पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में राज्य की जनता निर्णायक रूप से परिवर्तन के लिए कृतसंकल्पित दिख रही है। विगत लंबे समय से पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस की सरकार द्वारा संस्थागत भ्रष्टाचार अपराधियों का हाहाकार और खतरनाक तुष्टिकरण का ज्वार इन तीन चीजों ने मिलकर पश्चिम बंगाल के विकास को अवरुद्ध किया है। वर्तमान में तृणमूल कांग्रेस के राज में बंगाली समाज भय से ग्रस्त है।
पश्चिम बंगाल की धरती ऐतिहासिक है, क्योंकि यहाँ से राष्ट्रवाद के दोनों स्वर राष्ट्रगान और राष्ट्रगीत यानी जन गण मन और वंदे मातरम यही से निकल कर पूरे देश को नई पहचान और विरासत दिया है। पश्चिम बंगाल राष्ट्रवाद के साथ ही विकास की दौड़ में भी राष्ट्र के लिए एक गौरव और आदर्श प्रस्तुत किया है। एक समय नौकरी और रोज़गार की तलाश में लोग पश्चिम बंगाल ही पहुंचते थे। वर्तमान में वह धारा पलट गई है और राज्य के लोगों को बड़े पैमाने पर रोज़गार के लिए अन्य जगहों पर पलायन करना पड़ रहा है।
भाजपा पश्चिम बंगाल को वापस दिलाएगी उसका गौरव
भाजपा पश्चिम बंगाल को पुनः पुराण गौरव दिलाने को कृतसंकल्पित होने के साथ ही उसे पुनः उसी दिशा में ले जाने को प्रयासरत है। वर्तमान सरकार के कार्यकाल में अनेक उद्योगों का राज्य से पलायन हुआ है। राज्य में भ्रष्टाचार के अनेक मामले सामने आये हैं। भाजपा और तृणमूल कांग्रेस पार्टी के नीति और नीयत को समझने के लिए दोनों दलों के घोषणापत्रों का नाम ही काफी है। भाजपा के घोषणापत्र का नाम भरोसा पत्र’ या ‘संकल्प पत्र’ रखा गया है। वहीं तृणमूल कांग्रेस ने अपने घोषणापत्र का नाम इश्तहार रखा है। इश्तहार बांग्ला भाषा का शब्द नहीं है। इश्तहार अरबी और फारसी भाषा का शब्द है जिसे उर्दू से लिया गया है। तृणमूल कांग्रेस पार्टी द्वारा इश्तहार नाम का इस्तेमाल करना ही बंगाल का अपमान करना है। आखिर किस मानसिकता के तहत तृणमूल कांग्रेस पार्टी द्वारा इश्तहार शब्द का प्रयोग किया है। ममता जी का यह बयान की हमारी सरकार नहीं होगी तो एक समुदाय कुछ सेकंड में ही सब कुछ खत्म कर सकता है का इश्तहार से गहरा नाता है। 1905 में जब नवाब सलीमुल्लाह ने नरसंहार का आह्वान किया था तो उसके पैम्फलेट का नाम इश्तहार ही था। तृणमूल कांग्रेस की भाषा और लेखनी में कोई भी अंतर नहीं है।
देश के बाकी राज्यों से पिछड़ रहा बंगाल
विकास के संदर्भ की बात है तो पूरा देश विकास का नया आयाम गढ़ रहा है, वहीं पश्चिम बंगाल इसमें पिछड़ता जा रहा है। भाजपा के संकल्प पत्र में सरकार बनने के बाद 5 वर्ष में एक करोड़ रोजगार के अवसर सृजित किए जाएंगे, उद्योगों को पश्चिम बंगाल में फिर से स्थापित किया जाएगा। महिलाओं को ₹3000 दिए जाने के साथ ही उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए एक अलग पुलिस में महिला बटालियन बनाई जाएगी। इनका नाम पश्चिम बंगाल में स्वतंत्रता संग्राम की नायिकाओं मातंगिनी हाजरा जी और रानी रासमणि जी के सम्मान में रखा जाएगा।
बांग्लादेश सीमा पर तारबंदी लगाने का कार्य होगा तेज
विकास में राह में पश्चिम बंगाल में तरह-तरह के अवरोध उत्पन्न किए जा रहे हैं। इस कारण भाजपा के संकल्प पत्र में 45 दिन में बांग्लादेश सीमा पर भूमि अधिग्रहित करके तुरंत वहां पर तारबंदी लगाने का कार्य प्रारंभ किया जाएगा। इसके साथ ही तीन 3 डी पर काम किया जाएगा। इन तीन डी में डिटेक्ट, डिलीट एंड डिपोर्ट यानी यानी जांच करके उनको वापस भेजा जाएगा जैसा कि असम की सरकार इस काम को बखूबी कर रही है।

















