इस्लामाबाद में अमेरिका-ईरान के बीच वार्ता विफल होने के बाद अमेरिका इतना चिढ़ा हुआ है कि उसने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को बंद करना शुरू कर दिया है। यह ब्लॉकेड सोमवार शाम को ईरानी समय के हिसाब से 5:30 बजे (यूके समय 3 बजे) लागू हुआ।
ब्लॉकेड का मकसद क्या है?
अमेरिका का कहना है कि इससे ईरान की अर्थव्यवस्था पर दबाव बनेगा, क्योंकि ईरान अपना ज्यादातर तेल इसी रास्ते से निर्यात करता है। ट्रंप ने कहा कि ईरान के तेज हमला करने वाले छोटे जहाज अगर अमेरिकी बेड़े के करीब आए तो उन्हें तुरंत नष्ट कर दिया जाएगा। उन्होंने दावा किया कि तेहरान से बार-बार संपर्क आ रहा है और ईरान डील करना चाहता है, लेकिन इसके कोई सबूत नहीं दिए गए।
ट्रंप ने यह भी कहा कि अमेरिकी नौसेना स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के पूर्व में और ओमान की खाड़ी में तैनात रहेगी, जहां ईरानी मिसाइलों और ड्रोनों से अपेक्षाकृत सुरक्षित दूरी रहे। ब्लॉकेड का लक्ष्य ईरान को अपने परमाणु कार्यक्रम में यूरेनियम संवर्धन पूरी तरह बंद करने और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को अमेरिका के खाड़ी सहयोगी देशों के जहाजों के लिए खोलने पर मजबूर करना है।
ईरान की प्रतिक्रिया
वहीं अमेरिका की इस कार्रवाई के बाद ईरान ने चेतावनी दी है कि अगर अमेरिका फिर बमबारी शुरू करता है तो वह जवाबी कार्रवाई करने को तैयार है। ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन और संसद स्पीकर मोहम्मद बागेर घालिबाफ ने कहा कि इस ब्लॉकेड से अमेरिका में पेट्रोल की कीमतें बढ़ेंगी। ईरान का कहना है कि वह स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर अपना नियंत्रण बनाए रखेगा और अगर उसके बंदरगाहों को खतरा हुआ तो खाड़ी और ओमान सागर के किसी भी बंदरगाह को सुरक्षित नहीं रहने देगा। ईरान ने यह भी कहा कि अगर अमेरिकी युद्धपोत स्ट्रेट के पास आए तो इसे युद्धविराम का उल्लंघन माना जाएगा।
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क्या है पूरा मामला
28 फरवरी को अमेरिका-इजराइल गठबंधन ने ईरान पर हमला शुरू किया था। फिलहाल बुधवार से दो हफ्ते का युद्धविराम चल रहा है, जिसके तहत बमबारी रुक गई है। लेकिन बातचीत टूटने के बाद अब ब्लॉकेड शुरू हो गया है। ईरान की अर्थव्यवस्था मुख्य रूप से तेल पर टिकी है। एक पूर्व अमेरिकी अधिकारी के अनुसार, इस ब्लॉकेड से ईरान को रोजाना करीब 276 मिलियन डॉलर का निर्यात नुकसान और 159 मिलियन डॉलर का आयात नुकसान हो सकता है, यानी महीने में कुल 13 अरब डॉलर का असर।
तेल की कीमतें इस्लामाबाद में बातचीत टूटने के बाद 100 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर चली गई थीं। अमेरिका में पेट्रोल की औसत कीमत पहले 2.98 डॉलर प्रति गैलन थी, जो अब 4.13 डॉलर हो गई है।
क्या है मौजूदा स्थिति
ब्लॉकेड लागू हो चुका है। ब्रिटेन की मैरीटाइम ट्रेड ऑपरेशंस ने समुद्री यात्रियों को सतर्क रहने की सलाह दी है। अभी तक कोई औपचारिक घोषणा सेंटकॉम की तरफ से नहीं आई है, लेकिन समय के अनुसार यह शुरू हो गया है। अन्य देशों की बात करें तो ब्रिटेन, जर्मनी, स्पेन, इटली, पोलैंड और ग्रीस ने ब्लॉकेड में शामिल होने से इनकार कर दिया है। फ्रांस ने कहा है कि वह संघर्ष खत्म होने के बाद स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में नौवहन बहाल करने के लिए एक अलग रक्षात्मक मिशन की योजना बना रहा है।
















