भुवनेश्वर : भुवनेश्वर के सुंदरपदा बम विस्फोट मामले की जांच एनआईए को सौंप दी गई है। मामले में भाजपा प्रवक्ता को निशाना बनाने का खुलासा भी हुआ है। यह घटना शहर के आजाद नगर क्षेत्र में से बम बनाने की गतिविधियों के दौरान हुई थी। सूत्रों के अनुसार, विस्फोटक सामग्री भाजपा प्रदेश प्रवक्ता को निशाना बनाने के लिए तैयार की जा रही थी। वजह यह थी कि उन्होंने मुसलमानों के एक बड़े मजहबी आयोजन का विरोध करने वाले स्थानीय ग्रामीणों का समर्थन कर दिया था।
एनआईए ने एयरफील्ड थाने का किया दौरा
एनआईए की तीन सदस्यीय टीम ने हाल ही में भुवनेश्वर के एयरफील्ड पुलिस स्टेशन का दौरा किया और मामले से जुड़े महत्वपूर्ण दस्तावेज एकत्र किए। एजेंसी ने एफआईआर, फॉरेंसिक रिपोर्ट और अन्य आवश्यक रिकॉर्ड अपने कब्जे में ले लिए हैं, जो सुंदरपदा विस्फोट से संबंधित हैं।
अधिकारियों के अनुसार, एनआईए ने घटनास्थल से जुड़े तकनीकी और साक्ष्य-आधारित पहलुओं की विस्तृत समीक्षा शुरू कर दी है। एजेंसी स्थानीय पुलिस और फॉरेंसिक टीमों द्वारा एकत्र किए गए डिजिटल और भौतिक साक्ष्यों की जांच कर रही है, ताकि घटना की पूरी कड़ी को समझा जा सके।
यह विस्फोट 27 जनवरी को आजाद नगर इलाके में हुआ था, जिसमें मुख्य आरोपी शहनवाज मलिक और उसकी मां की मौत हो गई थी, जबकि दो अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हुए थे। घायलों में मलिक का एक सहयोगी और उसकी महिला मित्र शामिल हैं। एनआईए अब आरोपी के आपराधिक इतिहास, संपर्कों और संभावित अंतरराज्यीय नेटवर्क की गहन जांच कर रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि क्या यह घटना किसी संगठित गिरोह का हिस्सा थी।
मामले को केस नंबर 1/2026 के रूप में दर्ज किया गया है। एजेंसी विशेष रूप से यह जांच कर रही है कि क्या विस्फोट में आरडीएक्स जैसे उच्च क्षमता वाले विस्फोटकों का उपयोग किया गया था और क्या इनका उपयोग किसी बड़े आपराधिक या आतंकी ऑपरेशन के लिए किया जाना था।
भुवनेश्वर कमिश्नरेट पुलिस के एसीपी (जोन-2) कृष्ण चंद्र पलेई ने कहा कि सभी आवश्यक दस्तावेज कानूनी प्रक्रिया के तहत एनआईए को सौंपे जा रहे हैं। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि केंद्रीय एजेंसी को जांच में पूरा सहयोग दिया जा रहा है।
भाजपा प्रवक्ता को निशाना बनाने की साजिश
जांच में यह भी सामने आया है कि जटनी विधानसभा क्षेत्र में 15 जनवरी को मुसलमानो द्वारा एक बड़े मजहबी आयोजन की योजना थी, जिसे लेकर स्थानीय ग्रामीणों ने विरोध जताया था। ग्रामीणों का कहना था कि बाहरी लोगों की अत्यधिक भीड़ से क्षेत्र में कानून-व्यवस्था की स्थिति बिगड़ सकती है। यह क्षेत्र पहले भी ऐसे आयोजनों को लेकर तनाव का सामना कर चुका है।
ग्रामीणों ने इस संबंध में प्रशासन और पुलिस को लिखित ज्ञापन सौंपकर आपत्ति दर्ज कराई थी। इसके बाद भाजपा युवा प्रदेश प्रवक्ता ने भी ग्रामीणों की चिंता का समर्थन करते हुए प्रशासन से आयोजन की अनुमति न देने की अपील की थी। प्रशासनिक हस्तक्षेप के बाद यह प्रस्तावित कार्यक्रम रद्द कर दिया गया।
एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी के अनुसार, इस घटनाक्रम के बाद संबंधित भाजपा प्रवक्ता कुछ व्यक्तियों के निशाने पर आ गए। आरोप है कि उनके ऊपर हमले की योजना बनाई गई थी, जिसके लिए शहनवाज मलिक को विस्फोटक तैयार करने की जिम्मेदारी दी गई थी। हालांकि, योजना को अंजाम देने से पहले ही 27 जनवरी को बम तैयार करते समय अचानक विस्फोट हो गया।
27 जनवरी को क्या हुआ था
यह घटना भुवनेश्वर के एयरफील्ड थाना क्षेत्र के अंतर्गत सुंदरपाड़ा स्थित आजाद नगर में हुई थी। एक आवासीय भवन की ऊपरी मंजिल पर अचानक जोरदार विस्फोट हुआ, जिससे पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। विस्फोट के बाद घना धुआं फैल गया और स्थानीय लोग दहशत में आ गए।
इस हादसे में चार लोग गंभीर रूप से घायल हुए थे। इनमें शहनवाज मलिक, उसकी मां, उसका सहयोगी अमिया रंजन मलिक और एक महिला मित्र शामिल थे। सभी घायलों को पहले कैपिटल अस्पताल ले जाया गया, जहां से उन्हें बेहतर इलाज के लिए भुवनेश्वर के एक निजी अस्पताल में स्थानांतरित किया गया।
इलाज के दौरान शहनवाज मलिक और उसकी मां की मृत्यु हो गई, जबकि अन्य दो घायलों की स्थिति अब स्थिर बताई जा रही है।
घटना के तुरंत बाद दमकल विभाग की टीम मौके पर पहुंची और आग पर काबू पाया। इसके बाद फॉरेंसिक विशेषज्ञों ने घटनास्थल का विस्तृत निरीक्षण किया। जांच के दौरान भारी मात्रा में विस्फोटक सामग्री, जिसमें गनपाउडर, डेटोनेटर और अन्य संदिग्ध वस्तुएं शामिल थीं, बरामद कर जब्त की गईं।
आपराधिक पृष्ठभूमि और जांच की दिशा
पुलिस जांच में यह सामने आया है कि शहनवाज मलिक एक हिस्ट्रीशीटर था और उसके खिलाफ कई आपराधिक मामले दर्ज थे। वह अपनी मां, सहयोगी और एक मित्र के साथ किराए के मकान में रह रहा था। मकान मालिक की अनुपस्थिति का लाभ उठाकर वह कथित रूप से भवन की ऊपरी मंजिल पर देसी बम बनाने का काम कर रहा था।
अधिकारियों का मानना है कि विस्फोट उसी समय हुआ जब विस्फोटक सामग्री तैयार की जा रही थी। अब जांच एजेंसियां इस बात की पड़ताल कर रही हैं कि आरोपी को विस्फोटक सामग्री कहां से मिली और क्या इसमें अन्य व्यक्ति या नेटवर्क शामिल थे।
एनआईए यह भी जांच कर रही है कि क्या इस घटना के पीछे कोई संगठित आपराधिक गिरोह सक्रिय था या फिर यह केवल स्थानीय स्तर की आपराधिक गतिविधि थी। साथ ही, अंतरराज्यीय कनेक्शन और व्यापक नेटवर्क की भी जांच की जा रही है।

















