तलैया होते हुए निकले। चौपारण की तरफ टोल से आगे मो० अफजल व पंकज से संतोष, शोयेब व सुहेल दो मोटरसाईकिल के साथ आकर मिले। इन लोगों ने आपस में तय किया कि आज आपस में बहुत ज्यादा फोन से बात हो गयी है और मास्क आदि भी नहीं लगाये हैं इसलिए आज घटना नही की जायेगी।
अब इस घटना को दिनांक 24 अप्रैल 2026 को की जायेगी। 24 अप्रैल को दिन।में तीन बजे पहले सौरभ और टाइगर बैंक में अन्दर गये और खाता खुलवाने से सम्बन्धित बातचीत करने लगे उसके पीछे शेष लोग बैंक में अन्दर गये। पंकज बैंक के अन्दर घूसते ही एक बैंक कर्मी को पिस्टल निकालकर बट से मारने लगा। उसके बाद इन सभी अपराधियों ने पिस्टल दिखाकर सभी बैंक कर्मी को एक साथ कैस काउण्टर के बगल में कर दिया। कैस काउण्टर के किनारे कर सभी कर्मियों का मोबाईल छीनकर रख लिया गया और कैश काउण्टर में रखे सभी पैसे को ले लिया। इसके बाद पंकज ने कटर से अलार्म को काटा एवं एक बैंक कर्मी के कनपट्टी पर पिस्टल लगाकर स्टॉग रूम खुलवाया गया और स्ट्रांग रूम में रखा सारा पैसा एवं सोने के आभूषण लेकर फरार हो गये।
वहाँ से सभी गया (बिहार) आ गये और वहीं पर लूट का पैसा व सोने के आभूषण को आपस में बांट कर ये लोग बनारस आ गये, जहां से इनकी दिल्ली जाने की योजना थी।
गिरोह की पूर्व आपराधिक घटनाओं का विवरण
उल्लेखनीय है कि गिरफ्तार अभियुक्त का अपना एक मजबूत संगठित गिरोह है, जिनके द्वारा पूर्व में भी कई बड़ी सोना लूट की घटनाओं को स्वीकार किया गया है। जिसका विवरण निम्नलिखित है:-
मुथुट्ट फाइनेंस बैंक दुर्गापुर (प० बंगाल) में डकैती
वर्ष 2013 में उत्तम महतो, दशरथ महतो, सुनील पंडित, सिद्धार्थ उर्फ बाबू राजा, बबलू महतो, मो० अफजल एवं पंकज व अन्य 05 (नाम/पता अज्ञात) लोगों ने मिलकर मुथुट फाईनेन्स बैंक दुर्गापुर (प०बंगाल) लूट की योजना बनायी गयी। ये सभी अपराहन लगभग 2 बजे के आसपास मुथुट्ट फाइनेंस के आफिस पहुंचे। सबसे पहले सुनील पंडित, बबलू महतो, बाबू अन्दर घूसे पंकज गेट पर था ताकि कोई अन्दर न जा सके। इस बैंक का आफिस पहले तल पर था, वो लोग अन्दर पहुंच कर लोगों को भय दिखाकर सबको कब्जे में ले लिये थे। लगभग 15 मिनट तक फाइनेंस कार्यालय में लूटपाट किये फिर उसके बाद सूमो से कुल 9 लोग बैठे और 03 बाइक लेकर निरसा धनबाद चले आये। यहाँ पर 36 किलो सोना लूटा गया था। जिसमें से अफजल व पंकज को 3-3 किलो सोना मिला था।
आईआईएफएल फाइनेंस कम्पनी, कोलकता (प० बंगाल) में डकैती
वर्ष 2015 में मो० अफजल, पंकज, सोरभ उर्फ सोनू एवं रवि राय द्वारा कोलकाता में आईआईएफएल फाइनेंस कम्पनी की रैकी की गयी। रैकी करने के लगभग दो महीने बाद घटना करने के लिए ये चारो पार्क स्ट्रीट निको गार्डन आये, वहां होटल लेकर रूक गये। यहाँ पर अपराह्न लगभग 2 बजे लूट की गयी। यहाँ पर इन लोगों ने लगभग 14 किलो सोना लूटा।
आईआईएफएल फाइनेंस कम्पनी रुड़की (उत्तराखण्ड) में डकैती
वर्ष 2019 में मो० अफजल, सौरभ, सोहेल एवं जेड० अली द्वारा मिलकर आईआईएफएल फाईनेन्स कम्पनी रुड़की में लूट की गयी थी। इस फाइनेन्स कम्पनी की ब्रान्च की रैकी करने के लगभग 3 महीने बाद ये सभी लोग मेरठ, दिल्ली होकर रुड़की पहुंचे। रास्ते में इन लोगों ने फर्जी नम्बर प्लेट लगा लिया। इन लोगों द्वारा समय लगभग 2 बजे आईआईएफएल आफिस में लूट की गई।
इस लूट में इन लोगों को केवल 50 हजार रूपये मिला। बैंक का लॉकर ऑनलाइन होने के कारण खुल नहीं पाया था। इस घटना के दौरान घटना में शामिल पंकज की कार व उसका चेहरा कैमरे में आ गया था। जिसके कारण पंकज का नाम न्यूज में चलने लगा। उत्तराखण्ड पुलिस ने बाद में उसे गिरफ्तार कर लिया
मण्णापुरम गोल्ड फाइनेंस कम्पनी कोलकता (प० बंगाल) में डकैती
वर्ष 2021 में मो० अफजल, पंकज, रवि राय एवं 1 अन्य नाम पता अज्ञात ने मिलकर कोलकाता के राजाराम तल्ला स्थित मण्णापुरम गोल्ड फाइनेंस कम्पनी में लूट किया था। लूट में प्रयोग की गयी स्वीफ्ट डिजायर कार रवि राय की थी। लूट के बाद ये सभी जब बर्द्धमान पहुंचे तो रास्ते में बैरिकेटिंग कर पुलिस चेकिंग कर रही थी, जिसके कारण ये सभी लूट का सोना और घटना में प्रयुक्त कार छोड कर फरार हो गये थे। न्यूज से इन्हें पता चला कि इसमें 26 किलो सोना था।
आशीर्वाद गोल्ड लोन, वजीरगंज (बिहार) में डकैती
वर्ष 2021 में मो० अफजल, पंकज, सौरभ, सोहेल एव अन्य द्वारा मिलकर आशीर्वाद गोल्ड लोन, वजीरगंज जनपद गया बिहार में लगभग 2 किलो सोना लूटा था।











