सुरों की मलिका के नाम से विख्यात रहीं पार्श्वगायिका आशा भोसले अपने गानों के चलते दुनियाभर में सम्मानित रही हैं। कहते हैं कि संगीत सीमाएं नहीं देखता। लेकिन घृणा सीमाएं निर्धारित करने की कोशिश करता है। ऐसा ही पाकिस्तान में हो रहा है, जिसकी भारत घृणा से सनी शहबाज सरकार ने आशा भोसले की न्यूज चलाने के मुद्दे पर अपने ही देश के जियो टीवी को कारण बताओ नोटिस जारी कर दिया।
रिपोर्ट के अनुसार, जियो न्यूज ने उनकी मौत की खबर कवर की। रिपोर्ट में उन्होंने आशा भोसले के काम को याद किया, उनके पुराने गाने दिखाए और भारतीय फिल्मों के कुछ दृश्य भी चलाए। चैनल ने उनकी सदाबहार आवाज और योगदान को सलाम किया था। इसी के बाद भारत विरोधी सरकार को मिर्ची लग गई। पाकिस्तान इलेक्ट्रॉनिक मीडिया रेगुलेटरी अथॉरिटी (PEMRA) ने जियो न्यूज को शो-कॉज नोटिस थमा दिया। नोटिस रविवार को जारी हुआ। PEMRA का कहना है कि चैनल ने 2018 के पाकिस्तान सुप्रीम कोर्ट के फैसले का उल्लंघन किया, जिसमें भारतीय कंटेंट पर बैन है। नोटिस में कहा गया कि भारतीय गाने और फिल्म के दृश्य दिखाना जानबूझकर नियम तोड़ना है।
किस नियम के तहत लिया गया एक्शन
पाकिस्तान ने जियो टीवी के खिलाफ ये एक्शन PEMRA ऑर्डिनेंस 2002 की धारा 20(एफ) और 2023 के संशोधन का भी उल्लंघन माना गया। नियम के मुताबिक चैनलों को प्रोग्राम और एडवर्टाइजमेंट कोड का पालन करना होता है और अपनी मॉनिटरिंग कमिटी रखनी पड़ती है। PEMRA ने जियो न्यूज के चीफ एग्जीक्यूटिव को 27 अप्रैल को बुलाया है। अगर नियम तोड़ना साबित हुआ तो जुर्माना, लाइसेंस सस्पेंड या रद्द भी हो सकता है।
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जियो न्यूज के मैनेजिंग डायरेक्टर और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया एडिटर्स एंड न्यूज डायरेक्टर्स एसोसिएशन के चेयरमैन अजहर अब्बास ने इस नोटिस को अपने एक्स अकाउंट पर शेयर किया। उन्होंने लिखा कि आइकॉनिक कलाकारों की मौत पर उनके काम को याद करना और सम्मान देना हमेशा से मीडिया की परंपरा रही है। आशा भोसले जैसी बड़ी हस्ती के लिए तो और भी ज्यादा उनके गाने दिखाने चाहिए थे। लेकिन PEMRA ने इसे रोकने का फैसला किया। अजहर अब्बास ने कहते हैं कि आशा भोसले खुद पाकिस्तान की नूर जहां को बहुत मानती थीं। पाकिस्तान में भी कई लोग उनकी मौत पर दुख जता रहे हैं और सोशल मीडिया पर श्रद्धांजलि दे रहे हैं।
संगीत सरहदें नहीं मानता
यह पूरा मामला इसलिए चर्चा में है क्योंकि एक तरफ संगीत की सरहदें नहीं होतीं, लोग दोनों तरफ आशा भोसले के गानों को प्यार करते हैं, लेकिन दूसरी तरफ मीडिया पर भारतीय कंटेंट का सख्त बैन है। जियो न्यूज ने सिर्फ एक सम्मानजनक रिपोर्ट बनाई थी, जिसमें गाने और क्लिप्स शामिल किए गए थे।
पत्रकारों ने की आलोचना
PEMRA का नोटिस आने के बाद पाकिस्तान के कुछ पत्रकारों और आम लोगों ने इसे अनुचित बताया। वे कह रहे हैं कि एक कलाकार की मौत पर श्रद्धांजलि देना गलत नहीं होना चाहिए।कुल मिलाकर, यह घटना दिखाती है कि पाकिस्तान में मीडिया कितने सख्त नियमों के बीच काम करता है, खासकर भारत से जुड़ी किसी भी चीज पर। आशा भोसले की आवाज ने दोनों देशों को जोड़ा था, लेकिन उनकी मौत की खबर पर भी नियमों की दीवार खड़ी हो गई
















