ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाकिस्तान को जमकर पटखनी देने को लेकर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने बड़ी बात कही है। उन्होंने ऑपरेशन सिंदूर को रोके जाने को लेकर बताया कि ये इस ऑपरेशन को भारत ने अपनी शर्तों पर रोका था। हम पहले से ही पाकिस्तान के साथ एक लंबी लड़ाई लड़ने के लिए पूरी तरह से तैयार थे।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने ये बातें गुरुवार को एएनआई नेशनल सिक्योरिटी समिट 2.0 में बोलते हुए कही। इसके साथ ही उन्होंने इस बात का भी खुलासा किया कि इस ऑपरेशन के तहत हमने दुनिया को ये संदेश दिया है कि भारत अब बयानबाजी तक सीमित नहीं है।
ऑपरेशन सिंदूर
पहलगाम में हुए आतंकी हमले में 26 लोगों की मौत हो गई थी। इसके जवाब में 7 मई 2025 को भारतीय सेना ने ऑपरेशन सिंदूर शुरू किया। इस ऑपरेशन में पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में आतंकियों के ठिकानों को निशाना बनाया गया। सिर्फ उन्हीं जगहों पर हमला किया गया जहां से आतंकी गतिविधियां चल रही थीं।
ऑपरेशन के दौरान लश्कर-ए-तैयबा, जैश-ए-मोहम्मद और हिजबुल मुजाहिदीन के 9 बड़े ठिकानों को नष्ट कर दिया गया। इस दौरान 100 से ज्यादा आतंकवादी मारे गए। पाकिस्तान की तरफ से ड्रोन हमले और गोलाबारी का जवाब आया। दोनों तरफ से चार दिन तक संघर्ष चला। आखिर में 10 मई 2025 को युद्धविराम पर सहमति बन गई।
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राजनाथ सिंह ने बताया कि ऑपरेशन को इसलिए नहीं रोका गया क्योंकि भारत कमजोर पड़ गया हो। बल्कि यह फैसला पूरी तरह से अपनी मर्जी से और अपनी शर्तों पर लिया गया था। उन्होंने कहा कि यह ऑपरेशन भारत के लिए एक बड़ा मोड़ साबित हुआ। इससे दुनिया को साफ संदेश गया कि अब भारत सिर्फ बयानबाजी तक सीमित नहीं रहा है।
पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय आतंकवाद का केंद्र
रक्षा मंत्री ने पाकिस्तान को अंतरराष्ट्रीय आतंकवाद का केंद्र बताया। उन्होंने कहा कि भारत आईटी यानी सूचना प्रौद्योगिकी के लिए जाना जाता है, जबकि पाकिस्तान इंटरनेशनल टेररिज्म के लिए पहचाना जाता है। आतंकवाद सिर्फ सुरक्षा का मुद्दा नहीं है। इसके तीन पहलू हैं – ऑपरेशनल, वैचारिक और राजनीतिक। जब तक इन तीनों स्तरों पर कार्रवाई नहीं होती, आतंकवाद पूरी तरह खत्म नहीं हो सकता।
आतंकवाद बर्दाश्त नहीं किया जाएगा
उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तारीफ करते हुए कहा कि सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति है। आतंकवाद को किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। आतंकवाद की जड़ों को पूरी तरह खत्म करना जरूरी है। राजनाथ सिंह ने भारतीय सेना की ताकत पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि सेना की क्षमता पहले से कहीं ज्यादा मजबूत हो गई है। जरूरत पड़ने पर तेजी से अपनी ताकत बढ़ाने की हममें क्षमता है। शांति के समय ही नहीं, युद्ध के दौरान भी सैन्य तंत्र तेजी से संसाधन जुटा सकता है।
उन्होंने यह भी बताया कि ऑपरेशन के दौरान पाकिस्तान की तरफ से परमाणु हमले की धमकी भी आई थी। लेकिन भारत ने इसे गंभीरता से नहीं लिया और किसी तरह के दबाव में नहीं आया।

















