लोकसभा में महिला आरक्षण बिल पर चर्चा के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सभी दलों से इस ऐतिहासिक विधेयक का समर्थन करने की अपील की। उन्होंने कहा कि यह समय राजनीति करने का नहीं, बल्कि देश की महिलाओं को उनका हक देने का है।
प्रधानमंत्री ने अपने भाषण में कहा कि कुछ लोग इस बिल को राजनीतिक नजरिए से देख रहे हैं और यह मान रहे हैं कि इसके पीछे उनका कोई व्यक्तिगत फायदा है। लेकिन उन्होंने साफ कहा कि यह सोच गलत है। उनका उद्देश्य केवल देश के विकास में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाना है। सदन में उस समय हल्का हास्य भी देखने को मिला जब विपक्षी दल के एक सांसद बीच में बोलने लगे। इस पर प्रधानमंत्री ने मुस्कुराते हुए टिप्पणी की “उन्हें बोलने दीजिए, क्योकि वहां उनके मुंह पर जैसे ताला लगा है। बंगाल में इनको बोलने की आजादी नहीं मिलती।” जिससे पूरे सदन में हंसी फैल गई। वहां मौजूद कई मंत्री और सांसद भी इस माहौल में हंसते नजर आए।
प्रधानमंत्री मोदी ने आगे कहा कि अगर कोई इस बिल का विरोध करेगा तो वह इतिहास में गलत पक्ष में खड़ा माना जाएगा। उन्होंने जोर देकर कहा कि यह अवसर लंबे समय बाद आया है और इसे गंवाना नहीं चाहिए। उन्होंने सभी दलों से अपील की कि वे मिलकर इस कानून को पास कराएं ताकि महिलाओं को राजनीति में 33 प्रतिशत आरक्षण मिल सके। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि अगर लोग इसका विरोध करेंगे तो कुछ लोगों को राजनीतिक फायदा मिल सकता है, लेकिन अगर सभी साथ मिलकर काम करेंगे तो किसी को खास फायदा नहीं होगा। उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें किसी तरह का श्रेय नहीं चाहिए। कानून बनने के बाद वे सबका धन्यवाद करेंगे और सरकारी खर्च पर सबकी तस्वीरें भी छपवाने को तैयार हैं। उन्होंने कहा कि जो भी क्रेडिट लेना चाहता है, वह ले सकता है। अपने भाषण के अंत में प्रधानमंत्री ने कहा कि देश के इतिहास में कुछ ऐसे मौके आते हैं जो भविष्य को बदल देते हैं। यह भी ऐसा ही समय है जब संसद को एक मजबूत और दूरगामी फैसला लेना चाहिए।

















