भारत ने अप्रैल में करीब 4.4 मिलियन बैरल प्रतिदिन कच्चा तेल आयात किया। यह मार्च के 4.5 मिलियन बैरल से थोड़ा कम है और फरवरी के 5.2 मिलियन बैरल के मुकाबले 85 प्रतिशत स्तर पर रहा। रूस अप्रैल में भी भारत का सबसे बड़ा कच्चा तेल सप्लायर बना रहा। उसने 1.6 मिलियन बैरल प्रतिदिन सप्लाई की। मार्च में रूस से आयात लगभग 2 मिलियन बैरल प्रतिदिन था, जो मई पिछले साल के बाद सबसे ज्यादा था। अप्रैल में यह 20 प्रतिशत कम हो गया।
सऊदी अरब ने अप्रैल में अपनी सप्लाई बढ़ाकर 6.85 लाख बैरल प्रतिदिन कर दी। यूएई ने भी 5.75 लाख बैरल प्रतिदिन भेजे। दोनों देशों ने अपनी सप्लाई बढ़ाई। स्टेट ऑफ होर्मुज में जारी सप्लाई में बाधा के कारण पश्चिम एशिया के कई देशों से आयात प्रभावित हुआ। अप्रैल में इराक, कुवैत, कतर और सऊदी-कुवैत न्यूट्रल जोन से कोई शिपमेंट नहीं आया। इनमें इराक आमतौर पर भारत के टॉप सप्लायर्स में शामिल रहता है।
सऊदी अरब ने ईस्ट-वेस्ट क्रूड पाइपलाइन से तेल भेजा, जबकि यूएई ने एडीसीओपी पाइपलाइन के जरिए फुजैरा (गल्फ ऑफ ओमान) तक सप्लाई की। दूसरे गल्फ प्रोड्यूसर्स की सप्लाई अब भी ज्यादातर होर्मुज स्ट्रेट पर निर्भर है। इस गैप को भरने के लिए भारत ने ईरान और वेनेजुएला से आयात फिर शुरू किया। मार्च 2019 के बाद पहली बार भारत ने अप्रैल में ईरान से रोजाना करीब 1.3 लाख बैरल तेल लिया। अमेरिका ने एक महीने के लिए प्रतिबंधों में ढील दी थी ताकि ग्लोबल क्रूड कीमतें कम रहें। वेनेजुएला से 11 महीने के गैप के बाद 2.9 लाख बैरल प्रतिदिन आयात हुआ।
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एलपीजी आयात
एलपीजी (रसोई गैस) का आयात अप्रैल में घटकर 1 मिलियन टन से भी कम रह गया। क्राइसिस से पहले के महीनों में यह 2-2.2 मिलियन टन था। अप्रैल में भारत को 9.5 लाख टन एलपीजी मिली, जो मार्च के 1.1 मिलियन टन से करीब 16 प्रतिशत कम है। इस कमी को घरेलू एलपीजी प्रोडक्शन में 30 प्रतिशत बढ़ोतरी से पूरा किया गया।
प्राकृतिक गैस
नॉन-गल्फ देशों से सप्लाई डाइवर्सिफाई करने से नेचुरल गैस का आयात बढ़ा। अप्रैल में अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया, कनाडा, नॉर्वे और रूस आदि से कुल 1.9 मिलियन टन प्राकृतिक गैस आया, जो मार्च के 1.6 मिलियन टन से ज्यादा है। ये आंकड़े शिपमेंट ट्रैकिंग फर्म केपलर के आंकड़ों पर आधारित हैं। अप्रैल में कुल मिलाकर भारत ने कच्चे तेल की सप्लाई को बनाए रखने के लिए स्रोतों में बदलाव किया और कुछ पुराने सप्लायर्स को फिर शामिल किया।











