देहरादून: दिल्ली देहरादून ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे का मंगलवार को प्रधानमंत्री उद्घाटन करने वाले हैं। ये फोटो एक्सप्रेसवे पर बने 12 किलोमीटर लंबे एलिवेटेड रोड के हैं। एक ओर राजाजी टाइगर रिज़र्व तो दूसरी ओर यूपी का शिवालिक फारेस्ट डिवीज़न है जोकि वन्यजीव विहार के रूप में जाना पहचाना जाता है। ये राष्ट्रीय राजमार्ग बनने से पहले वन्यजीव जंतुओं का प्राकृतिक वास और गलियारा था, लेकिन सड़क बनने के बाद इसमें व्यवधान आया अब इस कोरिडोर के बनते ही दशकों पुराना ये वाइल्ड लाइफ कोरिडोर फिर से जीवंत हो गया है ।
इसका प्रमाण हैं ये फोटोग्राफ्स जब ये कोरिडोर आधा ही बना था, तब राजा जी टाइगर रिजर्व से निकला एक टाइगर इसके नीचे से होते हुए यूपी के शिवालिक फारेस्ट डिवीजन के जंगलों से होते हुए हिमाचल के सिंबलबाड़ा नेशनल पार्क पहुँच गया और फिर इस से लगे हरियाणा के कलेश्वर नेशनल पार्क में चला गया। दोनों ही जगह टाइगर नहीं हैं, ये अकेला टाइगर इतना मदमस्त हुआ कि करीब दो साल बाद भी ये वापस नहीं लौटा।
अब तो उसके तमाम जंगली हाथी, मृग और अन्य दुर्लभ वन्य जीव भी आने जाने लगे हैं। राजाजी टाइगर रिजर्व के डायरेक्टर कोको रोसो कहते हैं-पर्यावरण को सरंक्षित करते हुए विकास का,ये बेहतरीन उदाहरण है। इस ग्रीन फील्ड कॉरिडोर की जिसने भी कल्पना की उसे साकार होते देखना एक सुखद अनुभूति है। प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी भी ऐसे स्थान का कल अवलोकन करेंगे जहां से वन्यजीव जंगलों में विचर रहे हैं।
सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी भी कहते आए हैं कि ये वन्यजीवों के संरक्षित एक्सप्रेस वे एशिया का सबसे लंबा राष्ट्रीय राज मार्ग है।सीएम पुष्कर सिंह धामी कहते हैं उत्तराखंड में 70 फीसदी जंगल है इस परियोजना से वन्य जीव भी संरक्षित हुए और विकास के पथ का भी निर्माण हुआ।

















