खाड़ी युद्ध के चलते दुनियाभर की तेल सप्लाई बुरी तरह से प्रभावित हो रही है। जहाजों पर हमले किए जा रहे हैं। इसी क्रम में विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने बुधवार को जापान की ओर से बुलाई गई AZEC Plus की वर्चुअल मीटिंग में हिस्सा लिया। इस दौरान ऊर्जा बाजार में सप्लाई चेन की दिक्कतों पर चर्चा करना था। मीटिंग के दौरान जयशंकर ने साफ कहा कि मर्चेंट शिपिंग पर हमले पूरी तरह से अस्वीकार्य हैं।
जापान ने बुलाई थी ये बैठक
AZEC Plus मीटिंग जापान ने बुलाई थी। इसमें ऊर्जा से जुड़ी सप्लाई चेन में आने वाली रुकावटों पर बात हुई। खासकर वेस्ट एशिया में चल रहे तनाव की वजह से दुनिया भर में ऊर्जा सप्लाई प्रभावित हो रही है। जयशंकर ने भारत की तरफ से इस मुद्दे पर अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि वैश्विक विकास के लिए ऊर्जा बाजार को किसी भी तरह से संकुचित नहीं होने देना चाहिए।
भारत की स्थिति
विदेश मंत्री ने जोर देकर कहा कि व्यापारिक जहाजों पर हमले बिल्कुल स्वीकार नहीं किए जा सकते। उन्होंने भारत की मजबूत प्रतिबद्धता जताई कि समुद्री जहाजों का सुरक्षित और बिना किसी रुकावट के गुजरना सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने लिखा, “व्यापारिक जहाजों पर हमले पूरी तरह से अस्वीकार्य हैं। वैश्विक विकास के लिए यह ज़रूरी है कि ऊर्जा बाज़ारों को बाधित न किया जाए।”
जयशंकर ने यह भी कहा कि भारत एक बड़ा ऊर्जा आयातक देश है। इसलिए सुरक्षित समुद्री रास्तों का होना हमारे लिए बहुत जरूरी है। उन्होंने जोर दिया कि मर्चेंट जहाजों को निशाना बनाना न सिर्फ अलग-अलग देशों को नुकसान पहुंचाता है, बल्कि पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था को प्रभावित करता है।
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क्या है पूरा मामला
यह बयान वेस्ट एशिया में चल रहे संघर्ष के बीच आया है। हाल के दिनों में कुछ मर्चेंट जहाजों पर हमलों की खबरें आई हैं, जिससे समुद्री रास्ते, खासकर होर्मुज स्ट्रेट जैसे महत्वपूर्ण इलाकों में तनाव बढ़ गया है। इन हमलों से एनर्जी सप्लाई चेन बाधित हो रही है और दुनिया भर में तेल-गैस की कीमतों पर असर पड़ रहा है। उन्होंने मीटिंग में कहा कि समुद्री व्यापार और नेविगेशन की आजादी को बनाए रखना चाहिए। उन्होंने भारत की तरफ से यह संदेश दिया कि निर्दोष लोगों की जान जोखिम में डालना या व्यापार को रोकना सही नहीं है। MEA के प्रवक्ता रंधीर जायसवाल ने भी प्रेस में इस बारे में जानकारी दी।
भारत बिना सुरक्षित बाधा यात्रा के लिए प्रतिबद्ध
मीटिंग के बाद जयशंकर ने एक्स (ट्विटर) पर पोस्ट किया, “AZEC Plus मीटिंग में हिस्सा लिया। भारत सुरक्षित और बिना बाधा वाले समुद्री पारगमन के लिए प्रतिबद्ध है। मर्चेंट शिपिंग पर हमले पूरी तरह अस्वीकार्य हैं। वैश्विक विकास के लिए एनर्जी मार्केट को संकुचित नहीं होने देना चाहिए।” विदेश मंत्री ने स्पष्ट किया है कि इन हमलों से न सिर्फ व्यापार प्रभावित होता है, बल्कि आम लोगों की जिंदगी और अर्थव्यवस्था पर भी बुरा असर पड़ता है।
















