खाड़ी युद्ध के चलते ईरान ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को बंद कर रखा है। वहीं ईरान की मुश्किलों को बढ़ाने के लिए अमेरिका ने भी ईरानी जहाजों को रोकने के लिए नौसैनिक नाकेबंदी कर रखी है। इसी क्रम में अब एक कदम और आगे बढ़ते हुए अमेरिका ने ईरान के झंडे वाला एक मालवाहक जहाज अरब सागर में जब्त कर लिया है। जहाज का नाम TOUSKA है। यह मलेशिया के पोर्ट क्लांग से निकला था और ईरानी बंदरगाह की तरफ जा रहा था।
क्या हुआ?
द गॉर्जियन की रिपोर्ट के अनुसार, 19 अप्रैल को अमेरिकी नौसेना ने इस जहाज को रोकने की कोशिश की। अमेरिकी नेवी के USS स्प्रुआंस नाम के गाइडेड मिसाइल डिस्ट्रॉयर ने पहले चेतावनी दी। जब जहाज नहीं रुका तो उसने जहाज के इंजन रूम में गोली चलाई और एक छेद कर दिया। इसके बाद अमेरिकी मरीन्स ने जहाज पर कब्जा कर लिया। अब जहाज अमेरिकी कस्टडी में है।
ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर पोस्ट करके यह खबर दी। उन्होंने लिखा कि जहाज ब्लॉकेड को पार करने की कोशिश कर रहा था, लेकिन “उसके साथ अच्छा नहीं हुआ”। उन्होंने कहा कि नौसेना ने इंजन रूम में छेद करके उसे रोक दिया। अमेरिकी रक्षा विभाग ने वीडियो भी जारी किया जिसमें एक नाविक चेतावनी देता सुनाई देता है- “इंजन रूम खाली कर दो, हम फायर करने को तैयार हैं।”
अमेरिका का आरोप
ट्रंप और अमेरिकी सेना का कहना है कि यह जहाज ब्लॉकेड तोड़ने की कोशिश कर रहा था। इसलिए जरूरी कदम उठाए गए। अमेरिकी सेना का कहना है कि वे किसी भी ईरानी झंडे वाले जहाज या ईरान को मदद पहुंचाने वाले जहाज को रोकेंगे।
कंटेनर शिप था ये
TOUSKA एक कंटेनर शिप है, इसकी लंबाई 900 फीट से ज्यादा है। इसका MMSI नंबर 422032600 और IMO नंबर 9328900 है। यह पहले से अमेरिकी ट्रेजरी विभाग की प्रतिबंधों की लिस्ट में शामिल था। क्योंकि इसकी पुरानी गतिविधियां गैरकानूनी मानी गई थीं।
हालांकि, अभी तक ईरानी सरकार की तरफ से इस घटना पर कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है। कुछ रिपोर्ट्स में ईरान ने इसे सीजफायर का उल्लंघन बताया है। जानकारी के मुताबिक, यह घटना स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के पास गल्फ ऑफ ओमान में हुई। यह इलाका ईरान की सीमा के करीब है और तेल परिवहन के लिए बहुत महत्वपूर्ण है। जहाज को मरीन ट्रैफिक और टैंकरट्रैकर्स जैसी वेबसाइट्स से ट्रैक किया जा रहा था।

















