नई दिल्ली: इस्लामाबाद में फिर एक बार ईरान-अमेरिका के बीत शांति वार्ता के दूसरे दौर की बातचीत होने वाली है। ट्रंप भी इस बार ईरान से सीधे बात करना चाहते हैं। वहीं, ईरानी सेना भी साफ कह चुकी है कि वो अमेरिका के किसी भी हमले का जवाब देने के लिए पूरी तरह से तैयार है। दोनों ही देश झुकने को तैयार नहीं है। ऐसे में यह कहा जा रहा है कि दूसरे दौर की बातचीत में भी दोनों देशों के बीच युद्ध रोकने को लेकर सहमति बनना मुश्किल है।
ईरान बोला- युद्ध में अमेरिकी हमले का जवाब देने के लिए तैयार
ईरान का कहना है कि अमेरिका के किसी भी धमकी का हम पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा। हम पूरी मजबूती से अमेरिकी हमलों का जवाब देंगे। ईरानी सेना के कमांडर मेजर जनरल अली अब्दोल्लाही ने इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) की स्थापना की वर्षगांठ के मौके पर कहा है कि वो युद्ध में अमेरिका के हमलों का जवाब देने के लिए पूरी तरह से तैयार हैं। उन्होंने कहा कि हमारी सेनाओं की शक्ति, तैयारियों और व्यापक रणनीतिक क्षमताओं व मिसाइल एवं ड्रोन हमलों ने इजरायल और अमेरिका को दबाव में ला दिया है। इससे वे थकान और मजबूरी की हालत में संघर्षविराम की मांग करने को मजबूर हुए हैं।
कब होगी दूसरे दौर की बातचीत?
अमेरिका और ईरान के बीच जारी युद्धविराम के बीच मीडिया रिपोर्ट में कहा जा रहा है कि दोनों देशों के बीच दूसरे दौर की बातचीत 22 अप्रैल को इस्लामाबाद में शुरू हो सकती है। रॉयटर्स की रिपोर्ट में कहा गया है कि बातचीत सही दिशा में आगे बढ़ रही है और अगला राउंड तय समय पर होने की उम्मीद है।अगर इस बातचीत के दौरान कोई समझौता होता है तो अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप भी इसमें शामिल हो सकते हैं। इसलिए इसे महत्वपूर्ण माना जा रहा है। हालांकि अभी ट्रंप के शामिल होने की पुष्टि नहीं हुई है।
दूसरी तरफ ईरान के कमांडर मेजर जनरल अली अब्दोल्लाही का कहना है कि ट्रंप झूठे और भ्रमित दावे करते हैं। हम यह अनुमति नहीं देंगे कि वह सैन्य संघर्ष के दौरान शांति के समय का दुरुपयोग कर जमीनी हालात की झूठी और भ्रामक तस्वीर पेश करे। उन्होंने कहा कि ईरान किसी भी समझौते के उल्लंघन पर सक्षम और प्रभावी तरीके से जवाब देगा।












