उत्तर प्रदेश के नोएडा में हाल ही में हुए मजदूरों के प्रदर्शनों के दौरान हुई हिंसा की जांच होते ही एक के बाद एक खुलासे हो रहे हैं। इसी क्रम में नोएडा पुलिस ने एक बड़ी साजिश का खुलासा किया है, जिसने पूरे देश को सन्न कर दिया है। जांच में पता चला है कि कुछ देश विरोधी तत्व Gen-Z युवाओं को निशाना बनाकर उन्हें एंटी-नेशनल स्लीपर सेल्स के रूप में तैयार कर रहे थे। इसके जरिए इनकी कोशिश बांग्लादेश, नेपाल और मेडागास्कर की तरह देश की सत्ता का परिवर्तन करना था।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, Gen-Z का मतलब उन युवाओं से है जो 1997 से 2012 के बीच पैदा हुए हैं। पुलिस के मुताबिक, ये लोग इंटरनेट और कैंपस गतिविधियों के जरिए ऐसे युवाओं को पहचानते थे जो सरकार के खिलाफ बातें करते थे। फिर उन्हें धीरे-धीरे प्रभावित करके संगठित करने की कोशिश की जा रही थी।
कैसे हुआ खुलासा
पुलिस को इस साजिश की जानकारी एक 28 पन्नों की डायरी से मिली, जो हिमांशु नाम के एक शख्स के पास से बरामद हुई। इस डायरी में 18-20 Gen-Z युवाओं के नाम और उनके बारे में जानकारी लिखी थी। पुलिस का कहना है कि ये साजिश नेपाल, बांग्लादेश और श्रीलंका जैसी घटनाओं की तरह देश में बड़े पैमाने पर अशांति फैलाने या सत्ता बदलने के मकसद से की जा रही थी।
गिरफ्तार लोग और उनकी पृष्ठभूमि
इस मामले में पुलिस ने कई लोगों को गिरफ्तार किया है। ये सभी पढ़े-लिखे हैं और अलग-अलग पेशों से जुड़े हैं:
हिमांशु: पीएचडी कर रहा है। उसके पास से वो 28 पन्नों की डायरी मिली।
रूपेश: बाहर से ऑटो ड्राइवर लगता है, लेकिन सोशल वर्कर के रूप में काम करता है।
आदित्य: इंजीनियर है।
मनीषा: 12वीं पास है और गारमेंट फैक्ट्री में काम करती है।
श्रिष्टि: रविंद्र नाट्य से थिएटर आर्ट्स का सर्टिफिकेट है।
आकृति: इतिहास में पोस्ट ग्रेजुएट है, NET क्वालीफाई किया है और हिमांशु के साथ पीएचडी कर रही है।
सत्यम वर्मा: लखनऊ और दिल्ली में पत्रकारिता कर चुका है। जटिल किताबों के अनुवाद में माहिर है और कई किताबें लिख चुका है।
ये सभी लोग शिक्षित हैं। पुलिस के अनुसार, कुछ लोग दो टीमों में काम कर रहे थे। एक टीम इंटरनेट और कैंपस से Gen-Z युवाओं को ढूंढ रही थी जो एंटी-गवर्नमेंट विचार रखते थे। दूसरी टीम उन्हें भर्ती करती और उन्हें सरकार विरोधी विचारों से प्रभावित करती थी। मकसद था कि भविष्य में जरूरत पड़ने पर इन युवाओं को इस्तेमाल किया जाए।
सभा आरोपियों के खिलाफ हो रही कार्रवाई
नोएडा पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह ने कहा कि हिंसा में शामिल आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई हो रही है। जांच अभी जारी है और संगठित अपराध के पहलुओं को भी देखा जा रहा है। पुलिस ने रेड करके इन लोगों को पकड़ा और डायरी बरामद की। जांच एजेंसियों के साथ मिलकर काम किया गया। अभी तक यही पता चला है कि ये लोग युवाओं को ऑनलाइन और ऑफलाइन तरीके से प्रभावित कर रहे थे। ये मामला दिखाता है कि कैसे कुछ लोग युवा पीढ़ी को निशाना बनाकर देश विरोधी गतिविधियों की तैयारी कर रहे थे।

















