दिल्ली पुलिस ने भारत मंडपम एआई समिट विरोध मामले में चार्जशीट दाखिल कर दी है। इसके तहत पुलिस ने इंडियन यूथ कांग्रेस के प्रेसिडेंट उदय भानु चिब और उसके सहयोगियों को आरोपी करार दिया है। पुलिस का आरोप है कि 20 फरवरी 2026 को नई दिल्ली के भारत मंडपम में इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट के दौरान हुआ शर्टलेस प्रदर्शन यूं ही नहीं हुआ। इसके लिए एक माह से तैयारी चल रही थी।
योजना एक महीने पहले से चल रही थी
पुलिस की जांच में पता चला कि यह प्रदर्शन अचानक नहीं हुआ था। 25-26 जनवरी 2026 को इंडियन युवा कांग्रेस के सेंट्रल दिल्ली ऑफिस में पहली बैठक हुई। उसके बाद एक महीने तक दिल्ली के अलग-अलग जगहों पर — कनॉट प्लेस और सफदरजंग के रेस्तरां में भी दर्जन भर से ज्यादा बैठकें हुईं। इन बैठकों में विरोध के मकसद, तरीके, जगह और जिम्मेदारियों पर चर्चा की गई। एक व्हाट्सएप ग्रुप भी बनाया गया जिसका नाम था “AI Impact Group”।
इसमें लोग कोऑर्डिनेशन करते थे। प्रदर्शन के लिए करीब 100 सफेद टी-शर्ट छपवाई गईं थीं। ये टी-शर्ट ओखला की एक प्रिंटिंग प्रेस पर छपी थीं। उन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और आम आदमी पार्टी (AAP) से जुड़ी आपत्तिजनक बातें लिखी या छपी हुई थीं। शुरू में जंतर मंतर को जगह तय की गई थी, लेकिन वहाँ ज्यादा लोग आने की उम्मीद नहीं लगी तो प्लान बदल दिया गया।
भारत मंडपम को क्यों चुना?
बैठकों में तय हुआ कि अंतरराष्ट्रीय स्तर के इस समिट में हंगामा करने से ज्यादा ध्यान मिलेगा। इसलिए हॉल नंबर 5 को चुना गया। दो-तीन और जगहों पर भी विचार हुआ था। कुछ लोगों को टी-शर्ट छपवाने, जगह फाइनल करने और लोगों को तैयार करने की जिम्मेदारी दी गई। 20 फरवरी को करीब दो दर्जन लोग आने वाले थे, लेकिन सिर्फ 14 लोग पहुँचे। वे जैकेट और स्वेटर पहनकर अंदर घुसे ताकि टी-शर्ट छिपी रहे। हॉल नंबर 5 में पहुँचकर उन्होंने ऊपर के कपड़े उतारे, कुछ टी-शर्ट दिखाई और नारे लगाने शुरू कर दिए।
पुलिस की कार्रवाई और चार्जशीट
दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने इस मामले की गहराई से जांच की। जांच के बाद उन्होंने एक विस्तृत चार्जशीट दाखिल की, जो करीब 5000 पेज की है। इसमें 18 लोगों को आरोपी बनाया गया है और 130 गवाहों के बयान शामिल हैं। इसमें मुख्य आरोपी उदय भानु चिब (इंडियन युवा कांग्रेस प्रेसिडेंट), मनीष शर्मा (इंचार्ज), सिद्धार्थ अवधूत , श्रीकांत हरी (लोगों को तैयार करने की जिम्मेदारी) है। एक मुख्य आरोपी का नाम नहीं लिया गया है, लेकिन पुलिस के अनुसार उसी ने टी-शर्ट उतारकर प्रदर्शन शुरू करने का सुझाव दिया था और पूरी योजना में अहम भूमिका निभाई थी।
पुलिस ने कहा कि यह पूरी तरह से प्लान किया गया और चरणबद्ध तरीके से अंजाम दिया गया विरोध था। हर बात पहले से तय थी। इस मामले में एक दर्जन से ज्यादा लोगों को गिरफ्तार किया गया था। बाद में अदालत ने सभी आरोपियों को जमानत दे दी थी।

















