गोविंदघाट: श्री हेमकुंड साहिब यात्रा को सुगम, सुरक्षित एवं व्यवस्थित बनाने के लिए यात्रा मार्ग से बर्फ हटाने का सेवाकार्य भारतीय सेना के जवानों द्वारा युद्धस्तर पर किया जा रहा है। घांघरिया से श्री हेमकुंड साहिब तक दुर्गम पहाड़ी क्षेत्र और प्रतिकूल परिस्थितियों के बावजूद सेना के जवान लगातार मार्ग को साफ कर रहे हैं, ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
सेना के इस सराहनीय श्रमदान प से यात्रा मार्ग को शीघ्र ही पूरी तरह सुचारु किया जाएगा। भारतीय सेना की सिख रेजीमेंट के सिख सैनिक हर साल ये सेवा कार्य करने पहुंचते हैं, दुर्गम पहाड़ियों से बर्फ हटाने का रास्ता बनाने का काम आसान नहीं है, यहां बर्फ हटाने के मशीनी उपकरण नहीं पहुंच सकते इस लिए सब कार्य गेंती और बेलचे से किया जा सकता है। इस साल बर्फ भी अप्रैल माह तक पड़ी है इसलिए हर तरफ यात्रा मार्ग पर ऊंची परत जमी हुई है। बावजूद इसके “बोले सो निहाल सतश्री अकाल ” के जयघोष करते सेना के जवान गुरु घर की सेवा में जुटे हुए हैं।
श्री हेमकुंड साहिब गुरुद्वारे के प्रधान स. नरेंद्रजीत सिंह बिंद्रा ने इस सेवा कार्य के लिए भारतीय सेना का आभार प्रकट किया है। चमोली प्रशासन द्वारा भी यात्रा से जुड़ी सभी आवश्यक व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दिया जा रहा है, जिससे श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं मिल सकें। श्री हेमकुंट साहिब के कपाट आगामी 23 मई 2026 को श्रद्धालुओं के दर्शनार्थ खोले जाएंगे। इसके मद्देनजर संबंधित विभागों द्वारा तैयारियां तेज कर दी गई हैं और यात्रा को सफल एवं सुरक्षित बनाने के लिए सभी स्तरों पर समन्वय स्थापित किया जा रहा है।
















