तमिलनाडु का विधानसभा चुनाव कल संपन्न हो गया और इस राज्य में मतदान प्रतिशत ने सबको सन्न कर दिया है। तमिलनाडु में 2021 में मतदान प्रतिशत 73.63 प्रतिशत था जो इस बार बढ़कर लगभग 85 प्रतिशत हो गया है। तमिलनाडु में मतदान प्रतिशत बढ़ने एक बड़ा कारण राज्य में एसआईआर भी है। इसके तहत 13.5 % मतदाताओं के नाम हटाए गए हैं। इतने बड़े पैमाने पर नाम हटाए जाने की तुलना करने के लिए भाजक कम हो जाता है इस कारण मतदान में बढ़ोतरी एक सामान्य प्रक्रिया बन जाती है।
अब सवाल है कि क्या निरपेक्ष संख्या में भी मतदाताओं की संख्या में बढ़ोतरी हुई है? निरपेक्ष संख्या में मतदाताओं की संख्या महज दो से तीन प्रतिशत की ही वृद्धि हुई है। अगर यही भाजक अभी भी होता तो मतदान प्रतिशत 75.56 प्रतिशत होता जो पिछली बार के 73.63% से थोड़ा ही अधिक है। लेकिन, एसआईआर हुआ और मतदाता सूची से फेक नामों को हटाया गया है। इस कारण मतदान प्रतिशत में वृद्धि देखी जा रही है।
एनडीए गठबंधन के जीत की भविष्यवाणी
कई पोलों ने चुनाव पूर्व में एनडीए गठबंधन के बड़ी जीत की भविष्यवाणी की थी जो इस मतदान प्रतिशत के कारण सही होता दिख रहा है। इस चुनाव में द्रविड़ मुनेत्र कड़गम के गढ़ चेन्नई में भी काफी बदलाव की स्थिति है। डीएमके जो चेन्नई और उत्तर तमिलनाडु की सबसे मजबूत पार्टी मानी जाती थी, वहां भी दोनों गठबंधनों में बराबर-बराबर सीटों के बंटवारे की संभावना है। चेन्नई में भी यदि एनडीए गठबंधन अच्छा प्रदर्शन करता है तो कांग्रेस पार्टी और उसके सहयागियों के लिए स्थिति काफी बुरी होने वाली है। चेन्नई में एनडीए कम सीट जीतने का ही अनुमान लगाती है मगर वहां भी अगर डीएमके हार रही है और एनडीए गठबंधन जीत रहा है मतलब पूरे राज्य से सत्तारूढ़ गठबंधन का सफाया होने वाला है।



उत्तर तमिलनाडु में जीतने जा रहा एनडीए
उत्तर तमिलनाडु वन्नियार समुदाय का इलाका है जो एनडीए पूरी तरह से जीतने जा रहा है। एनडीए पश्चिम तमिलनाडु इलाके जिसमें, 58 सीट हैं वहां भी बड़ी जीत दर्ज़ करने जा रहा है। तमिलनाडु के डेल्टा क्षेत्र, जिसमें 43 सीटें हैं, वहां भी दोनों गठबंधनों में कड़ा मुकाबला है। वहीं तमिलनाडु के दक्षिणी इलाके जिसमें, विधानसभा की 57 सीट हैं, वहां एनडीए अधितकतम सीट हासिल करने जा रही है। यह इलाक़ा एमजीआर और जयललिता के समय से अखिल भारतीय अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कडगम का गढ़ रहा है।
अतएव यह कहा जा सकता है कि तमिलनाडु में अखिल भारतीय अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कड़गम ( AIDMK) गठबंधन सरकार बनाने जा रही है। लेकिन सवाल यह है कि क्या थलापति विजय की पार्टी के कारण ऐसा हो रहा है? इसका सही जवाब चुनाव बाद ही मतों के विश्लेषण के बाद पता चलेगा, मगर अखिल भारतीय अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कड़गम और भाजपा नीत एनडीए की सरकार तमिलनाडु में बनाने की पूरी संभावना इस मतदान प्रतिशत ने स्पष्ट कर दिया है।

















