भुवनेश्वर: महिला आरक्षण विधेयक को लेकर सियासी घमासान के बीच भाजपा ने राजधानी भुवनेश्वर में विशाल “जन आक्रोश महिला पदयात्रा” का आयोजन किया। इस दौरान पार्टी ने कांग्रेस समेत विपक्षी दलों पर महिला अधिकारों के साथ विश्वासघात का आरोप लगाते हुए तीखा हमला बोला। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में महिलाओं की भागीदारी देखने को मिली, जिन्होंने काली पट्टी बांधकर विरोध जताया।
सभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने कहा कि संसद में ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ को बाधित कर विपक्षी दलों ने देश की आधी आबादी के अधिकारों का हनन किया है। उन्होंने इसे केवल एक विधेयक की हार नहीं, बल्कि महिलाओं के सपनों के साथ अन्याय करार दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी महिलाओं को लोकसभा और विधानसभा में 33 प्रतिशत आरक्षण देकर नीति निर्धारण में उनकी भागीदारी सुनिश्चित करना चाहते हैं, लेकिन विपक्ष ने संकीर्ण राजनीतिक स्वार्थ के चलते इसे विफल किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह केवल एक विल का पराजय नहीं है बल्कि माताओं के सपनों की भृण हत्या है। यह प्रधानमंत्री मोदी का पराजय नहीं है बल्कि देश के महिलाओं के आकांक्षाओं के प्रति चोट है । उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस और अन्य दल महिलाओं को केवल वोट बैंक के रूप में देखते हैं, जबकि केंद्र सरकार उनके वास्तविक सशक्तिकरण के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने यह भी कहा कि महिलाओं के सम्मान से खिलवाड़ करने वालों को कड़ी सजा मिलेगी और इसका उदाहरण सरकार की कड़ी कार्रवाईयों से स्पष्ट है।
राज्य में महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण की चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री ने ‘सुभद्रा योजना’ को ऐतिहासिक कदम बताया। साथ ही उन्होंने घोषणा की कि जल्द ही ‘मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना’ शुरू की जाएगी, जिसके तहत बालिका के जन्म पर 20 हजार रुपये और स्नातक पूर्ण करने पर 1,01,000 रुपये की सहायता दी जाएगी। उन्होंने कहा कि राज्य की प्रत्येक महिला को ‘लखपति दीदी’ बनाना सरकार का लक्ष्य है।
विपक्ष पर तीखा प्रहार करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि उनके “पापों का घड़ा भर चुका है” और जनता उन्हें उचित जवाब देगी। विपक्षी दलों के नेताओं द्वारा प्रधानमंत्री और महिला समाज के प्रति इस्तेमाल की जा रही आपत्तिजनक भाषा की निंदा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि विपक्ष के “99 पाप पूरे हो चुके हैं” और 100वीं गलती के बाद उनकी स्थिति भी शिशुपाल जैसी हो जाएगी। उन्होंने कहा कि आज का यह जनआक्रोश गांव से लेकर शहर तक फैलेगा और इस व्यापक विरोध के चलते विपक्ष का राजनीतिक भविष्य धूल में मिल जाएगा। मुख्यमंत्री ने महिलाओं से आह्वान किया कि वे चुप न रहें और अपने अधिकारों के लिए खुलकर आवाज उठाएं।

उन्होंने कहा कि यह आंदोलन गांव से शहर तक फैलेगा और विपक्ष का राजनीतिक भविष्य प्रभावित करेगा। इस अवसर पर भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष मनमोहन सामल ने कहा कि संसद में हुई चर्चा देश के इतिहास को बदल सकती थी, लेकिन विपक्ष ने इसे रोक दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस समेत अन्य दलों ने विधेयक का विरोध कर महिलाओं के साथ अन्याय किया, जिसे देश की जनता कभी माफ नहीं करेगी। उपमुख्यमंत्री प्रभाती परिडा ने भी विपक्षी दलों को महिला विरोधी बताते हुए कहा कि ओडिशा की महिलाएं इस रवैये को कभी स्वीकार नहीं करेंगी। उन्होंने कहा कि महिला सशक्तिकरण के लिए केंद्र सरकार लगातार प्रयासरत है और भाजपा हमेशा महिलाओं के सम्मान के लिए संघर्ष करती रही है।
भाजपा द्वारा आयोजित इस पदयात्रा में उपमुख्यमंत्री कनक वर्धन सिंहदेव, मंत्री पृथ्वीराज हरिचंदन, रवि नारायण नाएक , गोकुलानंद मलिक, सांसद प्रताप षडंगी सहित कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे। कार्यक्रम के अंत में महिला मोर्चा की प्रदेश अध्यक्ष डॉ. ऐश्वर्या बिस्वाल ने धन्यवाद ज्ञापन किया।












