उत्तर प्रदेश

आपको देख गिरगिट भी सकुचा जाए, विधानसभा में CM योगी का विपक्ष पर तीखा तंज

योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के आने के बाद आज़ाद भारत में पहली बार हर गरीब का ज़ीरो अकाउंट खोला गया, ज़ीरो बैलेंस पर अकाउंट खोला गया, उन्हें मार्जिन मनी देने का सिस्टम बनाया गया और देश की 30 करोड़ महिलाओं के बैंक अकाउंट खोले गए, आप लोगों ने तब भी इसका मज़ाक उड़ाया था।

Published by
सुनील राय

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विधानसभा में कहा कि जब प्रधानमंत्री मोदी ने महिलाओं की इज्ज़त को असरदार तरीके से आगे बढ़ाने के लिए 2014 में जन धन योजना (Jan Dhan Yojana) शुरू की थी, तो ऐसा पहला कैंपेन शुरू किया गया था। आज़ादी के बाद यह पहली बार था जब महिलाएं बैंक अकाउंट खोल सकीं। तब भी कांग्रेस और समाजवादी पार्टी ने इसका विरोध किया और गलत जानकारी फैलाई। इससे पहले होता यह था कि अगर कोई महिला बिना बैंक अकाउंट के किसी बेनिफिशियरी-ओरिएंटेड सरकारी स्कीम से जुड़ती थी, तो उसे आधा फायदा भी नहीं मिलता था। हमारे विपक्ष के नेता सीनियर MLA हैं। आपको पता है कि आपके समय में उन्हें मिलने वाली ओल्ड-एज पेंशन या विडो पेंशन 300 रुपये थी, लेकिन उससे पहले यह 100 रुपये थी। उस 100 रुपये में से आधे कमीशन में चले जाते थे। समाज कल्याण विभाग का क्लर्क और उसके आस-पास बदमाशों का गिरोह वह पैसा खा जाता था, और लाभार्थी मुंह ताकता रह जाता था।

जनधन खाते और शौचालय योजना पर सरकार का जोर

योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के आने के बाद आज़ाद भारत में पहली बार हर गरीब का ज़ीरो अकाउंट खोला गया, ज़ीरो बैलेंस पर अकाउंट खोला गया, उन्हें मार्जिन मनी देने का सिस्टम बनाया गया और देश की 30 करोड़ महिलाओं के बैंक अकाउंट खोले गए, आप लोगों ने तब भी इसका मज़ाक उड़ाया था। उन्होंने कहा कि याद करिए- उत्तर प्रदेश में बनने थे 2 करोड़ 61 लाख शौचालय। पहले ढाई वर्ष में समाजवादी पार्टी की सरकार के समय 40 से 41 लाख शौचालय ही बन पाए थे, और 2017 में जब डबल इंजन की एनडीए की सरकार यूपी में आई, हम लोगों ने अगले डेढ़ वर्ष के अंदर 2 करोड़ से अधिक शौचालय बनाए थे प्रदेश में, 2 करोड़ से अधिक शौचालय, देशभर में 12 करोड़ शौचालय बने। आप लोग तब भी मजाक बनाते थे, तब भी हंसते थे कि शौचालय से क्या होगा।

नारी गरिमा, स्वच्छता और राजनीति पर तीखा हमला

उन्होंने कहा कि नेता प्रतिपक्ष के जैसे  वरिष्ठ व्यक्ति केवल अनुभव से ही वरिष्ठ नहीं है,संसदीय परंपराओं से भी वरिष्ठ हैं। आप लोग अपने को सोशलिस्ट कहते हैं, लेकिन आधी आबादी की प्रगति और उनकी गरिमा के सम्मान की रक्षा के लिए कभी संवेदनशील नहीं दिखाई देते।  ये केवल शौचालय नहीं थे,ये शौचालय नारी गरिमा के प्रतीक भी थे, गांव की स्वच्छता के प्रतीक भी थे, मोहल्लों की स्वच्छता के प्रतीक भी थे और बीमारियों को समाधान और उन्मूलन के भी महत्वपूर्ण पहल थी। उन्होंने कहा कि शाम के समय सड़कों पर महिलाएं जहां-तहां शौच के लिए जाती थीं और समाजवादी पार्टी के शोहदे वहां जाकर के छींटाकशी करते थे। ये, ये दृश्य होता था। आधी आबादी की गरिमा की रक्षा करने के साथ-साथ उनके स्वास्थ्य के लिए और भावी पीढ़ी के भविष्य को उज्ज्वल बनाने के लिए, उनकी सुरक्षा के लिए प्रधानमंत्री मोदी जी ने स्वच्छ भारत अभियान के माध्यम से वो व्यवस्था दिलाई। आप लोगों के आचरण को देख कर के गिरगिट भी सकुचा जाएगा। संसद में आचरण कैसा और यहाँ आचरण कैसा!वह भी सकुचा जाएगा, कैसे रंग बदला जाता है, दिल्ली से लखनऊ पहुँचते-पहुँचते जब आधी आबादी के आक्रोश को झेलना पड़ रहा है, अब यहाँ पर रंग बदल गए अब कह रहे हैं 33 फीसदी आरक्षण होना चाहिए, फिर सदन में विरोध क्यों किए?

सपा पर तीखा आरोप

उन्होंने कहा कि  हम लोगों ने सरकार में आने के बाद पिछले 9 वर्ष में 65 लाख गरीबों के लिए आवास बनाए हैं और उन तबकों को भी आवास उपलब्ध करवाया है, जिनके पास कोई आसरा नहीं था, और इनमें से ज्यादातर आवास महिला लाभार्थी के नाम से है, यानी महिला भी लाभार्थी हो सकती है और उसके नाम पर आवास हो सकता है, ये भी सुविधा उपलब्ध करवाई है। उन्होंने कहा कि आप लोग यही सब करते रहे हैं, अनावश्यक रूप से मुद्दे से नैरेटिव को बदलने का प्रयास करते रहे हैं। प्रदेश ही नही देश , आपके एक एक कारनामों को जानता है। खासतौर पर जब मैं समाजवादी पार्टी की बात करता हूँ, 1995 की घटना भी सबको याद है। जब प्रदेश की पहली दलित मुख्यमंत्री के साथ स्टेट गेस्ट हाउस कांड हुआ था।

पार्टी कोई भी हो सकती है,लेकिन आपका आचरण क्या था! ये स्थिति थी,यह है समाजवादी पार्टी का आचरण! याद करिये, उस समय बहुजन समाज पार्टी की नेत्री, जो बाद में प्रदेश की मुख्यमंत्री बनी, भाजपा ने उन्हें सपोर्ट किया कि एक दलित बेटी को सम्मान मिलना चाहिए। आप लोगों की राक्षसी प्रवित्ति पर लगाम लगाने के लिए तात्कालिक रूप से आवश्यक था, की भाजपा उन्हें सपोर्ट करे,और भाजपा नेतृत्व ने उस समय सहृदयता का परिचय दिया, भाजपा विधायक स्व.ब्रह्मदत्त द्विवेदी जी अपनी जान पर खेलकर समाजवादी पार्टी के गुंडों से भिड़े थे।

Share

Recent News