गोवा अपनी सांस्कृतिक विविधता और धार्मिक सद्भाव के लिए दुनिया भर में प्रसिद्ध है। लेकिन वहां के वास्को इलाके में शनिवार शाम को उस समय तनावपूर्ण स्थिति देखने को मिली जब हिंदू समुदाय के सैकड़ों लोग वास्को पुलिस स्टेशन के बाहर जमा हो गए। प्रदर्शनकारियों का गुस्सा उन अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ था जिन्होंने अलग-अलग सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर हिंदू देवी-देवताओं के खिलाफ अश्लील, अपमानजनक और ईशनिंदा से भरे पोस्ट साझा किए थे।
देवी-देवताओं के अपमानजनक पोस्ट देख भड़के लोग
शनिवार की शाम वास्को पुलिस स्टेशन के बाहर का नजारा काफी गरमागरम था। बड़ी संख्या में हिंदू समुदाय के लोग वहां पहुंचे और पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए दोषियों की तुरंत गिरफ्तारी की मांग की। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि सोशल मीडिया पर जो कुछ भी साझा किया जा रहा है, वह न केवल अपमानजनक है बल्कि हिंदू धर्म की आस्था पर सीधा प्रहार है।
दर्ज करवाई सामूहिक शिकायत
हिंदू समुदाय के लोगों ने वास्को पुलिस निरीक्षक और रिबंदर स्थित साइबर क्राइम सेल को एक औपचारिक शिकायत सौंपी। इसमें स्पष्ट रूप से कहा गया है कि सोशल मीडिया पर प्रसारित की जा रही ये पोस्ट गोवा के शांतिपूर्ण सामाजिक ताने-बाने को बिगाड़ने और सांप्रदायिक नफरत भड़काने का एक स्पष्ट प्रयास हैं।
तत्काल कार्रवाई की मांग
प्रदर्शनकारियों ने अपनी शिकायत के साथ उन विवादित पोस्ट के स्क्रीनशॉट भी संलग्न किए हैं, ताकि पुलिस को कार्रवाई करने के लिए ठोस सबूत मिल सकें। हिंदू समाज ने पुलिस से अपील की है कि वे संबंधित सोशल मीडिया कंपनियों (जैसे फेसबुक, इंस्टाग्राम और एक्स) को निर्देश दें कि इस तरह की अपमानजनक सामग्री को तुरंत उनके प्लेटफॉर्म से हटाया जाए।
वास्को पुलिस को दी गई शिकायत में न केवल घटना का वर्णन किया गया है, बल्कि उन कानूनी धाराओं का भी उल्लेख किया गया है जिनका उल्लंघन इन पोस्ट के माध्यम से हुआ है। प्रदर्शनकारियों ने मांग की है कि दोषियों के खिलाफ नई भारतीय न्याय संहिता (BNS) के तहत केस दर्ज किया जाए।
शिकायत में कई धाराओं के तहत मामला दर्ज करने की अपील की गई है। इसमें BNS की धारा 196 धर्म के आधार पर विभिन्न समूहों के बीच शत्रुता को बढ़ावा देने, BNS की धारा 299 किसी वर्ग की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने के उद्देश्य से किए गए जानबूझकर और द्वेषपूर्ण कृत्यों और आईटी एक्ट की धारा 67 इलेक्ट्रॉनिक रूप में अश्लील सामग्री के प्रकाशन या प्रसारण जैसी धाराओं के तहत तुरंत एक्शन लेने की बात कही है है।
हिंदू समुदाय ने साइबर सेल से आग्रह किया है कि वे अपराधियों के आईपी एड्रेस और लोकेशन को ट्रैक करें। प्रदर्शनकारियों का मानना है कि जब तक इन डिजिटल अपराधियों की सही पहचान नहीं हो जाती और उन्हें सलाखों के पीछे नहीं भेजा जाता, तब तक इस तरह की गतिविधियों पर लगाम लगाना मुश्किल होगा।
गोवा में सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने की साजिश?
शिकायत में एक महत्वपूर्ण पहलू यह भी उठाया गया है कि हाल ही में गौतम खट्टर से जुड़े विवाद के बाद, कुछ तत्व जानबूझकर हिंदू धार्मिक भावनाओं को निशाना बना रहे हैं। यह संदेह जताया जा रहा है कि गोवा जैसे शांतिप्रिय राज्य में सांप्रदायिक तनाव पैदा करने के लिए ये पोस्ट एक सोची-समझी साजिश का हिस्सा हो सकते हैं। शिकायत में कहा गया है कि
‘हम पुलिस पर भरोसा करते हैं कि वे कानून-व्यवस्था बनाए रखने और सभी समुदायों की धार्मिक भावनाओं की रक्षा के लिए तेजी से कार्य करेंगे।’
प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि दोषियों को जल्द नहीं पकड़ा गया, तो वे अपने विरोध को और तेज करेंगे। पुलिस को मामले की गंभीरता को देखते हुए जल्द से जल्द दोषियों को पकड़ना चाहिए ताकि राज्य में धार्मिक सद्भाव बना रहे।
















