विश्व हिंदू परिषद के महासचिव श्री बजरंग बागड़ा ने व्यापार और उद्योग से जुड़े शीर्ष निकायों से कॉर्पोरेट जगत में काम कर रही महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने की अपील की है। उन्होंने फिक्की, सीआईआई, एसोचैम, आईसीसी, बीसीसी, पीएचडीसीआईआई, नैसकॉम जैसे संगठनों को पत्र लिख कर यह अपील की। उन्होंने कॉर्पोरेट जगत से अनुरोध किया है कि वह महिलाओं के लिए सुरक्षित कार्यस्थल का वातावरण बना कर राष्ट्र को प्रगति की नई ऊंचाइयों तक ले जाए।
श्री बागड़ा ने 20 अप्रैल को नई दिल्ली में एक संवाददाता सम्मेलन में चेताया कि अगर कॉर्पोरेट जगत की नीतियों और उनके क्रियान्वयन में सुधारात्मक कदमों की कमी पाई गई, तो विहिप सभी उपलब्ध संवैधानिक उपायों को अपनाने के लिए विवश होगी। विहिप पूरी निष्पक्षता के साथ ऐसे मामलों पर पैनी नजर रखेगी कि क्या कदम उठाए गए हैं या नहीं उठाए गए हैं।
उन्होंने कहा कि भारत में व्यापार और उद्योग के शीर्ष निकायों को कार्यस्थलों पर महिलाओं की सुरक्षा जैसे अत्यंत संवेदनशील मामले पर ध्यान देकर उचित कदम उठाने चाहिए। बागड़ा ने उद्योग और व्यापार संगठनों का ध्यान टीसीएस में चल रहे कन्वर्जन के बड़े षड्यंत्र की ओर दिलाते हुए कहा कि ‘शिकारी’ की भूमिका में एक विशेष समुदाय से जुड़े कुछ पुरुष कर्मचारियों ने दूसरे समुदाय की महिला कर्मचारियों के साथ ही पुरुष कर्मचारियों को भी अपना निशाना बनाया।
श्री बागड़ा ने कहा कि ये किसी व्यक्तिगत कट्टरपंथी द्वारा किए गए अपराधों के अलग-थलग मामले नहीं हैं, बल्कि सुनियोजित, वित्तपोषित और पेशेवर ढंग से योजनाबद्ध तरीके से सामूहिक षड्यंत्र के मामले हैं। श्री बागड़ा ने यह भी कहा कि विश्व हिंदू परिषद राष्ट्र, संस्कृति और समुदाय के हितों की रक्षा के लिए कटिबद्ध है।
कॉर्पोरेट जगत की ऐसी गंभीर असावधानी, संलिप्तता और चूकों की अनदेखी नहीं की जा सकती। परिषद कार्मिक नीतियों, कार्यप्रणालियों और व्यवहार में तत्काल प्रभावी सुधार की अपेक्षा करती है।

















