कस्बा ककराला के एक मदरसे में हुए वार्षिक उत्सव के दौरान पेश किए गए एक नाटक को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। यह कार्यक्रम 13 अप्रैल को आयोजित किया गया था, जिसमें छात्रों ने अलग-अलग सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दी थीं। इन्हीं प्रस्तुतियों में एक नाटक भी शामिल था, जिसे लेकर अब लोगों में नाराजगी देखी जा रही है।
बताया जा रहा है कि इस नाटक में रामायण से जुड़े कुछ पात्रों को आज के समय के मुद्दों के साथ जोड़कर दिखाया गया था। इसी दौरान एक छात्र ने हनुमान जी का रूप धारण किया और उन्हें कथित रूप से एक भ्रष्ट अधिकारी के रूप में प्रस्तुत किया गया। इस बात को लेकर कुछ लोगों ने आपत्ति जताई है और कहा है कि इससे धार्मिक भावनाएं आहत हुई हैं। जब इस कार्यक्रम का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, तो मामला तेजी से फैल गया। कई लोगों ने इसे अनुचित बताते हुए कार्रवाई की मांग की। इसके बाद विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल समेत कई संगठनों के लोग आलापुर थाने पहुंचे और शिकायत दर्ज कराई। उनका कहना है कि इस तरह की प्रस्तुतियां समाज में गलत संदेश देती हैं और धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाती हैं।
शिकायत करने वालों ने यह भी कहा कि शैक्षणिक संस्थानों में इस तरह की गतिविधियां नहीं होनी चाहिए, क्योंकि इससे सामाज पर असर पड़ सकता है। उन्होंने मदरसा प्रशासन के खिलाफ जांच और सख्त कार्रवाई की मांग की है। पुलिस ने मामले को गंभीरता से लिया है और जांच शुरू कर दी है। फिलहाल कोई एफआईआर दर्ज नहीं हुई है, लेकिन अधिकारियों से रिपोर्ट मांगी गई है। शिक्षा विभाग ने भी इस घटना पर ध्यान दिया है और जांच के निर्देश दिए हैं। इसके अलावा कुछ और आरोप भी सामने आए हैं, जैसे कि मदरसे में छात्रों को पाकिस्तान से जुड़ी जानकारी पढ़ाई जा रही है और जमीन की वैधता पर भी सवाल उठाए गए हैं। हालांकि, इन आरोपों की अभी पुष्टि नहीं हुई है। प्रशासन का कहना है कि पूरी जांच के बाद ही सच्चाई सामने आएगी और उसी के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
















